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वाटर कैनन से होकर पुलिस की मानव श्रृखंला तोड़ते हुए दिल्ली कूच कर गए किसान
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kisan protest
- फोटो : Ambala
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अंबाला। किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए पुलिस के बंदोबस्त फेल हो गए। हजारों किसानों के साथ भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी दोपहर को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। पुलिस ने उन्हें दो जगह रोकने का प्रयास किया। वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। मानव श्रृंखला भी बनाई। पर चढूनी किसानों के साथ हर बंदोबस्त को तोड़ते हुए निकल गए। किसानों को रोकने के दौरान कई पुलिस जवान भी बाल-बाल बच गए। आंखों में पानी की तेज बौछार के कारण पुलिस एक जवान भी जख्मी हो गया।
दिल्ली कूच को लेकर 11 बजे से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर शाहपुर अनाजमंडी में जमा होने शुरू हो गए थे। तीन घंटे में ही मंडी के बाहर हजारों किसान जमा हो गए थे। किसानों की अगुवाई खुद भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढूनी कर रहे थे। हालांकि किसानों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से भी मजबूत बैरिकेट लगाए गए थे। कूच से पहले किसानों ने पुलिस को बैरिकेट हटाने का अल्टीमेटम भी दिया। इसके बाद किसान ये बैरिकेट तोड़कर आगे निकल गए। तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई। साथ ही चढूनी से आधे घंटे का समय मांगा। इस दौरान पुलिस की सांसें अटकी रही। आधा घंटा बीतने के बाद फिर चढूनी ने किसानों को कूच करने के आदेश दिए। इस दौरान चढूनी के वाहन की चपेट में आने से कई जवान बाल-बाल बच गए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान किसानों में अफरा-तफरी मची लेकिन किसान इस दिक्कत को भी पार कर दिल्ली की ओर निकल गए।
किसानों की ओर से हुआ पथराव
मोहड़ी के पास फिर किसानों को रोकने की असफल कोशिश हुई। पुलिस का आरोप है कि किसानों की ओर पथराव भी किया गया था लेकिन इनमें किसी को चोट नहीं आई। वाटर कैनन की बौछार से पड़ाव थाने में तैनात एसपीओ पवन कुमार जख्मी हो गए। आंखों में पानी जाने से उनकी देखने की क्षमता पर असर पड़ा है। उपचार के लिए उन्हें नागरिक अस्पताल में दाखिल करवा गया है। अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर हुई इस कार्रवाई के दौरान करीब तीन घंटे तक जाम की स्थिति रही। इसी वजह से वाहनों को लिंक रोड की ओर डायवर्ट किया गया।
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दिल्ली कूच को लेकर 11 बजे से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर शाहपुर अनाजमंडी में जमा होने शुरू हो गए थे। तीन घंटे में ही मंडी के बाहर हजारों किसान जमा हो गए थे। किसानों की अगुवाई खुद भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढूनी कर रहे थे। हालांकि किसानों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से भी मजबूत बैरिकेट लगाए गए थे। कूच से पहले किसानों ने पुलिस को बैरिकेट हटाने का अल्टीमेटम भी दिया। इसके बाद किसान ये बैरिकेट तोड़कर आगे निकल गए। तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई। साथ ही चढूनी से आधे घंटे का समय मांगा। इस दौरान पुलिस की सांसें अटकी रही। आधा घंटा बीतने के बाद फिर चढूनी ने किसानों को कूच करने के आदेश दिए। इस दौरान चढूनी के वाहन की चपेट में आने से कई जवान बाल-बाल बच गए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान किसानों में अफरा-तफरी मची लेकिन किसान इस दिक्कत को भी पार कर दिल्ली की ओर निकल गए।
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किसानों की ओर से हुआ पथराव
मोहड़ी के पास फिर किसानों को रोकने की असफल कोशिश हुई। पुलिस का आरोप है कि किसानों की ओर पथराव भी किया गया था लेकिन इनमें किसी को चोट नहीं आई। वाटर कैनन की बौछार से पड़ाव थाने में तैनात एसपीओ पवन कुमार जख्मी हो गए। आंखों में पानी जाने से उनकी देखने की क्षमता पर असर पड़ा है। उपचार के लिए उन्हें नागरिक अस्पताल में दाखिल करवा गया है। अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर हुई इस कार्रवाई के दौरान करीब तीन घंटे तक जाम की स्थिति रही। इसी वजह से वाहनों को लिंक रोड की ओर डायवर्ट किया गया।

kisan protest- फोटो : Ambala
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