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Ambala News: शहर का कैलाश गांव बना तलवारबाजों का गढ़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:58 AM IST
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Kailash village of the city has become a stronghold of swordsmen.Kailash village of the city has become a stronghold of swordsmen.
अब तक 30 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुके दम
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खेती-किसानी के लिए पहचाना जाने वाला करनाल जिले का कैलाश गांव अब तलवारबाजों के गढ़ के रूप में उभरा है। उन्होंने अपनी मेहनत से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल गलियारों में पहचान बनाई है। जिले में तलवारबाजी की शुरुआत साल 1992 में जिला खेल अधिकारी सत्यवीर सिंह ने की थी। साल 1999 में सत्यवीर सिंह कोच बनकर आए। उन्होंने गांव के युवाओं को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
सत्यवीर सिंह ने बताया कि 1999 में उनके पास 20 से 25 खिलाड़ी थे। शुरुआत में युवा सरकारी नौकरी के उद्देश्य से आते थे, लेकिन अब यह खेल गांव की पहचान बन गया है। कैलाश गांव से अब तक करीब 20 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विभिन्न एशियाई चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है।
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कोच और सरकारी नौकरी में खिलाड़ी
वर्तमान में कर्ण स्टेडियम में तलवारबाजी सिखाने वाले कोच राजकुमार भी कैलाश गांव के निवासी हैं। उन्होंने साल 2009 में तलवारबाजी को चुना था और सत्यवीर सिंह उनके कोच थे। राजकुमार खिलाड़ियों को तकनीकी बारीकियां सिखाने और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। उनके साथी विकास भी अब कोच के पद पर नियुक्त हैं। अभिषेक भारतीय सेना में और सुरेंद्र विजिलेंस विभाग में कार्यरत हैं।
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खिलाड़ियों की उपलब्धि
जिले के पैरा तलवारबाजी खिलाड़ी राजीव ने साल 2011 में तलवारबाजी शुरू की थी, और 2012 में प्रदेश स्तर पर पहला पदक जीता। इसी साल उन्होंने सीनियर पैरा तलवारबाजी में रजत तथा पैरा एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। महिला पैरा खिलाड़ी रेखा ने भी दो रजत पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल और एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीते हैं, जबकि सौरभ ने कांस्य पदक हासिल किए हैं। प्रिंस शर्मा ने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। तनीषका ने साल 2024 में ओलंपिक के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लिया है और एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है।



जिला खेल अधिकारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर नए और उभरते खेलों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जाएंगी। विभाग की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा नए खेलों में प्रतिभा दिखा सकें।
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