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रेलवे में नौकरी के नाम पर हुई ठगी तो कंप्यूटर इंजीनियर छात्र बना नकली टीटीई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:32 AM IST
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If cheated in the name of job in railway, then computer engineer student became fake TTE
जीआरपी की गिरफ्त मेंली टीटीई। - फोटो : Ambala
अंबाला। कालका-हावड़ा एक्सप्रेस से पकड़े गए नकली टीटीई ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह दो माह में 50 से ज्यादा ट्रेनों में यात्रियों को दो लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगा चुका है। एक दिन पहले पकड़े गए आरोपी कंप्यूटर इंजीनियर छात्र पंकज का सात दिन का रिमांड मंजूर हुआ है।
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जीआरपी थाने में मौजूद पंकज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने नकली टीटीई बनकर चंडीगढ़, अंबाला और सहारनपुर सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों में नकली टिकटें बनाईं। बताया कि रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी के बाद वह यह काम करने लगा। उसने तीन साल का कंप्यूटर इंजीनियरिंग का डिप्लोमा किया है। बताया कि ठग ने उसे टीटीई की नौकरी के नाम पर नकली आई कार्ड, वर्दी सहित अन्य सामान देकर फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
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ठगी का पता चलने के बाद लालच में आकर वह भी उसी ठग की राह पर चल पड़ा। फिर वह ट्रेनों में रेकी करने के बाद टिकट चेकिंग करने लगा, लेकिन रविवार रात उसे आरपीएफ ने दबोच लिया जबकि चार अन्य फरार हो गए। पता चला है कि आरोपी केवल जनरल कोच में ही चढ़ते थे जोकि पिछले एक साल से आरक्षित हो चुके हैं।
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आरोपियों के गिरेबान तक पहुंचे जीआरपी के हाथ
पंकज के बाद अब उसके अन्य साथी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। जीआरपी की टीमों के हाथ आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन चेकिंग के दौरान पांच नकली टीटीई ट्रेन में चेकिंग कर रहे थे। पकड़े गए आरोपी के ठिकाने से नकली नियुक्ति पत्र भी मिला है। आगामी कार्रवाई के लिए उसे 31 अगस्त तक रिमांड पर लिया गया है।
चंडीगढ़ से मिली थी सूचना
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल विरेंद्र देसवाल ने ही संदिग्धों की सूचना छावनी आरपीएफ को दी थी। विरेंद्र देसवाल ने बताया कि रविवार रात प्लेटफॉर्म 3 पर आई कालका-हावड़ा के डी-3 कोच में दो युवक उस समय सवार हुए जब ट्रेन प्लेटफॉर्म से चल पड़ी। उन्हें रोकने के लिए उसने आवाज भी लगाई, लेकिन ट्रेन की गति अधिक होने के कारण वह उन्हें नहीं पकड़ पाया। लेकिन संदेहास्पद युवकों के संबंध में उसने तुरंत छावनी आरपीएफ सहित ट्रेन में तैनात टीटीई के अन्य साथियों को सूचित कर दिया था, हालांकि नकली टीटीई को पकड़ने वाले आरपीएफ कर्मचारियों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है।

जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपी
आरोपी के चंडीगढ़ स्थित ठिकाने पर दबिश के दौरान एक नई ईएफटी बुक और रेलवे का नकली नियुक्ति पत्र मिला है। कुछ अन्य लोगों का सामान भी मिला है। आरोपी अपने साथियों सहित चंडीगढ़ स्टेशन के नजदीक होटल में रह रहा था। पिछले 2 महीने से वह ट्रेन में नकली टीटीई बन यात्रियों से पैसों की उगाही कर रहा था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर जल्द ही आरोपी के साथी पकड़ लिए जाएंगे।
विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।
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