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विडंबना : बैठक में 87 नई कार्ययोजनाओं पर नहीं हुई चर्चा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 01:03 AM IST
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Irony: 87 new action plans were not discussed in the meeting
राजेश शांडिल्य
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अंबाला। शब्द, क्षमा और शपथ उपरांत नगर निगम के सदन की बैठक पिछले एजेंडों पर चर्चा और नए सत्तासी (87) एजेंडों पर बगैर चर्चा किए चार घंटे में निपट गई। हालांकि बैठक शुरू होते ही मनोनीत भाजपा पार्षद संदीप सचदेवा आक्रामक मुद्रा में दिखे। बस चूक यह रही कि शपथ लेने से पहले उनके यह तेवर हाउस की अध्यक्षता कर रही मेयर शक्तिरानी शर्मा को रास नहीं आए, और यहीं पासा पलट गया।
मेयर ने प्रतिवाद में मनोनीत पार्षद को बगैर शपथ लिए चुने हुए प्रतिनिधियों के समक्ष इस अंदाज में बात रखने पर कड़ी आपत्ति जताई। शक्तिरानी शर्मा द्वारा मर्यादा में रहने का पाठ पढ़ाने के बाद शब्द वापसी भी हुए और क्षमा भी। यहां बता दें कि संदीप सचदेवा को सरकार द्वारा नगर निगम अंबाला शहर का पार्षद मनोनीत किया है, लेकिन अभी तक उनकी शपथ नहीं हुई थी। चार माह बाद बुधवार को हुई नगर निगम की बैठक में 87 प्रस्तावों पर दो सत्रों में लंबी चर्चा होनी थी। मगर पहले ही सत्र के शुरू में शपथ लेने से पहले मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने तीखे तेवर दिखा दिए। मेयर ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने मनोनीत पार्षद को हाउस की मर्यादा का पालन करते हुए पहले शपथ लेने और विधिवत सदन का हिस्सा बनने के बाद ही अपनी बात कहने को कहा।
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हाउस की मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि वह इस तरह चुने हुए पार्षदों के समक्ष शपथ लेने से पहले नहीं बोल सकते। इसके बाद सचदेवा ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए अपनी गलती को स्वीकार किया और बोले गए शब्द हाउस में वापस लिए। यहां बता दें कि बुधवार को हाउस की बैठक में मनोनीत पार्षद सुरेश सहोता ने शपथ ली। इसके पश्चात एक मुद्दे पर जोर देते हुए जो शोरगुल हुआ, शब्द बोले गए और वापस लेने के बाद दूसरे मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने शपथ ग्रहण की।
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एजेंडों को लेकर बैठक में कई निगम पार्षद तनातनी की मुद्रा में रहे। बता दें 25 फरवरी 2021 को हुई पूर्व हाउस की बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के लिए महापौर से अनुमति लेकर बैठक शुरू की गई थी, जिसमें पूर्व बैठक में पारित बिंदुओं की पुष्टि के लिए अनुमति के बाद 34 एजेंडों में से 14 पर कार्रवाई चली,जबकि इस बैठक के नये 87 एजेंडों में से किसी पर चर्चा नहीं हो सकी। एक पार्षद ने बताया कि इस बैठक के लिए 87 नए एजेंडों के अलावा 9 एजेंडे मेयर की ओर से भी रखे जाने थे,मगर इनमें से पहले ही एजेंडे पर वोटिंग हो गई और कोई नतीजा न निकलने पर इसी के साथ बैठक समाप्त हुई।
जेई को दिया अल्टीमेटम
वार्ड-18 में पीएनबी बैंक के पास नए बने पार्क दीवार जो गिर गई थी, उसका ठेकेदार द्वारा पार्क का रास्ता साथ लगते घर से बनाया गया है। इसको लेकर एक्सईएन की रिपोर्ट थी कि दीवार को दुबारा से बना दिया गया है, जैसे ही ईओ जरनैल सिंह ने इस बात को हाउस की बैठक में रखा तो पार्षदों ने खड़ा होकर इसका विरोध कर दिया और बताया कि इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसे गलत मानते हुए मेयर ने एक्शन लेने की बात कही,जिनकी बात को निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने जेई के खिलाफ गलत जानकारी देने के मामले में एक्शन लेने के निर्देश दिए। इस मुद्दे पर एक पार्षद ने माफी देने की बात कही थी,लेकिन मेयर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा संज्ञान लिया।
ईओ ने कहा दीवार बन गई, मेयर बोलीं गुमराह मत करें
जिस गलत रिपोर्ट के आधार पर हाउस में ईओ जरनैल सिंह ने पीएनबी बैंक के पास वाली दीवार के बनने की बात कही थी,उस पर मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि आप हाउस को गुमराह मत करें। पार्षद बता रहें हैं कि दीवार नहीं बनी, इसके बाद निगम कमिश्नर ने भी तेवर दिखाते हुए ईओ की क्लास लगाते हुए कहा कि मैं आपके कहने पर ही हाउस में बात आगे कहता हूं। आपकी गलती के कारण मेरी बात गलत हो रही है। उन्होंने इस लापरवाही पर एक्शन लेने निर्देश दिए।
हाउस में अक्षय कुमार की फिल्म वाली कंपनी टिचकुले एंड...
