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अवैध कब्जों की जद में जिला, सिकुड़ी सड़कें
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:58 AM IST
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अवैध्ा कब्जे
- फोटो : amar ujala
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अंबाला जिले में इस वक्त अवैध कब्जे और अतिक्रमण बड़ी समस्या बन चुका है। इस समस्या की जद में आने के बाद जहां शहरों से लेकर कस्बों तक के बाजारों की सड़कें सिकुड़ चुकी हैं, वहीं इस ओर प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और आंखें मूंदे बैठा है।
अवैध कब्जों और अतिक्रमण के इन हालातों का खामियाजा आज अंबाला की जनता भुगत रही है। उन्हें सड़कों पर अपने वाहनों के साथ चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती, तो वहीं बाजारों में हर थोड़ी देर बार जाम का सामना करके मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। शाम को तो बाजारों में जाम के कारण जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासनिक अफसरों की लगातार अवैध कब्जों और अतिक्रमण को लेकर बरती गई उदासीनता का ही नतीजा है कि अंबाला में कुछ अवैध कब्जों के मामले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन पड़े हैं और कुछ और नए केस हाईकोर्ट में जाने के लिए तैयार हैं।
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ये है जिले में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के हालात
-अंबाला कैंट
- अंबाला कैंट के तमाम बाजारों राय मार्केट, रेलवे रोड, सदर बाजार, निकलसन रोड, न्यू सदर बाजार, चौड़ा बाजार, बजाजा बाजार, गुड़ बाजार, दाल बाजार, हिल रोड, राम बाजार रोड, पुल चमेली, कबाड़ी बाजार, सराफा बाजार, कपड़ा बाजार, हलवाई बाजार, कसेरा बाजार, अनाजमंडी मार्केट समेत अन्य बाजारों में अवैध कब्जे व अतिक्रमण की भरमार है।
- यहां बाजारों में नालों के साथ-साथ सड़कों पर पांच से सात फीट पक्के कब्जे हो चुके हैं।
-अपनी दुकानें होने के बाजवूद यहां दुकानदारों ने पांच से पंद्रह फीट तक सड़कों पर अस्थायी दुकानें सजा रखी हैं।
- सोमवार को तो यहां बाजारों में अवैध रूप से फड़ी बाजार लगता है, इस दिन तो बाजारों से गुजरना ही मुश्किल हो जाता है।
- दुकानदार अपनी दुकानों के आगे सरकारी जीन पर फड़ी लगवाकर एक दिन का पांच से दो हजार रुपये किराया वसूलते हैं।
-महेशनगर मार्केट व बब्याल रोड मार्केट के हालात भी बहुत दयनीय हैं, यहां भी सरकारी जमीन व नालों पर कब्जेधारी काबिज हैं।
-अंबाला सिटी का भी यही हाल
अंबाला सिटी में कपड़ा बाजार, मानव चौक क्षेत्र, रतनगढ़ रोड, कचहरी रोड, रेलवे रोड, राधा कृष्ण बाजार, नावल्टी रोड मार्केट, स्पाटू रोड, सर्कुलर रोड मार्केट, पटेल रोड मार्केट, सराफा बाजार, बस्तीराम बाजार, जैन बाजार, हलवाई बाजार, पिपली बाजार, बांस बाजार, शुकलकुंड रोड, दशमेश मार्केट, बस स्टैंड मार्केट, प्रेमनगर मार्केट, जैन नगर मार्केट, छोटा बाजार, सब्जी मंडी मार्केट समेत अन्य बाजार भी जबरदस्त अवैध कब्जे व अतिक्रमण की जद में हैं।
- उत्तर भारत की सबसे बड़ी थोक कपड़ा मार्केट के हालात तो सबसे ज्यादा खराब हैं, दुकानों के बावजूद सड़कों व गलियों में दुकानें सजाएं बैठे हैं दुकानदार।
- हैरानी की बात तो यह कि तालाब की जमीन पर शुकलकुंड मार्केट का एक बड़ा हिस्सा बना लिया गया
- बस स्टैंड क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध शराब के बूथ तक बन गए, मामला नगर निगम की सदन में बैठक में खूब उछला
- सिटी वासी भी बाजारों में कब्जों, अतिक्रमण और जाम की वजह से बहुत दुखी हैं।
- बलदेव नगर मार्केट क्षेत्र के हालात भी बेहद दयनीय है, यहां भी कब्जेधारियों ने हद कर रखी है।
शहजादपुर और नारायणगढ़-
- शहजादपुर व नारायणगढ़ कस्बे के तमाम बाजार भी अवैध कब्जों व अतिक्रमण से बुरी तरह से ग्रस्त हैं।
- शहजादपुर मार्केट में 67 फीट की चौड़ी सड़क कब्जों के चलते तंगहाल हो गई है
- नारायणगढ़ के तमाम बाजारों में ही यही हालात है, लोगों ने नालों व सड़कों पर कई फीट तक अवैध कब्जे कर लिए हैं।
