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रैन बसेरे के कर्मी पर अवैध वसूली का आरोप
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अंबाला छावनी के बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा
- फोटो : Ambala
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अंबाला। जब समझौता हो गया तो आपने पुलिस को शिकायत क्यों कर दी, बाऊजी आपने जो करना था वो कर दिया, अब मेरी बारी है...। धमकी भरा यह ऑडियो अंबाला छावनी बस अड्डे पर सरकार द्वारा बनाए गए रैन बसेरे में अवैध वसूली प्रकरण के बाद वायरल हुआ है। यमुनानगर निवासी एक यात्री ने रैन बसेरे मेें तैनात आउटसोर्स कर्मी पर 200 रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इसकी लिखित शिकायत नगर परिषद अंबाला और पुलिस को दी गई है।
बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज के प्रयासों से बस अड्डे के प्रवेश द्वार पर महिलाओं और पुरुषों के लिए दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। बेहतर सुविधाओं से लैस इन रैन बसेरों पर सरकार ने करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए थे, ताकि बेसहारा किसी यात्री को ठहरने और सोने का ठिकाना निशुल्क उपलब्ध मिल सके। इसके विपरीत रैन बसेरों में अवैध वसूली हो रही है। इन रैन बसेरों की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद अंबाला छावनी के कंधों पर है। नगर परिषद ने यहां आउटसोर्स स्टाफ को तैनात किया हुआ है। इनके खिलाफ संबंधित पुलिस चौकी और अंबाला नगर परिषद में यमुनानगर वासी मनोज नाम के एक यात्री ने लिखित शिकायत दी है। उसने बताया कि उससे 200 रुपये की अवैध वसूली की गई है।
साथ ही यह भी आरोप है कि वह अकेला नहीं है, अन्य लोगों से भी अवैध वसूली की गई है। इस यात्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह को दी थी। ओंकार सिंह ने रैन बसेरे में जाकर पूछताछ की थी। उनका कहना है कि आरोपी ने उन्हें 200 रुपये वापस भी दिए, लेकिन यह मामला 200 रुपये या किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यहां मजबूर लोगों के साथ अवैध वसूली हो रही है। इसलिए उन्होंने इस मामले में पुलिस और संबंधित परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रविंद्र सिंह को लिखित में शिकायत और ऑडियो व वीडियो भी दी है।
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एक विशेष राजनीतिक दल पर लगाया आरोप
ओंकार सिंह का आरोप है कि छावनी बस स्टैंड पर करोड़ों रुपये की लागत से आमजन की सुविधा के लिए बने निशुल्क रैन बसेरे में तैनात किए गए कर्मचारी अवैध वसूली कर बेसहारा लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह गृह मंत्री के गृह क्षेत्र में हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्स पर लगे जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, वे एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ता व कार्यकर्ताओं के रिश्तेदार हैं।
ईओ ने सचिव को सौपी जांच
नगर परिषद छावनी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रविंद्र सिंह ने शिकायत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में अवैध वसूली संबंधित लिखित शिकायत उन्हें मिली है। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच परिषद के सचिव राजेश कुमार को सौंपी है। अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी उन्हें ऑडियो और वीडियो नहीं मिली है।
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बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज के प्रयासों से बस अड्डे के प्रवेश द्वार पर महिलाओं और पुरुषों के लिए दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। बेहतर सुविधाओं से लैस इन रैन बसेरों पर सरकार ने करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए थे, ताकि बेसहारा किसी यात्री को ठहरने और सोने का ठिकाना निशुल्क उपलब्ध मिल सके। इसके विपरीत रैन बसेरों में अवैध वसूली हो रही है। इन रैन बसेरों की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद अंबाला छावनी के कंधों पर है। नगर परिषद ने यहां आउटसोर्स स्टाफ को तैनात किया हुआ है। इनके खिलाफ संबंधित पुलिस चौकी और अंबाला नगर परिषद में यमुनानगर वासी मनोज नाम के एक यात्री ने लिखित शिकायत दी है। उसने बताया कि उससे 200 रुपये की अवैध वसूली की गई है।
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साथ ही यह भी आरोप है कि वह अकेला नहीं है, अन्य लोगों से भी अवैध वसूली की गई है। इस यात्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह को दी थी। ओंकार सिंह ने रैन बसेरे में जाकर पूछताछ की थी। उनका कहना है कि आरोपी ने उन्हें 200 रुपये वापस भी दिए, लेकिन यह मामला 200 रुपये या किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यहां मजबूर लोगों के साथ अवैध वसूली हो रही है। इसलिए उन्होंने इस मामले में पुलिस और संबंधित परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रविंद्र सिंह को लिखित में शिकायत और ऑडियो व वीडियो भी दी है।
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एक विशेष राजनीतिक दल पर लगाया आरोप
ओंकार सिंह का आरोप है कि छावनी बस स्टैंड पर करोड़ों रुपये की लागत से आमजन की सुविधा के लिए बने निशुल्क रैन बसेरे में तैनात किए गए कर्मचारी अवैध वसूली कर बेसहारा लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह गृह मंत्री के गृह क्षेत्र में हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्स पर लगे जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, वे एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ता व कार्यकर्ताओं के रिश्तेदार हैं।
ईओ ने सचिव को सौपी जांच
नगर परिषद छावनी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रविंद्र सिंह ने शिकायत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में अवैध वसूली संबंधित लिखित शिकायत उन्हें मिली है। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जांच परिषद के सचिव राजेश कुमार को सौंपी है। अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी उन्हें ऑडियो और वीडियो नहीं मिली है।