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कालका-शिमला सेक्शन: अब एयर ब्रेक सिस्टम से लैस कोच उपलब्ध कराने की तैयारी, पहाड़ी क्षेत्र में कारगर होगी तकनीक

Sat, 05 Apr 2025 12:13 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 05 Apr 2025 12:13 PM IST
सार

कालका-शिमला रेल खंड पर करीब 80 डिब्बे विभिन्न ट्रेनों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें कुछ डिब्बे काफी पुराने हो चुके हैं देश में चलने वाली वंदे भारत, शताब्दी ट्रेनों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को लेकर अब कालका-शिमला रेल खंड पर भी आधुनिक कोच चलाने की मांग बढ़ती जा रही है।

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Kalka-Shimla section: Now preparations are being made to provide coaches equipped with air brake system
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चलने वाले पैनोरमिक कोच। - फोटो : परिजन

विस्तार

कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चलने वाले कोच अब एयर ब्रेक सिस्टम से लैस होंगे। यह सुविधा कपूरथला रेल कोच फैक्ट्र्री द्वारा तैयार किए गए नए पैनोरमिक कोच में उपलब्ध करवाई गई है। पहाड़ी सफर के दौरान यह काफी कारगर सिद्ध हो रहे हैं। ऐसे में अब इस तकनीक को अन्य डिब्बों पर भी लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

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इस तकनीक के तहत कालका-शिमला पर चलने वाले पुराने डिब्बों में एयर ब्रेक सिस्टम लागू करने की रूपरेखा रेलवे की तकनीकी टीम तैयार करेगी। मौजूदा समय में पुराने डिब्बों में वैक्यूम ब्रेक सिस्टम लगा हुआ है जोकि अब समय और तकनीक के हिसाब से पुराना होता जा रहा है। हालांकि ट्रेनों की गति बढ़ने के कारण अब एयर ब्रेक सिस्टम से आगे का विकल्प भी तलाशा जा रहा है ताकि विशेष तौर पर पहाड़ से मलबा व पत्थर आदि गिरने के दौरान ट्रेन को तुरंत रोका जा सके और इससे हादसे की आशंका भी समाप्त हो जाए।
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रूट पर करीब 80 कोच का हो रहा इस्तेमाल
मौजूदा समय में कालका-शिमला रेल खंड पर करीब 80 डिब्बे विभिन्न ट्रेनों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें कुछ डिब्बे काफी पुराने हो चुके हैं देश में चलने वाली वंदे भारत, शताब्दी ट्रेनों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को लेकर अब कालका-शिमला रेल खंड पर भी आधुनिक कोच चलाने की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में नए पैनोरमिक कोच इसका अच्छा विकल्प बन सकते हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में कारगर एयर ब्रेक
नए पैनोरमिक कोच में एयर सिस्टम ब्रेक लगाने का मकसद हादसों को रोकना है जोकि अक्सर बारिश आदि के दिनों में होते रहते हैं। इस सिस्टम से एक और फायदा है कि अचानक ब्रेक लगाए जाने के दौरान इन डिब्बों में झटके नहीं लगते । यह कोच एलएचबी कोच यानि लिंक हॉफमैन बुश की श्रेणी में आते हैं जोकि सुरक्षा व सुविधा के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।


मंजूरी मिलने के बाद शुरू होगा इस्तेमाल
आरसीएफ कपूरथला में बने नए डिब्बे एलएचबी डिजाइन पर आधारित हैं। इनमें एयर ब्रेक सिस्टम लगाया गया है। नए एयर ब्रेक सिस्टम वाले डिब्बों का ट्रायल चल रहा है। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। एक बार में कितने डिब्बे चलाए जाएंगे, इसका भी आंकलन किया जा रहा है। -नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।

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