फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Life is incomplete without devotion to God: Shriram Mudragal Shastri

भगवत भक्ति के बिना जीव का जीवन अधूरा : श्रीराम मुद्रगल शास्त्री

Thu, 11 Sep 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Thu, 11 Sep 2025 01:39 AM IST
विज्ञापन
Life is incomplete without devotion to God: Shriram Mudragal Shastri
अंबाला छावनी के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मौजूद गणमान्य। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। छावनी के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्री सनातन धर्म सभा द्वारा पितृ उद्धार हेतु संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन पर अमृतवर्षा करते हुए वृंदावन से आए श्रीराम मुद्रगल शास्त्री महाराज ने श्री सूत जी शोैनकादि ऋषियों के पूछे प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा, श्रीमद्भागवत का भक्ति, ज्ञान व वैराग्य को स्थापित करने के लिए ही है। वेद रूपी वृक्ष का फल ही श्रीमद्भागवत है। भगवत भक्ति के बिना जीव का जीवन अधूरा है। भगवान के साथ हमारा संबंध सेवा का संबंध है। परमेश्वर परम भोक्ता है और हम सारे जीव उसके सेवक हैं। परमेश्वर की परम दिव्य भक्ति किए बिना जीव सुखी नहीं हो सकता। कथा पंडाल में महाराज को प्रो. तारा चंद गुप्ता, सभा महासचिव सुधीर विंदलस, कोषाध्यक्ष अशोक सिंगला, कैलाश मल्होत्रा, माया राम बंसल आदि ने पुष्पहार भेंट करके अभिनंदन किया।


धर्म का फल मोक्ष है
धर्म का फल मोक्ष है जिसकी सार्थकता अर्थ प्राप्ति में नहीं हैं बल्कि अर्थ केवल धर्म के लिए ही है। भगवान के अवतार का वर्णन करते हुए पूज्य देवी जी ने कहा, भगवान के जो 24 अवतार हैं वे जीवात्मा व परमात्मा के भेद को समाप्त कर मोक्षदायक की भूमिका निभाने के लिए ही इस पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। कथा विस्तार में शास्त्री ने बताया कि संत कृपा के बिना भगवत प्राप्ति संभव नहीं। भगवान कपिल ने माता देवहूति के पूछने पर कहा कि अगर आप भगवत प्राप्ति चाहती हैं तो वैष्णव संत की शरणागति करो। भगवान ने कहा कि जो अनन्य भाव से मेरी भक्ति करता है, जो समस्त संसार के सुखों को त्यागकर मुझे पकड़े रहता है, मेरे आश्रय में रहकर मेरी ही कथाओं को सुनता व कहता है, वही साधु व संत है। संत संगति के बिना कल्याण संभव नहीं। परीक्षित ने शुकदेव से प्रश्न किया कि भगवान देवताओं का उद्धार करते हैं और दैत्यों का ही वध करते हैं।
विज्ञापन

अंबाला छावनी के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मौजूद गणमान्य। प्रवक्ता

अंबाला छावनी के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मौजूद गणमान्य। प्रवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed