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प्रतिवर्ष औसतन 35 टन दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, फिर भी मिलावट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 01:30 AM IST
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Increase in milk production by an average of 35 tonnes per annum
दूूूध दही का खाणा यह मेरा हरियाणा। प्रदेश में दूह-दही की उपलब्धता को देखते हुए लिखी गई यह पंक्ति आज भी अंबाला में चरितार्थ हो रही है। जिले में हर साल दूध की उपलब्धता में निरंतर वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके बावजूद दूध और दूध के निर्मित उत्पादों में मिलावटखोरी का धंधा तेजी से पनप रहा है। जिले की बात करें तो प्रति व्यक्ति करीब 1053 ग्राम दूध की उपलब्धता है। 13 लाख की आबादी के लिए जिले में इस समय करीब 500 टन दूध का उत्पादन हो रहा है। यह उत्पादन 2015 में हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा किए गए सर्वे से करीब 184 टन अधिक है यानी औसतन हर साल करीब 35 टन दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है, जोकि हर साल बढ़ने वाली जिले की आबादी से ज्यादा है।
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2019 की जनगणना के अनुसार अंबाला में कुल दूध का उत्पादन
पशुपालन विभाग द्वारा 2015 में किए गए सर्वे की रिपोर्ट
2015 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा के सर्वे के अनुसार अंबाला में कुल दूध का उत्पादन भैंस से 101.364 टन और 3486 बकरियों से 1.215 टन दूध का उत्पादन किया गया था।
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दूध के 38 तो उससे बने उत्पादों के 30 प्रतिशत सैंपल फेल
मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक दूध के कुल 13 सैंपल लिए गए। इसमें से 5 असुरक्षित, मिलावटी और मिसब्रांडिड पाए गए। यानी 38 प्रतिशत दूध के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी तरह दूध से बने उत्पादों के 57 सैंपल लिए गए। इनमें से 17 मानकों पर नहीं उतरे यानी 70 प्रतिशत सैंपल ही सही पाए गए। इस तरह यदि दूूध और दूध से निर्मित उत्पादों की बात करें तो करीब 31 प्रतिशत सैंपल सही नहीं पाए गए।
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वीटा मिल्क प्लांट की यह है स्थिति
अंबाला के वीटा मिल्क प्लांट में रोजाना करीब 70 से 75 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि करीब 80 हजार लीटर दूध का प्रोक्योरमेंट यहां किया जाता है।
यह है डेयरी फार्मिंग की स्थिति
जिले में करीब 590 बड़ी डेयरी चल रही है, जबकि करीब 2 हजार छोटी डेयरियां हैं। अंबाला शहर और छावनी में करीब 400 से ज्यादा डेयरियां चल रही हैं। बड़ी डेयरियों की बात करें तो इनमें न्यूनतम 20 से 35 पशु हैं, जबकि छोटी डेयरियों में 5 से 15 तक पशु रखे जा रहे हैं।
लोगों को दूध और दूध से बने सभी उत्पाद शुद्ध मिले इसके लिए हम नियमित रूप से सैंपलिंग कर रहे हैं। एक साल के भीतर हमने 70 सैंपल लिए। इनमें से 22 मिस ब्रांडिंग, मिलावटी और असुरक्षित थे। इन सभी पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आगे भी अभियान जारी रहेगा।

-सुभाष चंद्र, नामित अधिकारी फूड सेफ्टी।
अंबाला में इस समय करीब एक किलो से ज्यादा प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता है। सरकार के प्रयास और लोगों की जागरूकता से दुग्ध क्रांति पिछले पांच सालों में काफी आई है। इसी कारण दूध का उत्पादन बढ़ा है।
-प्रेम सिंह, डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग।
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