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Ambala News: मंत्री के निर्देश दरकिनार, बर्फखाने की जमीन पर बोर्ड न एफआईआर
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अंबाला छावनी स्थित फारुखा खालसा स्कूल के सामने बर्फ खाने की जमीन से हटाया गया बोर्ड। संवाद
अंबाला। बर्फखाने की जमीन पर 15 दिन बीत जाने के बाद भी अंबाला कैंट प्रशासन बोर्ड नहीं लग पाया। बोर्ड हटाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। जबकि इस संबंध में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने छावनी के उपमंडल अधिकारी को निर्देश भी दिए थे।
ऐसे में बर्फखाने की जमीन पर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है कि कहीं चुपचाप तरीके से इस जमीन को बेचने की तैयारी तो नहीं हो रही। लोगों में चर्चा है कि इस मामले में विभागीय अधिकारी जानबूझ कर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
नगर परिषद ने लगाया था बोर्ड
बर्फखाने की लगभग पांच एकड़ जमीन को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। इसे एक पक्ष म्यूटेशन सहित अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपनी जमीन बता रहा है तो वहीं नगर परिषद सहित एक्साइज क्षेत्र से जुड़े अधिकारी इसे राज्य सरकार की मलकियत बता रहे हैं। ऐसे में यह विवाद गहराता जा रहा है। जबकि इस विवाद को लेकर नगर परिषद ने बर्फ खाने की जगह पर दो अलग-अलग बोर्ड लगाए थे। इनमें से मुख्य सड़क किनारे बर्फ खाने की जमीन पर लगे बोर्ड को रातों-रात किसी अज्ञात ने हटा दिया था।
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संबंधित को जारी किया था नोटिस
उपमंडल अधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद नगर परिषद की तरफ से एक नोटिस मालिकाना हक जताने वाले व्यक्ति को भेजा गया था। हालांकि इस नोटिस का जवाब उपमंडल अधिकारी के पास पहुंच गया था और संबंधित व्यक्ति ने बोर्ड के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से इंकार किया था। इसके बाद उपमंडल अधिकारी ने यहां नया बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। बर्फखाने की जमीन से जुड़े मामले को लेकर जब उपमंडल अधिकारी विनेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं नगर परिषद के ईओ देवेंद्र नरवाल ने बताया कि यह मामला उपमंडल अधिकारी देख रहे हैं वही कुछ बता सकते हैं।
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ऐसे में बर्फखाने की जमीन पर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है कि कहीं चुपचाप तरीके से इस जमीन को बेचने की तैयारी तो नहीं हो रही। लोगों में चर्चा है कि इस मामले में विभागीय अधिकारी जानबूझ कर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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नगर परिषद ने लगाया था बोर्ड
बर्फखाने की लगभग पांच एकड़ जमीन को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। इसे एक पक्ष म्यूटेशन सहित अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपनी जमीन बता रहा है तो वहीं नगर परिषद सहित एक्साइज क्षेत्र से जुड़े अधिकारी इसे राज्य सरकार की मलकियत बता रहे हैं। ऐसे में यह विवाद गहराता जा रहा है। जबकि इस विवाद को लेकर नगर परिषद ने बर्फ खाने की जगह पर दो अलग-अलग बोर्ड लगाए थे। इनमें से मुख्य सड़क किनारे बर्फ खाने की जमीन पर लगे बोर्ड को रातों-रात किसी अज्ञात ने हटा दिया था।
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संबंधित को जारी किया था नोटिस
उपमंडल अधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद नगर परिषद की तरफ से एक नोटिस मालिकाना हक जताने वाले व्यक्ति को भेजा गया था। हालांकि इस नोटिस का जवाब उपमंडल अधिकारी के पास पहुंच गया था और संबंधित व्यक्ति ने बोर्ड के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से इंकार किया था। इसके बाद उपमंडल अधिकारी ने यहां नया बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। बर्फखाने की जमीन से जुड़े मामले को लेकर जब उपमंडल अधिकारी विनेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं नगर परिषद के ईओ देवेंद्र नरवाल ने बताया कि यह मामला उपमंडल अधिकारी देख रहे हैं वही कुछ बता सकते हैं।