- यहां बाजारों में भी लोगों को चलना बहुत मुश्किल बना हुआ है।
-मुलाना व बराड़ा
- मुलाना व बराड़ा कस्बे के बाजार भी अवैध कब्जों और अतिक्रमण से अछूते नहीं हैं
- मुलाना में तो बाजारों के साथ-साथ लोगों ने नेशनल हाईवे पर भी कब्जा कर दुकानें आगे बढ़ा ली हैं।
- जबकि बराड़ा के बाजारों से भी गुजरना टेढ़ी खीर है, यहां भी कब्जेधारी बेधड़क सड़कों व नालों पर काबिज हैं।
अस्त-व्यस्त पार्किंग से बढ़ती परेशानी
अंबाला कैंट व सिटी हो या फिर कस्बे के बाजार, आपका जहां मन चाहे वहीं सड़क पर अपने वाहन खड़े कर दो। सिटी व कैंट में तो आप सड़कों के बीच या डिवाइडर के साथ-साथ कहीं भी वाहन खड़ा करो, कोई टेंशन नहीं। आपको कोई रोकने व टोकने वाला नहीं, पुलिस या नगर निगम कर्मचारी आकर आपके वाहन का चालान करेंगे, इस तरह की भी कोई फिक्र नहीं। कुछ ऐसे ही हालात आज जिले के बाजारों में बने हुए हैं और यही लचर पार्किंग व्यवस्था लोगों का और जयादा सिरदर्द बढ़ा रही है। दुकानदार खुद अपने वाहन इस कदर बेतरतीब ढंग से खड़ा करते हैं कि सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। लेकिन नगर निगम और पुलिस प्रशासन दोनों ही इस परेशानी की ओर भी शायद आंखें मूंदे बैठा है।
वर्जन
सिटी में अतिक्रमण और अवैध कब्जों की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। निगम अफसरों को पुलिस के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाना होगा।
-हरीश सासन, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद सिटी-
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कैंट में तो अवैध कब्जों व अतिक्रमण ने शायद रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है। बाजारों में हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं। लोगों के लिए ये कब्जे व अतिक्रमण आफत बन चुके हैं।
-नीलम शर्मा, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद कैंट-
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कब्जे हटाएं जाएं, ये तो ठीक है, लेकिन आखिरकार ये नालों व सड़कों पर पक्के अवैध कब्जे हुए कैसे? इसकी जिम्मेवारी कौन तय करेगा? अब हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जे हटेंगे, ये तो बहुत ही आश्चर्य की बात है, जो काम अफसरों को करवाना चाहिए, वो हाईकोर्ट करवा रहा है।
- हीरालाल यादव, पूर्व पार्षद-
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अवैध कब्जे व अतिक्रमण से आज जनता बहुत ज्यादा त्रस्त हैं। प्रशासन के ही कुछ अफसरों व कर्मचारियों की मेहरबानियों की वजह से ही दुकानदार नालों व सड़कों पर पक्के काबिज हुए। इन अफसरों की जिम्मेवारी भी तय होनी बहुत जरूरी है।
- सुधीर जयसवाल, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला-
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एमसीए के अफसर पक्के अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटवाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हाईकोर्ट के आदेशों की भी पालना की जा रही है। मानता हूं कि अवैध कब्जेधारियों व अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। लेकिन एमसीए की टीम पूरी तरह कब्जा व अतिक्रमण हटवाओ अभियान में जुटी हुई है।
- रमेशलाल मल, मेयर, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला-
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हाईकोर्ट ने कैंट के बाजारों से अवैध कब्जे हटवाने की जनहित याचिका में 20 जुलाई तक अफसरों को कैंट के बाजारों से कब्जे हटवाने के आदेश दिए हुए हैं। एमसीए के ज्वाइंट कमिश्नर ने उन्हे आश्वस्त किया है कि जल्द अवैध कब्जे हटवाएं जाएंगे। वे महेशनगर, बब्याल, शहजादपुर व मुलाना इलाके में भी अवैध कब्जों का केस तैयार कर एक और जनहित याचिका हाईकोर्ट में लगाने वाले हैं।
-एडवोकेट एसकेएस बेदी, हाईकोर्ट में याचीकाकर्ता-
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इलाके में अतिक्रमण व अवैध कब्जे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मैने इस बाबत म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों व अतिक्रमण की समस्या से लोगों को मुक्ति दिलवाएं। आज इन्ही कब्जों की वजह से विकास कार्यों में भी बहुत दिक्कत आ रही है। लेकिन अफसरों को निर्देश दिए हैं कि लोगों को इस समस्या से निजात दिलवाई जाए।