साल 2010 में आई बालीवुड के खिलाड़ी कुमार अभिनेता यानी अक्षय कुमार की फिल्म खट्टा-मीठा की कंपनी टिचकुल एंड टिचकुले का भी जिक्र अंबाला शहर नगर निगम के हाउस की बैठक में हुआ। दरअसल नगर पार्षद टोनी चौधरी और मिथुन वर्मा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए मेयर और निगम कमिश्नर के समक्ष सवाल उठाया कि जो काम सौ रुपये में होता है, उसे ठेके पर देकर 40 से 60 रुपये में कैसे कराया जा सकता है ? उन्होंने कहा कि कम रेट पर ठेका देने से विकास कार्य कैसे होते हैं, यह सब जानते हैं। जबकि इस तरह के काम वहीं फिल्म टिचकुले एंड टिचकुले वाली कंपनी के हिसाब से ही होंगे और इस स्थिति से हमें बचना होगा।
एक्ट अभी पढ़ लो, मैं एमपी, एमएलए नहीं हूं
नौ में से पहले ही एजेंडे पर विरोध करते हुए मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने पहले ही एजेंडे को राजनीति से प्रेरित बताया। इस प्रस्ताव को पास करने से पहले मनोनीत पार्षद ने वोटिंग कराने की बात रखी। सचदेवा का कहना था कि मेयर द्वारा रखे गए इस पहले ही प्रस्ताव के खिलाफ मतदान में 11 लोग खिलाफ दिखे। इनमें भाजपा चुने हुए 8 और दो मनोनीत और एक अन्य दल के पार्षद ने प्रस्ताव की खिलाफत की। विवाद उस समय हुआ जब दो मनोनीत पार्षदों की वोट मानने से इंकार कर दिया गया। इस पर सचदेवा ने कहा कि एक्ट पढ़ लो, मैं एमपी या एमएलए नहीं हूं...एक्ट में हमें भी वोट का अधिकार है। हालांकि काफी देर तक हाउस में वोट का अधिकार है या नहीं, इसके लिए तर्क दिए गये और आखिर में यह कह कर बैठक की कार्रवाई पूरी कर दी गई कि प्रस्ताव पास हो चुका है और अगर मनोनीत पार्षदों को वोट का अधिकार है तो वह इसका प्रावधान देखने के बाद ही हार जीत का फैसला तय करेंगे।
यह था मुद्दा, जिस पर हुई वोटिंग
शक्तिरानी शर्मा के मेयर बनने से पहले पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों का पूरे लेखा जोखा मांगने का प्रस्ताव रखा गया था। इसका भाजपा पार्षदों ने विरोध किया,उन्होंने इस पर वोटिंग कराने की मांग रखी और कहा कि यह एक्ट के अनुसार नहीं है और इस प्रस्ताव को राजनीतिक द्वेष के चलते लाया गया है,ताकि पिछले कार्यकाल में हुए कार्यों पर विवाद खड़ा किया जा सके।
कचरे पर कमिश्नर बोले वह अपने घर पर भी....
नगर निगम के कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने पार्षदों से कहा कि अगर कचरा प्रबंधन घरेलू स्तर पर नहीं किया गया तो यहां भी गंदगी के पहाड़ बन जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अपने स्तर पर अपने घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणी के कचरों में बांट कर ही उसका निस्तारण कराते हैं। उन्होंने बताया कि हमें इस बात पर जोर देना होगा कि घरों से निकलने वाला सारा कचरा एक साथ मिला उसे अलग अलग श्रेणी में बांटें ताकि उसका सही ढंग से निस्तारण हो सके।
गोशाला को सरकारी मदद पर सवाल...
निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने सूलर गोशाला को मासिक डेढ़ लाख रुपये सहायता देने की बात रखी। वहीं कुछ पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा करने से दूसरी गोशाला, जिनके पास अधिक संख्या में गोवंश रखा गया। इस पर कमिश्नर ने कहा कि यह सेवा का काम है,अगर दूसरी जगहों पर इस तरह की सेवा कार्य जारी हैं तो वहां भी सहायता राशि दी जाएगी। विशेषकर उन जगहों पर जहां सैकड़ों की संख्या में लाचार और हादसे का शिकार गोवंश का पालन पोषण हो रहा है। दरअसल सवाल यह भी था कि कुछ गोशालाओं में पहले पहल गोवंश को दिखावे के लिए रख लिया जाता है और बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है,लेकिन कमिश्नर ने इसके जवाब में कहा कि जिन गोशालाओं को सरकारी कोष से मदद दी जाएगी,वहां टीम निरीक्षण करेगी और जो गोवंश वहां छोड़ा जाएगा,उन टेग लगाए जाएंगे।
जांच कमेटी,जांच कमेटी,जांच कमेटी और बोले कितनी बनेगी जांच...
पार्षद मिथुन वर्मा ने निर्माण कार्यों में हो रही गड़बड़ी का जिक्र करते हुए मोबाइल पर सीसीटीवी फुटेज हाउस के सामने रखी। इस फुटेज को दिखाते हुए वर्मा ने कहा कि देखिये कैसे हो रहा है निर्माण कार्य। उन्होंने निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री पर भी सवाल उठाए। यहां खास बात यह रही कि हाउस की बैठक में हर मुद्दे पर जब कमेटी का गठन करने की बात की गई तो पार्षद इस पर चुटकी लेते हुए बोले...जांच कमेटी जांच कमेटी,जांच कमेटी और कितनी जांच कमेटियां बनेगी।
निगम क्षेत्र में खेल स्टेडियम
हाउस में कमिश्नर ने निगम क्षेत्र में एक अच्छा खेल स्टेडियम के निर्माण की बात रखी थी। उन्होंने कहा कि जिन इलाके में 10 भूमि है,जहां खेल स्टेडियम बन सकता है,उन जगहों का नाम पार्षद उपलब्ध कराए, ताकि उपयुक्त जगह पर खेल स्टेडियम बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ सके। इसके लिए नसीरपुर और आहलूमाजरा के अलावा अन्य कुछ नाम हाउस में आगे आए हैं,जबकि अन्य और जगहों के नाम भी मांगे गए हैं।

-पार्षद संदीप सचदेवा ने कहा 60 वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों को आउटसोर्स के तहत नौकरी पर रखे निगम
-पार्षद हितेश जैन ने कहा कि एक ही ठेकेदार को सारे काम नहीं दे निगम
-पार्षद टोनी चौधरी बोले,चाहे सारे एक ही ठेकेदार को दो,मगर गुणवत्ता का ध्यान रखो
-कोई भी कार्य शुरू होने से पहले उसका वर्क ऑर्डर पार्षद को देना होगा। इसको लेकर आयुक्त ने ईओ को दिए हैं निर्देश
पार्षदों ने की मांग, खसरा नंबर में न उलझाए निगम
एनडीसी को लेकर भी पार्षदों और अधिकारियों में काफी देर तक चर्चा होती रही। इस दौरान पार्षदों ने कॉलोनियां नियमित होने के बाद भी उनकी रजिस्ट्री न होने की बात कही। साथ ही बताया कि इस कारण जनता काफी परेशान हो रही है। पार्षद मनीष आनंद ने कहा कि नगर निगम ने अपने पोर्टल पर कॉलोनियों को नियमित बताया हुआ है। मगर, जब रजिस्ट्री की बारी आती है तो वहां का खसरा नंबर ही नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि उन्हें तो अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि कौन- कौन सी कॉलोनियां नियमित है और कौन सी नियमित नहीं है। इस पर आयुक्त ने उस का सर्वे करवाने के निर्देश दिए जिन कॉलोनियों के खसरा नंबर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे कि उन्हें भी पोर्टल पर चढ़वाने के लिए ऊपर भेजा जा सके।

अंबाला शहर के पंचायत भवन में आयोजित बैठक में जानकारी देते निगम आयुक्त व मेयर।

अंबाला शहर के पंचायत भवन में आयोजित बैठक में जानकारी देते निगम आयुक्त व मेयर।- फोटो : Ambala

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