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पहाड़ों के स्वामी हिमनरेश हिमावन के घर जन्मीं थी मां पार्वती : पं. भगवती प्रसाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Mar 2024 02:17 AM IST
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Mother Parvati was born in the house of Himanresh Himavan, the lord of the mountains: Pt. Bhagwati Prasad
अंबाला सिटी के सेक्टर-7 में स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे श्रीराम चरित्रमानस रामायण
अंबाला सिटी। किसी भी बात को लेकर संशय करना उचित नहीं होता, भ्रमित जीव कभी भी सही निर्णय नहीं ले सकता और न ही वह जीव सच्चाई का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। मात्र भ्रमित होकर ही विभिन्न प्रकार की कल्पनाएं करने लगता है, जोकि किसी भी जीव के लिए उचित नहीं होती।
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यह शब्द अंबाला सिटी के सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रही श्रीराम चरित मानस रामायण पाठ की कथा के दौरान कथा व्यास पं. भगवती प्रसाद पुरोहित ने उपस्थित भक्तों को कही। वहीं उन्होंने माता पार्वती जन्म कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब सती मां भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने गई थी, कहीं न कहीं वह भ्रमित हो गई थी, क्योंकि भगवान शिव ने उन्हें बहुत समझाया, मगर सती ने एक न सुनी और भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने पहुंची, जिससे भगवान शिव क्रोधित हुए थे, लेकिन सती माता ने अपने जीवन का त्याग कर दोबारा माता पार्वती के रूप में राजा हिमालय की पत्नी मेनका के गर्भ से जन्म लिया था।
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शास्त्रों के अनुसार देवी पार्वती का जन्म हिमनरेश हिमावन, जोकि पहाड़ों के स्वामी थे। देवी पार्वती के पिता हिमालय के अवतार थे। इसलिए उन्हें उमा, गोरी, अम्बिका भवानी नामों से भी देवी पार्वती को पुकारा जाता है। देवी पार्वती शक्ति का अवतार रही हैं और भगवान शिव की कृपा से ही पार्वती माता को आपार शक्तियों का वरदान प्राप्त था।
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कथा से पूर्व पंडित धमेंद्र गौड व पंडित त्रिलोचन शर्मा ने श्री रामायण पुराण का विधिवत पूजन करवाया गया। जिसमें मुख्य यजमान के तौर पर पहुंचे सुदर्शन परिवार की ओर से समाजसेवी अनुभव अग्रवाल ने पूजन किया। इसके बाद गणेश वंदना कर कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के समापन पर सुदर्शन परिवार व अन्य ने भगवान श्रीराम के दरबार में आरती की।
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