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Ambala News: साहा और बिहटा के नशा मुक्ति केंद्रों को नोटिस, होगी कार्रवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2024 03:44 AM IST
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Notice to de-addiction centres of Saha and Bihta, action will be taken
नशा मुक्ति केंद्र में निरीक्षण करती हुई जिला स्तरीय टीम।
अंबाला सिटी। नियमों को ताक करने पर जिला स्तरीय समिति और स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सोमवार को साहा और बिहटा में उम्मीद और दशमेश नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों केंद्रों में कमियां मिलीं जो मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के मानकों के खिलाफ थी। दोनों ही केंद्रों में नियमित चिकित्सक नहीं थे।
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उम्मीद में चिकित्सक सप्ताह में एक दिन आता है जबकि दशमेश में कई दिनों में बाद ही चिकित्सक आता है। दोनों ही केंद्रों में काउंसलर, जरूरी दवाएं, जरूरी उपकरणों की कमियां मिलीं। इसके चलते जिला स्तरीय टीम की ओर से दोनों नशा मुक्ति केंद्रों को 10 दिन में जवाब देने के लिए नोटिस दिया है। इसके साथ ही केंद्रों में भर्ती मरीजों को पास के केंद्रों में भेजा है और उनके परिवारों और अभिभावकों को भी सूचित किया है। इन दोनों ही केंद्रों में 28 से 30 मरीज भर्ती थे।
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गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य की ओर से विभाग को निरीक्षण के आदेश दिए गए थे। बीते माह भी रसूलपुर में स्थित संजीवनी वेलफेयर अस्पताल में भी टीम की ओर से औचक निरीक्षण किया था। इसमें केंद्र में क्षमता से अधिक मरीज पाए थे। यहां तक की अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक भी उपलब्ध नहीं था। गौरतलब है कि जिले में कुल 16 पंजीकृत नशा मुक्ति केंद्र है। इनमें से प्रत्येक को नोटिस मिल चु।के है। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
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ये रहें टीम में शामिल
निरीक्षण के दौरान टीम में एडीसी कार्यालय की ओर से अनिल हुड्डा, सोशल वेलफेयर कमेटी की ओर से सतीश कुमार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मनोरोग चिकित्सक डॉ. राजेंद्र राय और डॉ. दीपांशी शामिल रहे।

दोनों केंद्रों में ये मिली कमियां
- दोनों केंद्रों में चिकित्सकों नियमितता नहीं थी।
- केंद्रों के फायर एनओसी भी नहीं थी
- आपातकालीन में इस्तेमाल कि जाने वाली दवाइयां भी नहीं थी
- मरीजों के लिए प्रर्याप्त मात्रा में स्टाफ भी नहीं था।
- उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरणों की भी कमी पाई गई।
वर्जन
राज्य की ओर से आदेश मिलने के बाद दोनों केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान जो भी कमियां पाई गई है उन्हें देखते हुए केंद्रों को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस के जवाब के बाद ही आगे की कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।
--- डॉ राजेंद्र राय, जिला मनोरोग स्वास्थ्य अधिकारी
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