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Ambala News: हल्की बारिश ने खोली दावों की पोल, कॉलोनियों में जलभराव
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शहर के इंको ड्रेन पर सफाई को लेकर निरीक्षण करते हुए डिप्टी मेयर राजेश मेहता।
अंबाला सिटी। अचानक सोमवार दोपहर में हुई हल्की बारिश की वजह से शहर की रिहायशी कॉलोनियों और कई सड़कों पर फिर जलभराव हो गया। सफाई न होने की वजह से ज्यादातर नाले ओवरफ्लो नजर आए।
उधर, कॉलोनियों में हुए जलभराव के लिए डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कई कॉलोनियों के साथ मुख्य नालों का मुआयना किया। नालों की सफाई न होने की वजह से रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव हो रहा है। शहर में पिछले साल की तरह बाढ़ की चेतावनी के बावजूद अधिकारी सोए हुए हैं।
डिप्टी मेयर ने कहा कि अगर इस बार बरसाती पानी की वजह से शहर की जनता को नुकसान हुआ तो अधिकारियों से उनकी भरपाई की जाएगी। वहीं, शहर के जगाधरी गेट पुलिया, पशु अस्पताल के पास, पुराना सिविल रोड पर जलभराव हो गया। शहर के इंको चौक ड्रेन में सफाई न होने से काफी दूर तक लिफाफे अट गए।
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89 नालों की नहीं हुई सफाई
नगर निगम की ओर से इस बार बरसाती सीजन से पहले तीन मुख्य ड्रेन की सफाई का ही टेंडर जारी किया है, जबकि शहर के छोटे बड़े 89 नालों की सफाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। यह नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। कुछ ही जगह कर्मचारी सफाई करते दिखते हैं और बरसाती सीजन की शुरूआत होने लगी है। मुख्य नालों की सफाई काम भी सही ढंग से नहीं हो पाया। इसी वजह से बरसाती पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। अगर नगर निगम समय रहते नालों की सफाई का कार्य करवाए तो लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर न होना पड़े। अगर जल्द नालों की सफाई को लेकर काम न हुआ तो इस बार फिर रिहायशी कॉलोनियों का बरसाती पानी में डूबना तय है।
अतिरिक्त कर्मचारियों से करवाए नालों की सफाई
नगर निगम की ओर से अपने ही सफाई कर्मचारियों से नालों की सफाई का कार्य करवाया जा रहा है, जबकि हर बार सदन में अतिरिक्त कर्मचारियों से यह कार्य करवाने की मांग उठती रही है। डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने बताया कि निगम के पास करीब 500 सफाई कर्मचारी हैं। अधिकारी इन कर्मचारियों को ही नालों की सफाई के लिए लगा देते हैं, जबकि निगम में पहले ही करीब 400 कर्मचारियों की कमी है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कर्मचारियों से ही नालों की सफाई संभव हो सकती है। नियमित कर्मचारियों के नालों की सफाई करने से कॉलोनियों में सफाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि अधिकारी निगम सदस्यों की बात मानने की बजाय अपनी मनमानी कर रहे हैं।
इन नालों का किया मुआयना
वहीं, बरसात के बाद डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने अंबाला शहर के मनमोहन नगर, इंको, कोतवाली थाने के पास से गुजर रहे मुख्य नाले का मुआयना किया। मेहता ने कहा कि तीनों नालों की सफाई सही ढंग नहीं हो पाई। इसी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इन नालों की सफाई तुरंत सही ढंग से करवाए। अन्यथा नालों के पानी से होने वाले नुकसान के लिए अफसर ही जिम्मेदार होंगे। उन्होंने अधिकारियों को बरसाती सीजन से पहले सभी नालों की सही ढंग से सफाई करवाने की बात कही। साथ ही छोटे बड़े सभी नालों की गंदगी साफ करने की भी बात कही है।
वर्जन
शहर के 89 छोटे-बड़े नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। निगम कर्मचारी सभी वार्डों में सफाई कर रहे हैं। ड्रेन की सफाई भी करवाई जा रही है। जल्द ही सभी नालों व ड्रेन की सफाई कराई जाएगी।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
