{"_id":"6227b6e674b09e7a8f074c03","slug":"not-even-10-percent-of-cm-s-announcements-were-fulfilled-ambala-news-knl1012763109","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम की घोषणाओं में से 10 प्रतिशत भी पूरी नहीं हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम की घोषणाओं में से 10 प्रतिशत भी पूरी नहीं हुई
विज्ञापन
अंबाला। हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट के संस्थापक और पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि जो घोषणाएं सीएम मनोहर लाल ने अनेकों घोषणाएं की थी, लेकिन उनमें से 10 प्रतिशत घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। बजट में किसान, मजदूर, दलित, व्यापारी, शिक्षित वर्ग के लिए कुछ नहीं हैं। जिले की पूर्ण रूप से अनदेखी की गई है। खासकर युवाओं के लिए बजट में कोई ध्यान नहीं दिया गया। बजट में महंगाई को बढ़ावा देने का काम किया गया। शिक्षा के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का बजट प्रदेश के हित में नहीं है।
बजट आंकड़ों की बाजीगरी
इनेलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने बजट को आंकड़ों की बाजीगरी बताया। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान प्रत्येक व्यक्ति की आधारभूत आवश्यकता है, बजट में उसके बारे में नहीं सोचा गया। वहीं सरकार ने बजट से पहले ही 40 लाख नई प्रॉपर्टी आईडी तैयार कराई है, इससे प्रदेश की जनता पर सीधे करोड़ों रुपये का बोझ डाल दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी की दर भी महिलाओं के लिए तीन से बढ़ा कर पांच प्रतिशत और पुरुषों के लिए पांच से बढ़ा कर सात प्रतिशत कर दी गई।
गुरु गोबिंद सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी स्थापित करने पर सीएम ने साधी चुप्पी
प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने सरकार की ओर से घोषित गुरु गोबिंद सिंह यूनिवर्सिटी और आईएमटी को लेकर कोई एलान नहीं किया। सरकार ने यह बजट गरीबों के लिए नहीं, बल्कि अमीरों के कल्याण के लिए बनाया है। गांव, गरीब, मजदूर व किसान के साथ-साथ युवाओं के हितों की अनदेखी की गई। प्रदेश के व्यापारियों व दूसरे नागरिकों के हितों पर कुठाराघात किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट से सरकार की नाकामियों की पोल खुल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बजट आंकड़ों की बाजीगरी
इनेलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने बजट को आंकड़ों की बाजीगरी बताया। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान प्रत्येक व्यक्ति की आधारभूत आवश्यकता है, बजट में उसके बारे में नहीं सोचा गया। वहीं सरकार ने बजट से पहले ही 40 लाख नई प्रॉपर्टी आईडी तैयार कराई है, इससे प्रदेश की जनता पर सीधे करोड़ों रुपये का बोझ डाल दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी की दर भी महिलाओं के लिए तीन से बढ़ा कर पांच प्रतिशत और पुरुषों के लिए पांच से बढ़ा कर सात प्रतिशत कर दी गई।
विज्ञापन
गुरु गोबिंद सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी स्थापित करने पर सीएम ने साधी चुप्पी
प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने सरकार की ओर से घोषित गुरु गोबिंद सिंह यूनिवर्सिटी और आईएमटी को लेकर कोई एलान नहीं किया। सरकार ने यह बजट गरीबों के लिए नहीं, बल्कि अमीरों के कल्याण के लिए बनाया है। गांव, गरीब, मजदूर व किसान के साथ-साथ युवाओं के हितों की अनदेखी की गई। प्रदेश के व्यापारियों व दूसरे नागरिकों के हितों पर कुठाराघात किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट से सरकार की नाकामियों की पोल खुल गई।
विज्ञापन