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Ambala News: बाल सुधार गृह के अवलोकन कक्ष का निरीक्षण, मिली खामियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2024 05:29 AM IST
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Inspection of observation room of juvenile home, flaws found
अंबाला सिटी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) की सदस्या सुमन राणा बुधवार को अंबाला सिटी के अवलोकन कक्ष (ऑब्जरवेशन रूम) में निरीक्षण करने पहुंचीं। यहां पर उन्हें अधिकतर व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, मगर बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण कमरों में गर्मी का अधिक अहसास हो रहा था। वहीं पंखे भी कम मिले।
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ऐसे में जब स्टॉफ से जवाब लिया गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास पंखे आए हैं, जिन्हें जल्द ही लगवा दिया जाएगा। इस पर सदस्या ने निर्देश दिए कि कुछ बच्चों को आइसोलेशन कक्ष में शिफ्ट करें। वहां पर पंखों की व्यवस्था करें, जिससे कि बच्चों को गर्मी के समय में राहत मिल सके। इसके अलावा उन्होंने पुस्तकालय, भोजनालय आदि का भी निरीक्षण किया। यहां पर बच्चे कंप्यूटर व पेंटिंग आदि भी सीख रहे हैं। इसकी सराहना भी की।
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चाइल्ड लाइन बंद होने से घटे बच्चों के केस

इसके साथ ही एससीपीसीआर सदस्या ने अंबाला छावनी में ओपन शेल्टर होम का भी दौरा किया। यहां पर व्यवस्थाएं ठीक मिली। मगर यहां पता चला कि पहले चाइल्ड लाइन संचालित होती थी तो बेसहारा, गुमशुदा बच्चों के कई मामले हर दिन मिलते थे। मगर चाइल्ड लाइन के बंद होने से अब तेजी से मामलों में कमी आ रही है। बच्चों को रेस्क्यू नहीं कर पा रहे हैं। वहीं चाइल्ड लाइन का 10 कर्मियों का स्टॉफ था उनका भी वेतन काफी दिनों से रुका है। ऐसे में इन कर्मियों का क्या होगा इस पर भी अभी कोई निर्णय सामने नहीं आ रहा है।
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बाल अधिकारों का संरक्षण आयोग का प्रथम उद्देश्य

जिला शिक्षा सदन के सभागार में बाल सुरक्षा एवं बाल अधिकारों के मुद्दों पर अंबाला जिले के सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान आयोग की सदस्या श्रीमती सुमन राणा द्वारा बताया गया कि बाल सुरक्षा का मुद्दा बहुत ही गंभीर विषय हैं बाल अधिकारों का सरंक्षण करना ही हरियाणा राज्य बाल आयोग का पहला उद्देश्य हैं। आयोग की सदस्या ने बैठक के दौरान अधिकारियों को बताया कि दिन प्रतिदिन बच्चे यौन अपराध, बाल मजदूरी, बाल विवाह , बाल तस्करी जैसे गंभीर अपराधों का शिकार हो रहे हैं। इस सब अपराधों से बच्चों का बचाव जरूरी है। साथ ही उन्होंने बताया की सभी विभागों को इस पर मिलकर काम करने की आवश्यकता है।


डीईईओ को शिकायत पेटिका देखने के निर्देश

आयोग की सदस्या ने जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा को निर्देश दिए कि वह व्यक्तिगत तौर पर हर एक स्कूल में लगी शिकायत पेटी का निरीक्षण करें और उनमें आई शिकायतों को निजी तौर पर जल्द से जल्द निपटारा करें। सभी बच्चों की निरंतर स्कूलों में काउंसलिंग करवाई जाए और अगर कोई विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित हो रहा हो तो उस पर विशेष निगरानी अवश्य रखें। सुरक्षित वाहन पालिसी के अंतर्गत स्कूल बसों का निरीक्षण करना भी सुनिश्चित करें। बैठक को आगे बढ़ाते हुए बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा रंजीता ने संबंधित अधिकारियों को वर्चुअल टच के बारे में जागरूक किया। किस प्रकार बच्चे इंटरनेट के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। जिसका प्रभाव सीधे तौर पर बच्चे के दिमाग पर पड़ रहा हैं।
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