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Ambala News: मानसून सिर पर... सर्वे के बाद होगा बेगना नदी की खोदाई का काम
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जानकारी देते गोला गांव के ग्रामीण । संवाद
- फोटो : मनीष शर्मा
रमाकांत अत्री
मुलाना। बरसाती सीजन में हर बार गांव गोला में बेगना नदी भारी नुकसान पहुंचाती है। बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों के रास्ते गांव तक मार करता है। इसी पानी से गोला गांव को बचाने के लिए बेगना नदी की गाद निकालने का टेंडर हो चुका है।
अब नदी की खोदाई कर इसे गहरा किया जाएगा, ताकि पानी नदी के रास्ते से ही आगे निकल जाए और गांव में न घुसे लेकिन नदी में यह कार्य सर्वे पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाएगा। मौके पर हालात ऐसे हैं कि अभी तक नदी की खोदाई ही शुरू नहीं हुई है जबकि हरियाणा में 25 जून के आसपास मानसून की बारिश हो जाती है।
इस पूरी प्रक्रिया पर सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी हावी दिखाई दे रही है। यदि कुछ दिनों में बारिश हो गई, तो इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। ग्रामीण बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नदी का टेंडर होने की जानकारी तो मिली है, लेकिन विभाग की सुस्ती चिंता का विषय है। साल 2025 में 25 मई को ही बेगना नदी में उफान आ गया था और अब भी बरसाती सीजन बिल्कुल सिर पर है। ऐसे में विभाग की ढीली कार्यप्रणाली साफ झलकती है। गांव में साल 2025 में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए थे, लेकिन साल गुजर जाने के बाद भी विभाग ने पानी की समय पर निकासी के लिए ठोस कदम नहीं उठाया। संवाद
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मुलाना। बरसाती सीजन में हर बार गांव गोला में बेगना नदी भारी नुकसान पहुंचाती है। बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों के रास्ते गांव तक मार करता है। इसी पानी से गोला गांव को बचाने के लिए बेगना नदी की गाद निकालने का टेंडर हो चुका है।
अब नदी की खोदाई कर इसे गहरा किया जाएगा, ताकि पानी नदी के रास्ते से ही आगे निकल जाए और गांव में न घुसे लेकिन नदी में यह कार्य सर्वे पूरा होने के बाद ही शुरू किया जाएगा। मौके पर हालात ऐसे हैं कि अभी तक नदी की खोदाई ही शुरू नहीं हुई है जबकि हरियाणा में 25 जून के आसपास मानसून की बारिश हो जाती है।
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इस पूरी प्रक्रिया पर सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी हावी दिखाई दे रही है। यदि कुछ दिनों में बारिश हो गई, तो इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। ग्रामीण बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नदी का टेंडर होने की जानकारी तो मिली है, लेकिन विभाग की सुस्ती चिंता का विषय है। साल 2025 में 25 मई को ही बेगना नदी में उफान आ गया था और अब भी बरसाती सीजन बिल्कुल सिर पर है। ऐसे में विभाग की ढीली कार्यप्रणाली साफ झलकती है। गांव में साल 2025 में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए थे, लेकिन साल गुजर जाने के बाद भी विभाग ने पानी की समय पर निकासी के लिए ठोस कदम नहीं उठाया। संवाद

जानकारी देते गोला गांव के ग्रामीण । संवाद- फोटो : मनीष शर्मा
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