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बाड़ा गांव की पंचायत में युवा सरपंच का फैसला, अब नए घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूरी

Sun, 21 Jul 2019 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2019 12:51 AM IST
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Motivation of the water conservation
Motivation of the water conservation - फोटो : AMBALA
अंबाला कैंट। जल है तो कल है। इस बात को अंबाला के बाड़ा गांव की पंचायत ने बड़ी गहराई से समझा है। उन्होंने जल संरक्षण की ऐसी मिसाल बना डाली कि हर कोई उनसे प्रेरित होना चाहेगा। भूमिगत जल के संरक्षण के लिए पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला कर नवनिर्मित घरों व सूक्ष्म लघु औद्योगिक इकाईयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं जो पुराने घर बने हैं, उनमें भी यह यंत्र लगाने के लिए सभी को जागरूक किया जा रहा है। यह गांव के युवा सरपंच विकास बहगल की पहल की बदौलत संभव हो सका है।
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बता दें कि अंबाला ब्लॉक वन में सेना क्षेत्र क्रास करते ही बाड़ा गांव बसा है। यहां की आबादी ढाई हजार व करीब 550 घर बने हुए हैं। गांव हमेशा से ही बुनियादी समस्या से लड़ता आया है। गांव में ज्यादातर पशुपालक हैं और उनकी रोजी रोटी का बड़ा जरिया भी पशुपालन और दूध है। गांव में जल संकट से निजात पाने के लिए पंचायत की इच्छाशक्ति ने नए घरों व सूक्ष्म लघु औद्योगिक इकाईयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने का फैसला किया है। 32 वर्षीय सरपंच विकास बहगल का कहना है कि उन्होंने ग्राम सभा का आयोजन इस पर सर्वसम्मति से फैसला किया है। इस यंत्र को लगाने की शुरुआत भी कर दी गई है। सबसे पहले ग्राम सचिवालय में लगाया गया है। उनका तर्क है कि जब एक घर बनाने में हम 10 लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं तो जल संरक्षण के लिए 10 से 20 हजार खर्च करने में पीछे नहीं हटना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शुरू में कुछ दिक्कतें आएंगी, लेकिन ग्रामीणों को प्रेम से इस पहल को सफल बनाने के लिए मनाएंगे। यह हमारी सबसे बड़ी जरूरत है। गांव में दो-तीन नए घर बन रहे हैं, उनके मालिकों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के तैयार किया गया है।
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गांव में लगाया सोलर लिफ्ट सिंचाई संयंत्र
उन्होंने बताया कि गांव में माइनर से मिल रहे पानी के सदुपयोग के लिए जल क्रांति सिंचाई परियोजना के तहत सोलर लिफ्ट सिंचाई संयंत्र लगाया गया है, जिसका फायदा लगभग सौ एकड़ कृषि योग्य भूमि को मिल रहा है। यही नहीं प्रधानमंत्री सिंचाई योजना व टपका सिंचाई के तहत ग्रामीणों को जल की महत्ता बारे जागरूक किया गया है। उनका प्रयास है कि धान की खेती के लिए किसान इस विधि का प्रयोग कर सकें, ताकि जल को बचाया जा सके।
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पूरा गांव सीसीटीवी कैमरों से है युक्त
सरपंच विकास बहगल ने बताया कि ग्राम सचिवालय में गांववासियों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही सभी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन देने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों को किसी भी योजना का फार्म भरने के लिए अब शहर नहीं जाना पड़ता बल्कि यहीं से उन्हें यह सुविधा देने का काम किया जा रहा है। पूरा गांव सीसीटीवी कैमरों से युक्त है। पंचायत घर में बैठकर पूरे गांव की गतिविधियों को देखा जा सकता है। इसके साथ-साथ यदि कोई भी अनाउंसमेंट करनी है तो यही से बैठकर की जा सकती है, जिससे आवश्यक जानकारी ग्रामीणों को आसानी से मिल जाती है।
सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के काम में भी पहला गांव
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के कार्य को शुरू करने वाला गांव बाड़ा ही है। इसमें शहरों की तर्ज पर स्वच्छता के लिए नया कदम उठाया गया है।

जल संरक्षण को लेकर जिले में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंबाला वन के बाड़ा गांव की पंचायत ने नए मकान व फैक्टरी खोलने पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। पंचायत की अनूठी पहल पर प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
- कैप्टन शक्ति सिंह, एडीसी, अंबाला
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