{"_id":"6a9b20d54e5abecd390b17c4","slug":"msme-units-to-get-exemption-from-qco-ambala-news-c-36-1-amb1002-168971-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: एमएसएमई इकाइयों को क्यूसीओ से मिलेगी छूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: एमएसएमई इकाइयों को क्यूसीओ से मिलेगी छूट
Sat, 05 Sep 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
प्रयोगशाला के ग्लासवेयर उत्पाद तैयार करता कर्मचारी। आर्काइव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। केंद्र सरकार की ओर से लैबोरेटरी ग्लासवेयर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश, 2023 में किए गए संशोधन से अंबाला के छोटे और मध्यम ग्लासवेयर निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है। संशोधित नियमों के तहत उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) इकाइयों को कुछ शर्तों के आधार पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) से छूट दी जाएगी।
सरकार के इस फैसले से अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण और प्रयोगशाला ग्लासवेयर उद्योग में खुशी की लहर है। नए प्रावधानों के अनुसार, जिन एमएसएमई इकाइयों का प्लांट, मशीनरी और उपकरणों में निवेश 1 करोड़ रुपये तक है और पिछले वित्तीय वर्ष का टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक रहा है, उन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा। असीमा ने अपने सभी पात्र सदस्य निर्माताओं से अपील की है कि वे संशोधित आदेश के प्रावधानों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और अपनी पात्रता के अनुसार इस छूट का लाभ सुनिश्चित करें।
अनुपालन लागत और नियामकीय बोझ होगा कम
अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) के महासचिव उमा कांत ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बेहतरीन पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से अंबाला के छोटे निर्माताओं पर से अनुपालन लागत और अनावश्यक नियामकीय बोझ काफी कम होगा। इससे बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उद्योग के विकास को नई गति मिलेगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
उन्होंने बताया कि सरकार ने दो साल पहले ग्लायवेयर उत्पादों में बीआईएस हॉलमार्क का ग्लास तैयार करना अनिवार्य कर दिया था। जब कारोबारियों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई तो सरकार ने कुछ समय के लिए छूट दे दी। मगर भविष्य में इस फैसले को लागू होना था। इससे अंबाला सहित देशभर के कई ग्लासवेयर कारोबारी प्रभावित हो रहे थे। खासकर छोटे कारोबारी जिनके पास काफी कम संसाधन हैं। अंबाला में ऐसी 100 के करीब इकाइयां हैं। इस फैसले के आने के बाद से अब छोटी टर्नओवर वाली इकाइयों को परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
सरकार के इस फैसले से अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण और प्रयोगशाला ग्लासवेयर उद्योग में खुशी की लहर है। नए प्रावधानों के अनुसार, जिन एमएसएमई इकाइयों का प्लांट, मशीनरी और उपकरणों में निवेश 1 करोड़ रुपये तक है और पिछले वित्तीय वर्ष का टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक रहा है, उन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा। असीमा ने अपने सभी पात्र सदस्य निर्माताओं से अपील की है कि वे संशोधित आदेश के प्रावधानों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और अपनी पात्रता के अनुसार इस छूट का लाभ सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
अनुपालन लागत और नियामकीय बोझ होगा कम
अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) के महासचिव उमा कांत ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बेहतरीन पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से अंबाला के छोटे निर्माताओं पर से अनुपालन लागत और अनावश्यक नियामकीय बोझ काफी कम होगा। इससे बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उद्योग के विकास को नई गति मिलेगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सरकार ने दो साल पहले ग्लायवेयर उत्पादों में बीआईएस हॉलमार्क का ग्लास तैयार करना अनिवार्य कर दिया था। जब कारोबारियों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई तो सरकार ने कुछ समय के लिए छूट दे दी। मगर भविष्य में इस फैसले को लागू होना था। इससे अंबाला सहित देशभर के कई ग्लासवेयर कारोबारी प्रभावित हो रहे थे। खासकर छोटे कारोबारी जिनके पास काफी कम संसाधन हैं। अंबाला में ऐसी 100 के करीब इकाइयां हैं। इस फैसले के आने के बाद से अब छोटी टर्नओवर वाली इकाइयों को परेशानी नहीं होगी।