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Ambala News: शिक्षकों को तनाव के समय से मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने बारे दी जानकारी
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अंबाला। द एसडी विद्या स्कूल छावनी में वर्तमान क्षण और प्राकृतिक चिकित्सा का जश्न विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य शिक्षकों को तनाव के समय में उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को फिर से बेहतर करने में मदद करना है।
मुख्य वक्ता प्रो. आरके अरोड़ा ने वर्तमान क्षण को सेलिब्रेट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अतीत के बारे में सोचने से अवसाद होता है और भविष्य के बारे में सोचने से चिंता होती है, हम वर्तमान क्षण में रहकर ही शांति प्राप्त कर सकते हैं। हमें नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों से बदलना चाहिए। शिक्षकों को ध्यान पर एक छोटा सत्र भी करवाया गया, क्योंकि ध्यान से एकाग्रता और अवधारणा में सुधार होता है। ध्यान के द्वारा हम भावनात्मक विकास भी प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षकों के लिए ध्यान और वर्तमान क्षण को मनाने से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध थीं। अन्य कार्यशाला में डॉ. प्रभु शंकर पाल ने प्राकृतिक चिकित्सा के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा मानव कल्याण का समर्थन करने के लिए उपचार की एक श्रृंखला का उपयोग करती है। आहार और जीवनशैली में बदलाव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। स्कूल की निर्देशक प्राचार्य नीलइंदरजीत कौर संधू ने दोनों संसाधन व्यक्तियों को पौधे भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक होने के नाते हमारा परम कर्तव्य है कि हम शारीरिक और मानसिक रूप से तंदरुस्त रहें क्योंकि बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में ही होता है। वर्तमान क्षण का जश्न मनाने पर कार्यशाला के संसाधन व्यक्ति गर्ल्स कॉलेज कैथल के प्राचार्य प्रो. राजिंद्र कुमार अरोड़ा थे। उपस्थित अन्य अतिथियों में जसबीर सिंह, तेजपाल सिंह, नरेंद्र सिंह और कीर्ति थे। सभी मेहमान संत कृपाल रूहानी मिशन के थे।
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मुख्य वक्ता प्रो. आरके अरोड़ा ने वर्तमान क्षण को सेलिब्रेट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अतीत के बारे में सोचने से अवसाद होता है और भविष्य के बारे में सोचने से चिंता होती है, हम वर्तमान क्षण में रहकर ही शांति प्राप्त कर सकते हैं। हमें नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों से बदलना चाहिए। शिक्षकों को ध्यान पर एक छोटा सत्र भी करवाया गया, क्योंकि ध्यान से एकाग्रता और अवधारणा में सुधार होता है। ध्यान के द्वारा हम भावनात्मक विकास भी प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षकों के लिए ध्यान और वर्तमान क्षण को मनाने से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध थीं। अन्य कार्यशाला में डॉ. प्रभु शंकर पाल ने प्राकृतिक चिकित्सा के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा मानव कल्याण का समर्थन करने के लिए उपचार की एक श्रृंखला का उपयोग करती है। आहार और जीवनशैली में बदलाव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। स्कूल की निर्देशक प्राचार्य नीलइंदरजीत कौर संधू ने दोनों संसाधन व्यक्तियों को पौधे भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक होने के नाते हमारा परम कर्तव्य है कि हम शारीरिक और मानसिक रूप से तंदरुस्त रहें क्योंकि बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में ही होता है। वर्तमान क्षण का जश्न मनाने पर कार्यशाला के संसाधन व्यक्ति गर्ल्स कॉलेज कैथल के प्राचार्य प्रो. राजिंद्र कुमार अरोड़ा थे। उपस्थित अन्य अतिथियों में जसबीर सिंह, तेजपाल सिंह, नरेंद्र सिंह और कीर्ति थे। सभी मेहमान संत कृपाल रूहानी मिशन के थे।
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