फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Illegal colonies increased due to increase in population, pressure on health services

Ambala News: जनसंख्या बढ़ने से बढ़ी अवैध कॉलोनियां, स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2024 03:28 AM IST
विज्ञापन
Illegal colonies increased due to increase in population, pressure on health services
अंबाला सिटी। बीते 24 वर्षों में जनसंख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के हिसाब से सुविधाएं नहीं बढ़ी। जहां स्वास्थ्य क्षेत्र में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में अच्छा काम हुआ वहीं परिवहन के क्षेत्र में अभी भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र बढ़े तो ग्रामीण क्षेत्रों तक अवैध कॉलोनियां कटती गईं।
विज्ञापन

इन अवैध कॉलोनियों में से दर्जनों कॉलोनियों के वाशिंदों को वैध होने की आस है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाएं व इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ मगर चिकित्सकों की कमी आज भी परेशानी का कारण बन रही है। जिस प्रकार से लोगों ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली पर भरोसा जताया उस हिसाब से उन्हें आज भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वर्ष 2011 के जनगणना के आंकड़े देखें तो अंबाला की जनसंख्या 11 लाख 28 हजार 350 थी। आगामी जनगणना होगी तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
विज्ञापन

24 वर्षों में स्वास्थ्य विभाग में हुआ परिवर्तन वर्ष 2001 से लेकर अब तक जिला अंबाला की स्वास्थ्य सेवाओं में बहुत बदलाव हुए हैं। अंबाला छावनी में जहां खस्ता हाल नागरिक अस्पताल था। वहां पर नया नागरिक अस्पताल बनाया गया। 100 बेड की जगह 200 बेड का अस्पताल बनाया गया। पीपीपी पर हृदय सेंटर और कैंसर सेंटर बनाया। डायलिसिस सेंटर, ईसीटी, एमआई सेंटर बनाया गया। जहां पर रोजाना हजारों मरीज अपना उपचार कराने के लिए आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी प्रकार से सिटी नागरिक अस्पताल में भी बेड की संख्या बढ़ाकर 200 से 300 हुई है। वर्ष 2012 में ट्रामा सेंटर की शुरूआत हुई। जिससे गंभीर मरीजों का उपचार आसानी से होने लगा। इसके साथ ही यहां पर पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई। 2014 में चार सीएचसी को पीएचसी में परिवर्तन किया गया। वर्ष 2000 में पीएचसी को 24 घंटे के लिए शुरू कि गई थी। वर्ष 2000 के बाद एसएनसीयू बनाया गया। एमएसएनसीयू की शुरुआत हाल ही में हुई है। वर्ष 2021 में मुलाना राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बेहतर पीएचसी चुनी थी। 18 नए हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए हैं। इसमें 10 अंबाला सिटी और आठ अंबाला छावनी में बनाई गई। 14 नए सेंटर बनने की तैयारी जारी है। इसके साथ ही आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भी बनाई जा रही है।
30 प्रतिशत बढ़ी विशेषज्ञों की संख्या
स्वास्थ्य विभाग अंबाला में विशेषज्ञ चिकित्सक की संख्या पहले से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। चिकित्सा अधिकारी की संख्या घटी है। बीते कुछ वर्षों में स्वास्थ्य कर्मी भी भर्ती किए हैं। बीते 24 वर्षों में शहर की आबादी भी तेजी से बढ़ी, जिस कारण शहर में जगह कम हुई तो ग्रामीण क्षेत्र की तरफ आबादी ने विस्तार किया। इसके चलते शहर के बाहरी क्षेत्रों की सीमाओं के साथ लगते कई गांवाें में कृषि योग्य भूमि पर अवैध कॉलोनियां बसाई गई। इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए मजबूरन नगर निगम को शहरी परिसीमन के दौरान कुछ गांवों को नगर निगम की सीमा में भी जोड़ा गया। हालात देखें तो अंबाला हिसार रोड पर गांव नसीरपुर से आगे तक पहुंच गए है। मानव चौक से जलबेड़ा की तरफ जाने वाले रोड पर मटेहड़ी जट्टां तक। अंबाला से पटियाला की तरफ जाने वाले रोड पर भी कालोनियां काटी गई है। जैन कॉलेज से लेकर घेल रोड पर भी कॉलोनियां काटी हैं। शहरी क्षेत्र में करीब 40 कॉलोनियां वैध होने के लिए भेजी गई हैं।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
सीएमओ डॉ. राकेश सहल बताते हैं कि बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा हुआ है। मगर इसके साथ ही जनसंख्या में भी बढ़ोतरी है। हम बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार नियोजन जैसे उपायों के लिए जागरुकता बढ़ा रहे हैं। लोगों को खुद भी जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि संसाधन हमेशा से ही सीमित होते हैं, अगर इसी प्रकार जनसंख्या बढ़ी तो सभी को कठिनाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed