फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   If the beds were less in the hospital, they started bringing the cots from home, Ambala

अस्पताल में बेड कम पड़े तो घर से लाने लगे चारपाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 May 2021 01:10 AM IST
विज्ञापन
If the beds were less in the hospital, they started bringing the cots from home, Ambala
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में इन दिनों कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है। बेड कम होने पर अब मरीजों को स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। हैरानी तो तब हो गई जब रविवार सुबह ट्रामा सेंटर में एक मरीज के परिजन खुद ही चारपाई लेकर पहुंच गए और मरीज को उस पर लिटाकर ऑक्सीजन दिलवाई।
बेटा रोहन कोरोना संक्रमित बुजुर्ग मां को शनिवार को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचा। ट्रामा सेंटर में उस समय कोई बेड खाली नहीं था। इसीलिए महिला को स्ट्रेचर पर उपचार देने की कवायद शुरू हुई। इस पर तीमारदारों ने कहा कि स्ट्रेचर पर बुजुर्ग नीचे गिर सकती हैं। आप एक बेड का इंतजाम करवा दो। कर्मचारियों ने बेड की कमी का हवाला देकर स्ट्रेचर पर ही उपचार देने को कहा तो बुजुर्ग महिला का बेटा घर से एक चारपाई ले आया, जिस पर बुजुुर्ग महिला को उपचार दिया गया।
विज्ञापन

रोहन ने बताया कि उनकी माता शुक्रवार तक मनाली हाउस के एक निजी अस्पताल में कोरोना के चलते दाखिल थी। वहां से रात के समय निजी अस्पताल ने उन्हें यह कह कर घर भेज दिया कि अब आपकी माता बिल्कुल स्वस्थ हैं। आप इनको घर लेकर चले जाइए। जब बुजुर्ग को घर लेकर जाया गया तब बुजुर्ग की तबीयत फिर बिगड़ने लगी। इस पर संबधित परिवार ने निजी अस्पताल संचालक से बात की तो डॉक्टर ने कहा कि इनको कोविड था जो अब ठीक हो गया है। अब इनको कोई और समस्या है, आप इनको कहीं और दिखाएं। रोहन ने बताया कि निजी अस्पताल संचालक ने हमसे 8 दिन में 4 लाख रुपये भी ले लिए और हमारा मरीज भी ठीक नहीं हुआ। ऐसे में आम जनता के साथ कोरोना के नाम पर लूट हो रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेडों की हमारे पास कोई कमी नहीं है। ट्रामा सेंटर में पहली मंजिल पर 50 बेडों की व्यवस्था की जा चुकी है। कमी है तो सिर्फ मैनपॉवर की। रात को ही हमने बुजुर्ग के बेटे को चारपाई लाने के लिए मना कर दिया था। फिर भी वह जबरदस्ती चारपाई ले आया। हमें तो उपचार करना ही था, जो हम कर रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल संचालकों की लूट का मुद्दा संज्ञान में है, जिस पर सिविल सर्जन ही कार्रवाई करेंगे। - डॉक्टर पवनीश अग्रवाल, डीएमएस, अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed