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पहाड़ों में बरसात के बाद मारकंडा उफान पर
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मुलाना। मुलाना से गुजर रही मारकंडा नदी उफान पर है। पहाड़ों में हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान 12 फीट से तीन फीट नीचे था जोकि 43 हजार क्यूसेक था। कालाआंब में मारकंडा नदी का जलस्तर घटने के चलते विभाग ने मुलाना में जलस्तर घटने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है।
मारकंडा नदी के रुद्र रूप का खामियाजा सबसे ज्यादा किसानों को भुगतना पड़ा। क्षेत्र में ब्राह्मण माजरा, हेमामाजरा, घेलड़ी, सोहाना, जफरपुर, धनौरा, बिंजलपुर, गोकलगढ़ सहित अन्य गांवों में सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। इस कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मारकंडा का पानी सोमवार सुबह ही ब्राह्मण माजरा गांव में प्रवेश कर गया। पानी लोगों के घरों तक जा पहुंचा। वहीं ब्राह्मण माजरा से नेशनल हाइवे को जाने वाला रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस कारण गांव वालों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा मारकंडा नदी का पानी हेमामाजरा गांव की फिरनी तक पहुंच गया।
पहले ही कर दिया था अलर्ट
एसडीओ नहरी विभाग नितीश चंदेल ने बताया कि मारकंडा नदी का जलस्तर सोमवार सुबह से शाम तक करीब नौ फीट तक रहा। आसपास के क्षेत्र में हमने रविवार रात को ही अनाउंसमेंट करा दी थी। विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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मारकंडा नदी के रुद्र रूप का खामियाजा सबसे ज्यादा किसानों को भुगतना पड़ा। क्षेत्र में ब्राह्मण माजरा, हेमामाजरा, घेलड़ी, सोहाना, जफरपुर, धनौरा, बिंजलपुर, गोकलगढ़ सहित अन्य गांवों में सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। इस कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मारकंडा का पानी सोमवार सुबह ही ब्राह्मण माजरा गांव में प्रवेश कर गया। पानी लोगों के घरों तक जा पहुंचा। वहीं ब्राह्मण माजरा से नेशनल हाइवे को जाने वाला रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस कारण गांव वालों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा मारकंडा नदी का पानी हेमामाजरा गांव की फिरनी तक पहुंच गया।
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पहले ही कर दिया था अलर्ट
एसडीओ नहरी विभाग नितीश चंदेल ने बताया कि मारकंडा नदी का जलस्तर सोमवार सुबह से शाम तक करीब नौ फीट तक रहा। आसपास के क्षेत्र में हमने रविवार रात को ही अनाउंसमेंट करा दी थी। विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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