{"_id":"64da870b55ee3a2670006915","slug":"markandas-water-level-increased-due-to-cloudburst-ambala-news-c-36-1-amb1002-8607-2023-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बादल फटने से बढ़ा मारकंडा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बादल फटने से बढ़ा मारकंडा का जलस्तर
विज्ञापन
मारकंडा नदी में आया उफान।
मुलाना। हिमाचल के नाहन क्षेत्र में बादल फटने से मुलाना में मारकंडा नदी फिर से उफान पर है। यह पांचवीं बार है जब मारकंडा नदी ने नौ फीट के जलस्तर को पार किया है।
मारकंडा नदी में सोमवार सुबह करीब सात बजे करीब 9.7 फीट 47318 क्यूसेक पानी था। जोकि बढ़ता हुआ दोपहर 12 बजे 10 फीट के निशान तक पहुंच गया। जहां पानी करीब 49073 क्यूसेक था। बढ़ता जलस्तर क्षेत्रवासियों को बेचैन करता दिखाई दिया। मारकंडा नदी के इस बढ़ते जलस्तर में रूण नदी का 12 फीट करीब 18 हजार क्यूसेक पानी भी शामिल रहा, लेकिन दोपहर तीन बजे जलस्तर घटकर 9.5 फीट 46150 क्यूसेक पर आ गया।
विभाग के अनुसार अब जलस्तर लगातार घटते स्तर में रहेगा। उधर मारकंडा नदी में आए उफान से हेमामाजरा में नहरी विभाग की ओर से बनाई गई अस्थाई पटरी भी टूट गई। इससे हेमामाजरा गांव के खेतों में ज्यादा पानी जाने लगा। बता दें हेमामाजरा में स्थाई बांध न होने के चलते नहरी विभाग ने एक अस्थाई पटरी बनाई थी जोकि कुछ ही दूरी तक बनाई गई थी। वो मारकंडा नदी के पानी को सह नहीं पाई और पटरी पानी के चलते टूट गई। इससे हेमामाजरा सहित घेलड़ी, सोहाना और तंदवाल के फसलों में फिर से मारकंडा नदी के पानी ने उत्पात मचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मारकंडा नदी में सोमवार सुबह करीब सात बजे करीब 9.7 फीट 47318 क्यूसेक पानी था। जोकि बढ़ता हुआ दोपहर 12 बजे 10 फीट के निशान तक पहुंच गया। जहां पानी करीब 49073 क्यूसेक था। बढ़ता जलस्तर क्षेत्रवासियों को बेचैन करता दिखाई दिया। मारकंडा नदी के इस बढ़ते जलस्तर में रूण नदी का 12 फीट करीब 18 हजार क्यूसेक पानी भी शामिल रहा, लेकिन दोपहर तीन बजे जलस्तर घटकर 9.5 फीट 46150 क्यूसेक पर आ गया।
विज्ञापन
विभाग के अनुसार अब जलस्तर लगातार घटते स्तर में रहेगा। उधर मारकंडा नदी में आए उफान से हेमामाजरा में नहरी विभाग की ओर से बनाई गई अस्थाई पटरी भी टूट गई। इससे हेमामाजरा गांव के खेतों में ज्यादा पानी जाने लगा। बता दें हेमामाजरा में स्थाई बांध न होने के चलते नहरी विभाग ने एक अस्थाई पटरी बनाई थी जोकि कुछ ही दूरी तक बनाई गई थी। वो मारकंडा नदी के पानी को सह नहीं पाई और पटरी पानी के चलते टूट गई। इससे हेमामाजरा सहित घेलड़ी, सोहाना और तंदवाल के फसलों में फिर से मारकंडा नदी के पानी ने उत्पात मचाया।
विज्ञापन