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उधर, कॉलोनियों में हुए जलभराव के लिए डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने कई कॉलोनियों के साथ मुख्य नालों का मुआयना किया। नालों की सफाई न होने की वजह से रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव हो रहा है। शहर में पिछले साल की तरह बाढ़ की चेतावनी के बावजूद अधिकारी सोए हुए हैं।
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डिप्टी मेयर ने कहा कि अगर इस बार बरसाती पानी की वजह से शहर की जनता को नुकसान हुआ तो अधिकारियों से उनकी भरपाई की जाएगी। वहीं, शहर के जगाधरी गेट पुलिया, पशु अस्पताल के पास, पुराना सिविल रोड पर जलभराव हो गया। शहर के इंको चौक ड्रेन में सफाई न होने से काफी दूर तक लिफाफे अट गए।
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89 नालों की नहीं हुई सफाई
नगर निगम की ओर से इस बार बरसाती सीजन से पहले तीन मुख्य ड्रेन की सफाई का ही टेंडर जारी किया है, जबकि शहर के छोटे बड़े 89 नालों की सफाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। यह नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। कुछ ही जगह कर्मचारी सफाई करते दिखते हैं और बरसाती सीजन की शुरूआत होने लगी है। मुख्य नालों की सफाई काम भी सही ढंग से नहीं हो पाया। इसी वजह से बरसाती पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। अगर नगर निगम समय रहते नालों की सफाई का कार्य करवाए तो लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर न होना पड़े। अगर जल्द नालों की सफाई को लेकर काम न हुआ तो इस बार फिर रिहायशी कॉलोनियों का बरसाती पानी में डूबना तय है।
अतिरिक्त कर्मचारियों से करवाए नालों की सफाई
नगर निगम की ओर से अपने ही सफाई कर्मचारियों से नालों की सफाई का कार्य करवाया जा रहा है, जबकि हर बार सदन में अतिरिक्त कर्मचारियों से यह कार्य करवाने की मांग उठती रही है। डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने बताया कि निगम के पास करीब 500 सफाई कर्मचारी हैं। अधिकारी इन कर्मचारियों को ही नालों की सफाई के लिए लगा देते हैं, जबकि निगम में पहले ही करीब 400 कर्मचारियों की कमी है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कर्मचारियों से ही नालों की सफाई संभव हो सकती है। नियमित कर्मचारियों के नालों की सफाई करने से कॉलोनियों में सफाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि अधिकारी निगम सदस्यों की बात मानने की बजाय अपनी मनमानी कर रहे हैं।
इन नालों का किया मुआयना
वहीं, बरसात के बाद डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने अंबाला शहर के मनमोहन नगर, इंको, कोतवाली थाने के पास से गुजर रहे मुख्य नाले का मुआयना किया। मेहता ने कहा कि तीनों नालों की सफाई सही ढंग नहीं हो पाई। इसी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इन नालों की सफाई तुरंत सही ढंग से करवाए। अन्यथा नालों के पानी से होने वाले नुकसान के लिए अफसर ही जिम्मेदार होंगे। उन्होंने अधिकारियों को बरसाती सीजन से पहले सभी नालों की सही ढंग से सफाई करवाने की बात कही। साथ ही छोटे बड़े सभी नालों की गंदगी साफ करने की भी बात कही है।
वर्जन
शहर के 89 छोटे-बड़े नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। निगम कर्मचारी सभी वार्डों में सफाई कर रहे हैं। ड्रेन की सफाई भी करवाई जा रही है। जल्द ही सभी नालों व ड्रेन की सफाई कराई जाएगी।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।

शहर के इंको ड्रेन पर सफाई को लेकर निरीक्षण करते हुए डिप्टी मेयर राजेश मेहता।

शहर के इंको ड्रेन पर सफाई को लेकर निरीक्षण करते हुए डिप्टी मेयर राजेश मेहता।