{"_id":"68508922760a68ebe50ea0f7","slug":"members-of-agrawal-sabha-mobilize-for-elections-ambala-news-c-36-1-amb1002-144584-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: चुनाव के लिए अग्रवाल सभा के सदस्य लामबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: चुनाव के लिए अग्रवाल सभा के सदस्य लामबंद
विज्ञापन
अंबाला। कैंट स्थित अग्रवाल सभा में साढ़े चाल साल से एडहॉक कमेटी नए पदाधिकारियों के चुनाव नहीं करा रही। अब संस्था के सदस्य चुनाव के लिए लामबंद हो गए हैं।
इसके लिए वह जल्द ही जिला साेसाइटी रजिस्ट्रार से प्रशासक लगाने की मांग करेंगे, जिससे कि संस्था में लंबे समय से रुके कार्यों को निर्वाचित पदाधिकारी देख सकें। दरअसल, अग्रवाल सभा कैंट की सबसे पुरानी सभाओं में से एक है। इस संस्था में 1454 सदस्य हैं। साढ़े चार साल पहले संस्था में कई पद खाली थे। इसके लिए सोसायटी रजिस्ट्रार विभाग ने एडहॉक कमेटी का गठन किया गया था। इस एडहॉक कमेटी का कन्वीनर सुभाष गोयल को बनाया गया था। मगर साढ़े चार सात बीतने पर ही कमेटी संस्था के चुनाव नहीं करा सकी।
मेरा किसी से विवाद नहीं : अनिल अग्रवाल
संस्था के सदस्य अनिल अग्रवाल ने बताया कि साढ़े चार साल से विभिन्न कारणों से चुनाव की फाइल सिरे ही नहीं चढ़ पा रही है। पिछले दिनों एजीएम की मीटिंग बुलाई मगर उसमें भी काफी कम लोग आए। संस्था की धर्मशाला है उसका हिसाब नहीं दिया जा रहा है। धर्मशाला की हालत खराब हो गई है। दूसरी संस्थाएं आगे बढ़ रही हैं और हमारी संस्था में क्या चल रहा है कुछ समझ ही नहीं आ रहा है। मेरा किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। मगर किसी भी संस्था को चलाने के लिए पदाधिकारियों की जरूरत होती है। हमने जिला सोसायटी रजिस्ट्रार के सामने इस मुद्दे को उठाया है। मैंने अधिकारी से कहा है कि संस्था के चुनाव हों। अगर प्रशासक लगाकर चुनाव हों तो कराना चाहिए।
विज्ञापन
कमेटी का छह माह होता है कार्यकाल
नियमानुसार एडहॉक कमेटी का छह महीने का कार्यकाल होता है। मगर अभी तक चुनाव नहीं कराए गए हैं। सभा के पास फुटबॉल चौक पर अग्रवाल धर्मशाला, अंबा देवी धर्मशाला और काली बाड़ी संपत्तियां हैं।
सोसायटी रजिस्ट्रार ही चुनाव में करा रहे देरी : कन्वीनर
संस्था की एडहॉक कमेटी के कन्वीनर सुभाष गोयल ने बताया कि पहले सोसायटी रजिस्ट्रार कार्यालय का पोर्टल बंद था। अक्टूबर 2024 में पोर्टल खुला था। 10 फरवरी 2025 को सभा की बैठक बुलाई थी। जिसमें 1454 सदस्यों में से 92 लोग ही आए। उस दौरान चार साल की बैलेंस शीट भी सदस्यों के लिए रखी थी। अप्रैल 2025 में हमने स्कीम बनाकर जिला सोसायटी रजिस्ट्रार को चुनाव के लिए दी थी। मगर उन्होंने चुनाव ही नहीं कराए। हम भी चाहते हैं कि चुनाव हैं।
विज्ञापन
इसके लिए वह जल्द ही जिला साेसाइटी रजिस्ट्रार से प्रशासक लगाने की मांग करेंगे, जिससे कि संस्था में लंबे समय से रुके कार्यों को निर्वाचित पदाधिकारी देख सकें। दरअसल, अग्रवाल सभा कैंट की सबसे पुरानी सभाओं में से एक है। इस संस्था में 1454 सदस्य हैं। साढ़े चार साल पहले संस्था में कई पद खाली थे। इसके लिए सोसायटी रजिस्ट्रार विभाग ने एडहॉक कमेटी का गठन किया गया था। इस एडहॉक कमेटी का कन्वीनर सुभाष गोयल को बनाया गया था। मगर साढ़े चार सात बीतने पर ही कमेटी संस्था के चुनाव नहीं करा सकी।
विज्ञापन
मेरा किसी से विवाद नहीं : अनिल अग्रवाल
संस्था के सदस्य अनिल अग्रवाल ने बताया कि साढ़े चार साल से विभिन्न कारणों से चुनाव की फाइल सिरे ही नहीं चढ़ पा रही है। पिछले दिनों एजीएम की मीटिंग बुलाई मगर उसमें भी काफी कम लोग आए। संस्था की धर्मशाला है उसका हिसाब नहीं दिया जा रहा है। धर्मशाला की हालत खराब हो गई है। दूसरी संस्थाएं आगे बढ़ रही हैं और हमारी संस्था में क्या चल रहा है कुछ समझ ही नहीं आ रहा है। मेरा किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। मगर किसी भी संस्था को चलाने के लिए पदाधिकारियों की जरूरत होती है। हमने जिला सोसायटी रजिस्ट्रार के सामने इस मुद्दे को उठाया है। मैंने अधिकारी से कहा है कि संस्था के चुनाव हों। अगर प्रशासक लगाकर चुनाव हों तो कराना चाहिए।
विज्ञापन
कमेटी का छह माह होता है कार्यकाल
नियमानुसार एडहॉक कमेटी का छह महीने का कार्यकाल होता है। मगर अभी तक चुनाव नहीं कराए गए हैं। सभा के पास फुटबॉल चौक पर अग्रवाल धर्मशाला, अंबा देवी धर्मशाला और काली बाड़ी संपत्तियां हैं।
सोसायटी रजिस्ट्रार ही चुनाव में करा रहे देरी : कन्वीनर
संस्था की एडहॉक कमेटी के कन्वीनर सुभाष गोयल ने बताया कि पहले सोसायटी रजिस्ट्रार कार्यालय का पोर्टल बंद था। अक्टूबर 2024 में पोर्टल खुला था। 10 फरवरी 2025 को सभा की बैठक बुलाई थी। जिसमें 1454 सदस्यों में से 92 लोग ही आए। उस दौरान चार साल की बैलेंस शीट भी सदस्यों के लिए रखी थी। अप्रैल 2025 में हमने स्कीम बनाकर जिला सोसायटी रजिस्ट्रार को चुनाव के लिए दी थी। मगर उन्होंने चुनाव ही नहीं कराए। हम भी चाहते हैं कि चुनाव हैं।