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Ambala News: बस अड्डे पर मॉकड्रिल, आधे घंटे बाद पहुंची बम डिस्पोजल स्क्वायड टीम
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cहालांकि इस दौरान तीन स्तर की जांच टीम ने की। पहले बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ कर्मचारी को बैग के नजदीक भेजा और उसने मेटल डिटेक्टर की मदद से बैग को खंगाला। इसके बाद स्निफर डॉग और एक्सरे मशीन के साथ कर्मचारी को मौके पर भेजा गया, लेकिन बैग में कोई भी संदिग्ध वस्तु या सामान नजर नहीं आया। तसल्ली होने के बाद कर्मचारी ने जब बैग खोला तो इसके अंदर से पुराने कपड़े मिले जोकि जांच के बाद होमगार्ड जवान के सुपुर्द कर दिया गया।
परिसर नहीं किया सील
लावारिस बैग की सूचना पर लालकुर्ती चौकी पुलिस सतर्क हो गई थी और वो दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गई। लोगों व यात्रियों को बैग तक न जाने देने के लिए पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई, बावजूद इसके लोग इसके नजदीक घूमते नजर आए। वहीं बैग से कुछ दूरी पर ही काफी संख्या में लोग तमाशबीन की तरह डटे रहे, जिन्हें हटाने के लिए पुलिस की तरफ से प्रयास नहीं किए गए। अगर बैग में असली बम होता तो यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
3.50 पर मिली थी सूचना
बस अड्डे पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें एक होमगार्ड जवान ने सूचना दी थी कि बस अड्डे के एक काउंटर के नजदीक काले और लाल रंग का एक लावारिस बैग है। इसलिए पहले मामले की सूचना डायल 112 पर देने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत लालकुर्ती चौकी में फोन किया गया तो कुछ ही क्षण में पुलिस मौके पर पहुंचकर सतर्क हो गई।
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सुरक्षा के नहीं होते पुख्ता बंदोबस्त
जब भी बस अड्डे या रेलवे स्टेशन पर मॉकड्रिल चलाई जाती है तो सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाते। ऐसे में बाहरी लोग व यात्रियों के लिए यह एक खेल बन जाता है और वो इसे तमाशा समझकर अपने मोबाइल में कैद करने लगते हैं, लेकिन वो मौके की गंभीरता से अंजान होते हैं जोकि कभी भी जान की आफत बन सकती है।
वर्जन
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मॉकड्रिल को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को अंबाला कैंट बस अड्डे पर भी मॉकड्रिल की गई जोकि सफल रही। टीम 22 मिनट में बस अड्डे पर पहुंच गई थी और बड़ी सूझ-बूझ से टीम ने अपना कार्य पूरा किया।
देवेंद्र कुमार, प्रभारी, पड़ाव थाना।
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परिसर नहीं किया सील
लावारिस बैग की सूचना पर लालकुर्ती चौकी पुलिस सतर्क हो गई थी और वो दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गई। लोगों व यात्रियों को बैग तक न जाने देने के लिए पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई, बावजूद इसके लोग इसके नजदीक घूमते नजर आए। वहीं बैग से कुछ दूरी पर ही काफी संख्या में लोग तमाशबीन की तरह डटे रहे, जिन्हें हटाने के लिए पुलिस की तरफ से प्रयास नहीं किए गए। अगर बैग में असली बम होता तो यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
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3.50 पर मिली थी सूचना
बस अड्डे पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें एक होमगार्ड जवान ने सूचना दी थी कि बस अड्डे के एक काउंटर के नजदीक काले और लाल रंग का एक लावारिस बैग है। इसलिए पहले मामले की सूचना डायल 112 पर देने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद तुरंत लालकुर्ती चौकी में फोन किया गया तो कुछ ही क्षण में पुलिस मौके पर पहुंचकर सतर्क हो गई।
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सुरक्षा के नहीं होते पुख्ता बंदोबस्त
जब भी बस अड्डे या रेलवे स्टेशन पर मॉकड्रिल चलाई जाती है तो सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाते। ऐसे में बाहरी लोग व यात्रियों के लिए यह एक खेल बन जाता है और वो इसे तमाशा समझकर अपने मोबाइल में कैद करने लगते हैं, लेकिन वो मौके की गंभीरता से अंजान होते हैं जोकि कभी भी जान की आफत बन सकती है।
वर्जन
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मॉकड्रिल को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को अंबाला कैंट बस अड्डे पर भी मॉकड्रिल की गई जोकि सफल रही। टीम 22 मिनट में बस अड्डे पर पहुंच गई थी और बड़ी सूझ-बूझ से टीम ने अपना कार्य पूरा किया।
देवेंद्र कुमार, प्रभारी, पड़ाव थाना।