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Ambala News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बनेगा गीता पर वैश्विक मंथन का मंच, 16 देशों से पहुंचेंगे 25 विशेषज्ञ व शोधकर्ता

Fri, 07 Nov 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 07 Nov 2025 01:51 AM IST
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Kurukshetra University will become a platform for global brainstorming on the Gita, 25 experts and researchers from 16 countries will arrive.
कुरुक्षेत्र। कुवि का द्रोणाचार्य द्वार।

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कुरुक्षेत्र। भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को वैश्विक मंच पर साझा करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 24 से 26 नवंबर तक 10वां अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में होगा, जिसमें 16 देशों के 25 अंतरराष्ट्रीय वक्ता श्रीमद्भगवद्गीता के आदर्शों पर मंथन करेंगे।
सम्मेलन का विषय श्रीमद्भगवद्गीतोक्त स्वधर्म : कर्तव्यनिष्ठा, शांति और सद्भावना रखा गया है। इस विषय पर देश-विदेश के विद्वान, शोधकर्ता और अध्यात्म चिंतक गहन मंथन करेंगे। सम्मेलन में किरगिस्तान, अमेरिका (यूएसए), श्रीलंका, यूनाइटेड किंगडम, पोलैंड सहित 16 देशों से वक्ता शामिल होंगे। कुछ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वक्ता सम्मेलन में भागीदारी के लिए लगातार संपर्क में हैं। कार्यक्रम निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक विमर्श होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और विश्व शांति के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का वैश्विक अवसर भी बनेगा।
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15 विभाग करेंगे 13 तकनीकी सत्रों का संचालन

सम्मेलन निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के 15 विभागों द्वारा कुल 13 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गीता दर्शन, कर्मयोग, प्रबंधन, विज्ञान, शिक्षा, पर्यावरण और वैश्विक शांति जैसे विविध पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा। प्रत्येक सत्र में शोध प्रस्तुतियां, चर्चा और संवाद के माध्यम से गीता के व्यावहारिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में गीता के प्रति इतना रुझान है कि वह सम्मेलन में भागीदारी के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं।
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विदेश मंत्रालय निभा रहा विशेष भूमिका

इस बार विदेश मंत्रालय विशेष रूप से इस सम्मेलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रो. तेजेंद्र ने बताया कि मंत्रालय का उद्देश्य गीता के सार्वभौमिक संदेश को अधिक से अधिक देशों तक पहुंचाना है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं के विचारों की रिकॉर्डिंग, विशेष वीडियो कैप्सूल और सोशल मीडिया रील्स तैयार की जाएंगी, ताकि गीता ज्ञान को आधुनिक माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा आयोजन

सम्मेलन में यूआईईटी के विद्यार्थी गीता पर आधारित प्रदर्शनी लगाएंगे, वहीं शोधार्थियों और छात्रों द्वारा पोस्टर प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। युवाओं को गीता दर्शन, वैज्ञानिक चिंतन और नवाचार से जोड़ने के लिए सेल्फी प्वाइंट्स भी स्थापित किए जाएंगे। युवाओं को गीता ज्ञान से जोड़ने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं।
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