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Ambala News: सैंपल कंटेनर नहीं, एक सप्ताह से यूरिन जांच बंद
Fri, 18 Jul 2025 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 18 Jul 2025 02:51 AM IST
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अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल की लैब में इन दिनों यूरिन जांच करवाने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। चार दिनों से अस्पताल की लैब में यूरिन जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है।
दरअसल अस्पताल की लैब में यूरिन व स्टूल के सैंपल रखने के लिए खाली कंंटेनर ही नहीं हैं। जबकि यह कंटेनर अधिक महंगा भी नहीं आता है। सरकारी रेट को देखें तो लगभग दो रुपये का पड़ता है। इसलिए लैब में आने वाले मरीजों को जांच के बिना ही वापस भेजा जा रहा है।
यह भी पता चला है कि अभी तक वेंडर ने अस्पताल को खाली कंटेनर देने के लिए हामी नहीं भरी है। इसलिए आपूर्ति में देरी हो रही है। लैब अधिकारियों ने कहा कि कंटेनर के लिए पीएमओ कार्यालय को लिखा गया है। मगर अभी तक नहीं मिली है।
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जांच करवाना भी परेशानी से कम नहीं : नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक यूरिन की जांच को टेस्ट के लिखे जाते हैं। इसके बाद मरीज अपनी पर्ची लेकर एक घंटे तक स्लिप कटवाने के लिए लाइनों में लगता है। तब जाकर मरीज लैब के दरवाजे की लाइन में लगता है। इसके बाद सैंपल के खाली कंटेनर मिलते हैं। मगर अब घंटों इंतजार के बाद भी मरीज लैब तक जाते हैं और हताश होकर ही लौट आते हैं। इसलिए अब काउंटर पर ही मरीज को टेस्ट न होने के बारे में सूचित किया जाने लगा है। यूरिन की जांच गुर्दे की बीमारी, मधुमेह, गर्भावस्था, सर्जरी से पहले और कुछ बीमारियों की निगरानी के लिए भी यूरिन की जांच करवाई जाती है।
बाहर से करवानी होगी जांच : विनीता जोशी ने बताया कि वह अपने पति के साथ अस्पताल में अपनी जांच के लिए आई थी। चिकित्सक ने यूरिन जांच करवाने के लिए लिखा तो वह लैब में पहुंची। मगर यहां पर पता चला कि यूरिन जांच बंद पड़ी है। ऐसे में अब उन्हें मजबूरी में बाहर से ही जांच करवानी पड़ेगी।
मेडिकल के लिए करवानी थी जांच : मिड डे मिल वर्कर सुनीता रानी ने बताया कि उन्हें अपना फिटनेस मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाना था। जिसके लिए वह लैब में पहुंचीं थीं। मगर यहां पर पता चला कि यहां तो यूरिन जांच ही नहीं हो रही है। जबकि प्रमाण पत्र जल्दी जमा करवाना है। संवाद
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दरअसल अस्पताल की लैब में यूरिन व स्टूल के सैंपल रखने के लिए खाली कंंटेनर ही नहीं हैं। जबकि यह कंटेनर अधिक महंगा भी नहीं आता है। सरकारी रेट को देखें तो लगभग दो रुपये का पड़ता है। इसलिए लैब में आने वाले मरीजों को जांच के बिना ही वापस भेजा जा रहा है।
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यह भी पता चला है कि अभी तक वेंडर ने अस्पताल को खाली कंटेनर देने के लिए हामी नहीं भरी है। इसलिए आपूर्ति में देरी हो रही है। लैब अधिकारियों ने कहा कि कंटेनर के लिए पीएमओ कार्यालय को लिखा गया है। मगर अभी तक नहीं मिली है।
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जांच करवाना भी परेशानी से कम नहीं : नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक यूरिन की जांच को टेस्ट के लिखे जाते हैं। इसके बाद मरीज अपनी पर्ची लेकर एक घंटे तक स्लिप कटवाने के लिए लाइनों में लगता है। तब जाकर मरीज लैब के दरवाजे की लाइन में लगता है। इसके बाद सैंपल के खाली कंटेनर मिलते हैं। मगर अब घंटों इंतजार के बाद भी मरीज लैब तक जाते हैं और हताश होकर ही लौट आते हैं। इसलिए अब काउंटर पर ही मरीज को टेस्ट न होने के बारे में सूचित किया जाने लगा है। यूरिन की जांच गुर्दे की बीमारी, मधुमेह, गर्भावस्था, सर्जरी से पहले और कुछ बीमारियों की निगरानी के लिए भी यूरिन की जांच करवाई जाती है।
बाहर से करवानी होगी जांच : विनीता जोशी ने बताया कि वह अपने पति के साथ अस्पताल में अपनी जांच के लिए आई थी। चिकित्सक ने यूरिन जांच करवाने के लिए लिखा तो वह लैब में पहुंची। मगर यहां पर पता चला कि यूरिन जांच बंद पड़ी है। ऐसे में अब उन्हें मजबूरी में बाहर से ही जांच करवानी पड़ेगी।
मेडिकल के लिए करवानी थी जांच : मिड डे मिल वर्कर सुनीता रानी ने बताया कि उन्हें अपना फिटनेस मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाना था। जिसके लिए वह लैब में पहुंचीं थीं। मगर यहां पर पता चला कि यहां तो यूरिन जांच ही नहीं हो रही है। जबकि प्रमाण पत्र जल्दी जमा करवाना है। संवाद