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किसानों ने अंबाला सील की दी चेतावनी तो प्रशासन की फूलीं सांसें, मौके पर पहुंचे डीएसपी
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अंबाला-हिसार हाईवे पर धरने पर बैठे किसान विरोध जताते हुए किसान।
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। 4 दिनों से दिन-रात अंबाला-हिसार हाईवे जाम करने के बाद भी प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा। लिहाजा गुस्साए किसानों ने शनिवार को ऐलान कर दिया कि अब वह पूरे अंबाला को ही बंद कर देंगे। जैसे ही किसान नेता सुखविंद्र ने यह ऐलान किया तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसके बाद डीएसपी मदन लाल मौके पर पहुंचे। किसानों की मांगों को लेकर शाम 4 बजे अधिकारियों के साथ किसान यूनियन की मीटिंग हुई। अधिकारियों ने किसानों की अधिकतर मांगों को मान लिया है। इस तरह करीब 84 घंटे बाद किसानों ने जाम खोल दिया। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर आगे किसानों को किसी तरह की समस्या आती है तो वह दोबारा सड़क जाम करने से गुरेज नहीं करेंगे।
इन मांगों पर बनी सहमति
जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है। उन किसानों का तुरंत पंजीकरण किया जाएगा और धान भी खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को फरद व अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। इसके साथ ही किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन रही मैसेज प्रणाली से भी किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया है जिस किसान के पास धान की खरीद का मैसेज आता है उसे मैसेज आने के अगले तीन दिनों तक मंडी में आने की पूरी छूट है वह अगले तीन दिनों तक कभी भी अपनी फसल लाकर मंडी में बेच सकता है। साथ ही कहा कि पोर्टल न चला तो हाथ से गेट पास जारी किए जाएंगे।
आज नहीं होगी धान की खरीद
मंडी धान से पूरी तरह से भरी हुई है। परंतु इस बीच रविवार की छुट्टी होने के कारण धान की खरीद नहीं होगी। इसी कारण किसानों को परेशानी होना तय है। क्योंकि एक तरफ पहले ही आदेश आने के कई दिनों बाद धान की खरीद शुरू हुई है।
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गेटपास नहीं मिले तो किसानों ने मार्केट कमेटी के बाहर जड़ा ताला
अंबाला सिटी। प्रशासन व सरकार ने धान के दावे किए। लेकिन शनिवार को यह सभी हवा हवाई दिखाई दिए। क्योंकि धान खरीद के लिए गेटपास ही किसानों को नहीं मिले। घंटों खड़े होने के बाद जब किसानों को गेट पास नहीं मिला तो उन्होंने तंग आकर दोपहर 12 बजे मार्केट कमेटी के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद जब मार्केट कमेटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों के आक्रोश के आगे अधिकारियों की एक न चली। काफी समझाने के बाद किसानों ने गेट का ताला खोला तो वह अंदर गए। इसके बाद धीरे धीरे कर किसानों के गेट पास बनाने का कार्य किया गया।
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इन मांगों पर बनी सहमति
जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है। उन किसानों का तुरंत पंजीकरण किया जाएगा और धान भी खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को फरद व अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। इसके साथ ही किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन रही मैसेज प्रणाली से भी किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया है जिस किसान के पास धान की खरीद का मैसेज आता है उसे मैसेज आने के अगले तीन दिनों तक मंडी में आने की पूरी छूट है वह अगले तीन दिनों तक कभी भी अपनी फसल लाकर मंडी में बेच सकता है। साथ ही कहा कि पोर्टल न चला तो हाथ से गेट पास जारी किए जाएंगे।
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आज नहीं होगी धान की खरीद
मंडी धान से पूरी तरह से भरी हुई है। परंतु इस बीच रविवार की छुट्टी होने के कारण धान की खरीद नहीं होगी। इसी कारण किसानों को परेशानी होना तय है। क्योंकि एक तरफ पहले ही आदेश आने के कई दिनों बाद धान की खरीद शुरू हुई है।
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गेटपास नहीं मिले तो किसानों ने मार्केट कमेटी के बाहर जड़ा ताला
अंबाला सिटी। प्रशासन व सरकार ने धान के दावे किए। लेकिन शनिवार को यह सभी हवा हवाई दिखाई दिए। क्योंकि धान खरीद के लिए गेटपास ही किसानों को नहीं मिले। घंटों खड़े होने के बाद जब किसानों को गेट पास नहीं मिला तो उन्होंने तंग आकर दोपहर 12 बजे मार्केट कमेटी के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद जब मार्केट कमेटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों के आक्रोश के आगे अधिकारियों की एक न चली। काफी समझाने के बाद किसानों ने गेट का ताला खोला तो वह अंदर गए। इसके बाद धीरे धीरे कर किसानों के गेट पास बनाने का कार्य किया गया।