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Ambala News: दिल लेना खेल है गाने पर झूमे संगीतप्रेमी
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अंबाला सिटी। गुदगुदी जंक्शन समूह द्वारा एक निजी होटल में सोमवार शाम को संगीतमयी कार्यक्रम सदाबहार गीत आयोजित किया गया। सदस्य मंदीप शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम की मेजबानी अंबाला सिटी प्रभारी रोहित जैन ने की।
इसमें बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी शामिल हुए। कुरुक्षेत्र से संस्थापक अध्यक्ष चन्द्रमौलि गौड़ की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ।
इसमें संरक्षक जितेंद्र बंसल, मार्गदर्शक मंडल सदस्य डॉ संजय गौतम, वरिष्ठ पदाधिकारी अमरजीत पांचाल, सुरेंद्र राजू शर्मा, अंबाला कैंट प्रभारी राकेश आहूजा और इस्माइलाबाद खंड (कुरुक्षेत्र) प्रभारी करमजीत सिंह शामिल हुए।
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तत्पश्चात सभी सदस्यों का परिचय और कुशलक्षेम वार्ता हुई। कार्यक्रम में 14 गायकों ने अपनी मधुर आवाज में फिल्मी गीतों से समा बांधा।
इसमें कोलकाता से आमंत्रित स्टार सिंगर घनश्याम पहाड़िया ने मोहम्मद रफी के गीत मैंने पूछा चांद से कि देखा है कहीं, इंद्र शर्मा ने चांद से पर्दा कीजिए, कुलदीप मेहता ने समां है सुहाना सुहाना, पवन शर्मा ने मेरे महबूब कयामत होगी, इंद्र परूथी ने दिल में हो तुम आंखों में तुम, रोहित जैन ने ओ मेरे दिल के चैन, सुरेन्द्र धीमान ने मुसाफिर हूं
यारों, करमजीत सिंह ने दिल लेना खेल है दिलदार दा, दीपांशी शर्मा ने मौसम मस्ताना, देवांशी ने मेरे नसीब में तू है कि नहीं, कबीर भोला ने मैं कोई ऐसा गीत गाऊं, सुनील वत्स ने हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम, अमन वर्मा ने मेरे रश्के कमर और राहुल वर्मा ने एहसान तेरा होगा मुझ पर आदि गीतों से समां बांधा।
इस दौरान रोहित जैन और देवांशी का ड्यूट सॉन्ग ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं काफी सराहनीय रहा। गीतों के अंतराल में प्रकाश सिंह बादल की कविता तू क्यूं चला गया बचपन और नन्हीं बालिका राबिया भोला के झूमर नृत्य ने खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में शायरी भी खूब हुई, इसका सभी श्रोताओं ने लुत्फ उठाया।
कुरुक्षेत्र से आए केंद्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने डॉ संजय गौतम को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दोशाला, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान करके सम्मानित किया। इसी तरह डॉ़ संजय गौतम की ओर से गायकों और पदाधिकारियों को तुलसी के पौधे गिफ्ट किए गए।
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इसमें बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी शामिल हुए। कुरुक्षेत्र से संस्थापक अध्यक्ष चन्द्रमौलि गौड़ की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ।
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इसमें संरक्षक जितेंद्र बंसल, मार्गदर्शक मंडल सदस्य डॉ संजय गौतम, वरिष्ठ पदाधिकारी अमरजीत पांचाल, सुरेंद्र राजू शर्मा, अंबाला कैंट प्रभारी राकेश आहूजा और इस्माइलाबाद खंड (कुरुक्षेत्र) प्रभारी करमजीत सिंह शामिल हुए।
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तत्पश्चात सभी सदस्यों का परिचय और कुशलक्षेम वार्ता हुई। कार्यक्रम में 14 गायकों ने अपनी मधुर आवाज में फिल्मी गीतों से समा बांधा।
इसमें कोलकाता से आमंत्रित स्टार सिंगर घनश्याम पहाड़िया ने मोहम्मद रफी के गीत मैंने पूछा चांद से कि देखा है कहीं, इंद्र शर्मा ने चांद से पर्दा कीजिए, कुलदीप मेहता ने समां है सुहाना सुहाना, पवन शर्मा ने मेरे महबूब कयामत होगी, इंद्र परूथी ने दिल में हो तुम आंखों में तुम, रोहित जैन ने ओ मेरे दिल के चैन, सुरेन्द्र धीमान ने मुसाफिर हूं
यारों, करमजीत सिंह ने दिल लेना खेल है दिलदार दा, दीपांशी शर्मा ने मौसम मस्ताना, देवांशी ने मेरे नसीब में तू है कि नहीं, कबीर भोला ने मैं कोई ऐसा गीत गाऊं, सुनील वत्स ने हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम, अमन वर्मा ने मेरे रश्के कमर और राहुल वर्मा ने एहसान तेरा होगा मुझ पर आदि गीतों से समां बांधा।
इस दौरान रोहित जैन और देवांशी का ड्यूट सॉन्ग ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं काफी सराहनीय रहा। गीतों के अंतराल में प्रकाश सिंह बादल की कविता तू क्यूं चला गया बचपन और नन्हीं बालिका राबिया भोला के झूमर नृत्य ने खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में शायरी भी खूब हुई, इसका सभी श्रोताओं ने लुत्फ उठाया।
कुरुक्षेत्र से आए केंद्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने डॉ संजय गौतम को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दोशाला, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान करके सम्मानित किया। इसी तरह डॉ़ संजय गौतम की ओर से गायकों और पदाधिकारियों को तुलसी के पौधे गिफ्ट किए गए।