-अनिल विज, कैबीनेट मंत्री, हरियाणा सरकार-
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अवैध कब्जों और अतिक्रमण के इन हालातों का खामियाजा आज अंबाला की जनता भुगत रही है। उन्हें सड़कों पर अपने वाहनों के साथ चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती, तो वहीं बाजारों में हर थोड़ी देर बार जाम का सामना करके मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। शाम को तो बाजारों में जाम के कारण जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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प्रशासनिक अफसरों की लगातार अवैध कब्जों और अतिक्रमण को लेकर बरती गई उदासीनता का ही नतीजा है कि अंबाला में कुछ अवैध कब्जों के मामले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन पड़े हैं और कुछ और नए केस हाईकोर्ट में जाने के लिए तैयार हैं।
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ये है जिले में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के हालात
-अंबाला कैंट
- अंबाला कैंट के तमाम बाजारों राय मार्केट, रेलवे रोड, सदर बाजार, निकलसन रोड, न्यू सदर बाजार, चौड़ा बाजार, बजाजा बाजार, गुड़ बाजार, दाल बाजार, हिल रोड, राम बाजार रोड, पुल चमेली, कबाड़ी बाजार, सराफा बाजार, कपड़ा बाजार, हलवाई बाजार, कसेरा बाजार, अनाजमंडी मार्केट समेत अन्य बाजारों में अवैध कब्जे व अतिक्रमण की भरमार है।
- यहां बाजारों में नालों के साथ-साथ सड़कों पर पांच से सात फीट पक्के कब्जे हो चुके हैं।
-अपनी दुकानें होने के बाजवूद यहां दुकानदारों ने पांच से पंद्रह फीट तक सड़कों पर अस्थायी दुकानें सजा रखी हैं।
- सोमवार को तो यहां बाजारों में अवैध रूप से फड़ी बाजार लगता है, इस दिन तो बाजारों से गुजरना ही मुश्किल हो जाता है।
- दुकानदार अपनी दुकानों के आगे सरकारी जीन पर फड़ी लगवाकर एक दिन का पांच से दो हजार रुपये किराया वसूलते हैं।
-महेशनगर मार्केट व बब्याल रोड मार्केट के हालात भी बहुत दयनीय हैं, यहां भी सरकारी जमीन व नालों पर कब्जेधारी काबिज हैं।
-अंबाला सिटी का भी यही हाल
अंबाला सिटी में कपड़ा बाजार, मानव चौक क्षेत्र, रतनगढ़ रोड, कचहरी रोड, रेलवे रोड, राधा कृष्ण बाजार, नावल्टी रोड मार्केट, स्पाटू रोड, सर्कुलर रोड मार्केट, पटेल रोड मार्केट, सराफा बाजार, बस्तीराम बाजार, जैन बाजार, हलवाई बाजार, पिपली बाजार, बांस बाजार, शुकलकुंड रोड, दशमेश मार्केट, बस स्टैंड मार्केट, प्रेमनगर मार्केट, जैन नगर मार्केट, छोटा बाजार, सब्जी मंडी मार्केट समेत अन्य बाजार भी जबरदस्त अवैध कब्जे व अतिक्रमण की जद में हैं।
- उत्तर भारत की सबसे बड़ी थोक कपड़ा मार्केट के हालात तो सबसे ज्यादा खराब हैं, दुकानों के बावजूद सड़कों व गलियों में दुकानें सजाएं बैठे हैं दुकानदार।
- हैरानी की बात तो यह कि तालाब की जमीन पर शुकलकुंड मार्केट का एक बड़ा हिस्सा बना लिया गया
- बस स्टैंड क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध शराब के बूथ तक बन गए, मामला नगर निगम की सदन में बैठक में खूब उछला
- सिटी वासी भी बाजारों में कब्जों, अतिक्रमण और जाम की वजह से बहुत दुखी हैं।
- बलदेव नगर मार्केट क्षेत्र के हालात भी बेहद दयनीय है, यहां भी कब्जेधारियों ने हद कर रखी है।
शहजादपुर और नारायणगढ़-
- शहजादपुर व नारायणगढ़ कस्बे के तमाम बाजार भी अवैध कब्जों व अतिक्रमण से बुरी तरह से ग्रस्त हैं।
- शहजादपुर मार्केट में 67 फीट की चौड़ी सड़क कब्जों के चलते तंगहाल हो गई है
- नारायणगढ़ के तमाम बाजारों में ही यही हालात है, लोगों ने नालों व सड़कों पर कई फीट तक अवैध कब्जे कर लिए हैं।
- यहां बाजारों में भी लोगों को चलना बहुत मुश्किल बना हुआ है।
-मुलाना व बराड़ा
- मुलाना व बराड़ा कस्बे के बाजार भी अवैध कब्जों और अतिक्रमण से अछूते नहीं हैं
- मुलाना में तो बाजारों के साथ-साथ लोगों ने नेशनल हाईवे पर भी कब्जा कर दुकानें आगे बढ़ा ली हैं।
