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Ambala News: वाल्मीकि समाज ने कैंडल मार्च निकाला, न्याय की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। वाल्मीकि समाज द्वारा एडीजीपी वाई. पूरण कुमार के सम्मान में मंगलवार शाम को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर बीसी बाजार स्थित प्रमुख वाल्मीकि द्वार से लेकर विजय रत्न चौक तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।
मार्च में समाज के लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और बैनर लिए नारे लगाते हुए न्याय की मांग की, वाई पूरण कुमार को न्याय दो, जातिवाद बंद करो। बीते 7 अक्तूबर को हरियाणा कैडर के एडीजीपी वाई. पूरण कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। वे दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे, उनके सुसाइड नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 15 वरिष्ठ अफसरों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। पूरण कुमार ने अपने नोट में लिखा था कि उन्हें उनकी जाति के कारण लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
कैंडल मार्च में वाल्मीकि समाज के प्रमुख प्रतिनिधि सुरिंदर सिंह लोहट, रत्न लाल टांक, सोमनाथ बोह, रजत लोहट अजय कुमार ललित कुमार सानू राजकुमार मट्टू राजकुमार सुंदर नगर सहित बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने एडीजीपी वाई. पूरण कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें दलित गौरव व सच्चे कर्मवीर की संज्ञा दी। मार्च के अंत में समाज ने संकल्प लिया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा, संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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अंबाला। वाल्मीकि समाज द्वारा एडीजीपी वाई. पूरण कुमार के सम्मान में मंगलवार शाम को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर बीसी बाजार स्थित प्रमुख वाल्मीकि द्वार से लेकर विजय रत्न चौक तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।
मार्च में समाज के लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और बैनर लिए नारे लगाते हुए न्याय की मांग की, वाई पूरण कुमार को न्याय दो, जातिवाद बंद करो। बीते 7 अक्तूबर को हरियाणा कैडर के एडीजीपी वाई. पूरण कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। वे दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे, उनके सुसाइड नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 15 वरिष्ठ अफसरों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। पूरण कुमार ने अपने नोट में लिखा था कि उन्हें उनकी जाति के कारण लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
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कैंडल मार्च में वाल्मीकि समाज के प्रमुख प्रतिनिधि सुरिंदर सिंह लोहट, रत्न लाल टांक, सोमनाथ बोह, रजत लोहट अजय कुमार ललित कुमार सानू राजकुमार मट्टू राजकुमार सुंदर नगर सहित बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने एडीजीपी वाई. पूरण कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें दलित गौरव व सच्चे कर्मवीर की संज्ञा दी। मार्च के अंत में समाज ने संकल्प लिया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा, संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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