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शिव महापुराण का प्रेमपूर्वक करें श्रवण : भगवती प्रसाद
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अंबाला सिटी। सेक्टर-7 स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रहे सवा करोड़ ओम् नम: शिवाय मंत्र जाप कार्यक्रम में सर्वप्रथम पंडित त्रिलोचन शर्मा और धर्मेन्द्र शर्मा की ओर से पूजन कराया।
श्रीगणेश वंदना के साथ शिव महापुराण की कथा का शुभारंभ किया। इस मौके पर कथा व्यास पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहा कि शिव महापुराण परम उत्तम शास्त्र है। इसे इस भूतल पर भगवान शिव का स्वरूप समझना चाहिए और हो सके तो जीवन में एक बार इसका श्रवण जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से शिव भक्ति पाकर श्रेष्ठतम प्राणी कहलाता है।
प्रेमपूर्वक श्रवण करने से संपूर्ण मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। भगवान शिव के इस पुराण को सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है तथा इस जीवन में बड़े-बड़े उत्कृष्ट भोगों का उपभोग करके अंत में शिवलोक को प्राप्त कर लेता है। यह शिवपुराण नामक ग्रन्थ 24 हजार श्लोकों से युक्त है। सात संहिताओं से युक्त यह दिव्य शिवपुराण परब्रह्म परमात्मा के समान विराजमान है और सबसे उत्कृष्ट गति प्रदान करने वाला है। इसी प्रसंग के साथ कथा को विराम दिया गया। इस मौके पर उपस्थित 108 परिवारों के सदस्यों ने विधिवत भगवान शिव की अराधना की।
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श्रीगणेश वंदना के साथ शिव महापुराण की कथा का शुभारंभ किया। इस मौके पर कथा व्यास पंडित भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहा कि शिव महापुराण परम उत्तम शास्त्र है। इसे इस भूतल पर भगवान शिव का स्वरूप समझना चाहिए और हो सके तो जीवन में एक बार इसका श्रवण जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से शिव भक्ति पाकर श्रेष्ठतम प्राणी कहलाता है।
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प्रेमपूर्वक श्रवण करने से संपूर्ण मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। भगवान शिव के इस पुराण को सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है तथा इस जीवन में बड़े-बड़े उत्कृष्ट भोगों का उपभोग करके अंत में शिवलोक को प्राप्त कर लेता है। यह शिवपुराण नामक ग्रन्थ 24 हजार श्लोकों से युक्त है। सात संहिताओं से युक्त यह दिव्य शिवपुराण परब्रह्म परमात्मा के समान विराजमान है और सबसे उत्कृष्ट गति प्रदान करने वाला है। इसी प्रसंग के साथ कथा को विराम दिया गया। इस मौके पर उपस्थित 108 परिवारों के सदस्यों ने विधिवत भगवान शिव की अराधना की।
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