- जबकि बराड़ा के बाजारों से भी गुजरना टेढ़ी खीर है, यहां भी कब्जेधारी बेधड़क सड़कों व नालों पर काबिज हैं।
अस्त-व्यस्त पार्किंग से बढ़ती परेशानी
अंबाला कैंट व सिटी हो या फिर कस्बे के बाजार, आपका जहां मन चाहे वहीं सड़क पर अपने वाहन खड़े कर दो। सिटी व कैंट में तो आप सड़कों के बीच या डिवाइडर के साथ-साथ कहीं भी वाहन खड़ा करो, कोई टेंशन नहीं। आपको कोई रोकने व टोकने वाला नहीं, पुलिस या नगर निगम कर्मचारी आकर आपके वाहन का चालान करेंगे, इस तरह की भी कोई फिक्र नहीं। कुछ ऐसे ही हालात आज जिले के बाजारों में बने हुए हैं और यही लचर पार्किंग व्यवस्था लोगों का और जयादा सिरदर्द बढ़ा रही है। दुकानदार खुद अपने वाहन इस कदर बेतरतीब ढंग से खड़ा करते हैं कि सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। लेकिन नगर निगम और पुलिस प्रशासन दोनों ही इस परेशानी की ओर भी शायद आंखें मूंदे बैठा है।
वर्जन
सिटी में अतिक्रमण और अवैध कब्जों की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। निगम अफसरों को पुलिस के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाना होगा।
-हरीश सासन, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद सिटी-
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कैंट में तो अवैध कब्जों व अतिक्रमण ने शायद रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है। बाजारों में हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं। लोगों के लिए ये कब्जे व अतिक्रमण आफत बन चुके हैं।
-नीलम शर्मा, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद कैंट-
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कब्जे हटाएं जाएं, ये तो ठीक है, लेकिन आखिरकार ये नालों व सड़कों पर पक्के अवैध कब्जे हुए कैसे? इसकी जिम्मेवारी कौन तय करेगा? अब हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जे हटेंगे, ये तो बहुत ही आश्चर्य की बात है, जो काम अफसरों को करवाना चाहिए, वो हाईकोर्ट करवा रहा है।
- हीरालाल यादव, पूर्व पार्षद-
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अवैध कब्जे व अतिक्रमण से आज जनता बहुत ज्यादा त्रस्त हैं। प्रशासन के ही कुछ अफसरों व कर्मचारियों की मेहरबानियों की वजह से ही दुकानदार नालों व सड़कों पर पक्के काबिज हुए। इन अफसरों की जिम्मेवारी भी तय होनी बहुत जरूरी है।
- सुधीर जयसवाल, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला-
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एमसीए के अफसर पक्के अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटवाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हाईकोर्ट के आदेशों की भी पालना की जा रही है। मानता हूं कि अवैध कब्जेधारियों व अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। लेकिन एमसीए की टीम पूरी तरह कब्जा व अतिक्रमण हटवाओ अभियान में जुटी हुई है।
- रमेशलाल मल, मेयर, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला-
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हाईकोर्ट ने कैंट के बाजारों से अवैध कब्जे हटवाने की जनहित याचिका में 20 जुलाई तक अफसरों को कैंट के बाजारों से कब्जे हटवाने के आदेश दिए हुए हैं। एमसीए के ज्वाइंट कमिश्नर ने उन्हे आश्वस्त किया है कि जल्द अवैध कब्जे हटवाएं जाएंगे। वे महेशनगर, बब्याल, शहजादपुर व मुलाना इलाके में भी अवैध कब्जों का केस तैयार कर एक और जनहित याचिका हाईकोर्ट में लगाने वाले हैं।
-एडवोकेट एसकेएस बेदी, हाईकोर्ट में याचीकाकर्ता-
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इलाके में अतिक्रमण व अवैध कब्जे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मैने इस बाबत म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों व अतिक्रमण की समस्या से लोगों को मुक्ति दिलवाएं। आज इन्ही कब्जों की वजह से विकास कार्यों में भी बहुत दिक्कत आ रही है। लेकिन अफसरों को निर्देश दिए हैं कि लोगों को इस समस्या से निजात दिलवाई जाए।
-अनिल विज, कैबीनेट मंत्री, हरियाणा सरकार-