{"_id":"6525a6f4aac60cb5880f8378","slug":"lack-of-funds-150-year-old-ramlila-will-not-be-staged-this-time-ambala-news-c-36-1-sknl1003-11951-2023-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"फंड की कमी : इस बार नहीं होगा 150 वर्ष पुरानी रामलीला का मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फंड की कमी : इस बार नहीं होगा 150 वर्ष पुरानी रामलीला का मंचन
विज्ञापन
अंबाला। छावनी में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब 150 वर्ष से आयोजित होने वाली बजाजा बाजार रामलीला को बजट के अभाव में आयोजित नहीं किया जा रहा है। बाढ़ के आने के बाद इस रामलीला के लिए कोई फंड नहीं मिला। इस कारण रामलीला इस साल न करने का फैसला लिया गया है। यह सिर्फ एक रामलीला की कहानी नहीं बल्कि दूसरी लालकुर्ती की रामलीला के साथ भी है। वे जगह के अभाव में आयोजन कराने में असमर्थ हैं।
ऐसे में इस बार छावनी के लोगों को कुछ मायूसी जरूर होगी। दरअसल 150 वर्ष से बजाजा बाजार में श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारी रामलीला करवाते आ रहे थे। कोषाध्यक्ष संदीप जिंदल ने बताया कि इस बार अंबाला स्थित इंडस्टि्रयल एरिया क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण हुए करोड़ों के नुकसान के चलते उन्हें फंड नहीं मिला। इस कारण वह रामलीला नहीं करेंगे और न ही श्रीराम बरात निकालेंगे। वह दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाएंगे। इसके लिए रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बनाए जाने का कार्य शुरू हो चुका है। मेरठ के सरदाना से वकील अहमद दशहरे पर आतिशबाजी करेंगे। जोकि दशहरे पर 20 साल से आतिशबाजी करते आ रहे हैं। वहीं सनातन धर्म की परंपरा को बनाए रखने के लिए एसडी सभा आगे आई है और वह 150 साल पुरानी श्रीराम बरात की कमान खुद संभालेंगे।
जमीन न मिलने से नहीं हो रही रामलीला
छावनी के लाल कुर्ती बाजार में युवा रामलीला कमेटी के सदस्य इस बार रामलीला नहीं करेंगे। प्रधान ललित कुमार शानू ने बताया कि उनकी युवा रामलीला कमेटी लाल कुर्ती बाजार 1996 से रामलीला व दशहरा पर्व मनाती आ रही है और उनकी कमेटी में 42 सदस्य है। हर साल वह दशहरा से 14 दिन पहले झंड़ा पूजन के साथ रामलीला में मंचन करते थे। इस बार सनातन धर्म मंदिर के पास जिस खाली जगह पर वह रामलीला करते थे, वहां कंटोनमेंट बोर्ड ने पौधरोपण करने के बाद ट्री गार्ड लगा दिए हैं। जिसके कारण रामलीला करने के लिए जगह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में इस बार छावनी के लोगों को कुछ मायूसी जरूर होगी। दरअसल 150 वर्ष से बजाजा बाजार में श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारी रामलीला करवाते आ रहे थे। कोषाध्यक्ष संदीप जिंदल ने बताया कि इस बार अंबाला स्थित इंडस्टि्रयल एरिया क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण हुए करोड़ों के नुकसान के चलते उन्हें फंड नहीं मिला। इस कारण वह रामलीला नहीं करेंगे और न ही श्रीराम बरात निकालेंगे। वह दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाएंगे। इसके लिए रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बनाए जाने का कार्य शुरू हो चुका है। मेरठ के सरदाना से वकील अहमद दशहरे पर आतिशबाजी करेंगे। जोकि दशहरे पर 20 साल से आतिशबाजी करते आ रहे हैं। वहीं सनातन धर्म की परंपरा को बनाए रखने के लिए एसडी सभा आगे आई है और वह 150 साल पुरानी श्रीराम बरात की कमान खुद संभालेंगे।
विज्ञापन
जमीन न मिलने से नहीं हो रही रामलीला
छावनी के लाल कुर्ती बाजार में युवा रामलीला कमेटी के सदस्य इस बार रामलीला नहीं करेंगे। प्रधान ललित कुमार शानू ने बताया कि उनकी युवा रामलीला कमेटी लाल कुर्ती बाजार 1996 से रामलीला व दशहरा पर्व मनाती आ रही है और उनकी कमेटी में 42 सदस्य है। हर साल वह दशहरा से 14 दिन पहले झंड़ा पूजन के साथ रामलीला में मंचन करते थे। इस बार सनातन धर्म मंदिर के पास जिस खाली जगह पर वह रामलीला करते थे, वहां कंटोनमेंट बोर्ड ने पौधरोपण करने के बाद ट्री गार्ड लगा दिए हैं। जिसके कारण रामलीला करने के लिए जगह नहीं है।
विज्ञापन