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होनहारों के जीवन में शिक्षा का उजाला कर रही इद्रिश फाउंडेशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 01:03 AM IST
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Idrish Foundation is lighting up education in the lives of the promising
अंबाला। आर्थिक तंगी के कारण स्कूल से दूर हुए होनहार बच्चों को वापस स्कूल में दाखिला करवाने का काम कर रही इद्रिश फाउंडेशन अंबाला के लिए मिसाल बनी हुई है। फाउंडेशन से जुड़े युवाओं की टोली जरूरतमंद बच्चों के जीवन में शिक्षा से उजाला कर रही है। अब तक यह संस्था जिले भर में करीब 150 बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवा चुकी है। यह टोली खुद भी शाम के समय क्लास लगाकर जरूरतमंदों की पढ़ाई करवा रहे हैं।
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फाउंडेशन की ओर इस साल में अब तक 15 बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिल करवाया गया है। इसकी फीस से लेकर किताबें, वर्दी और जुते का खर्च भी फाउंडेशन की ओर से उठाया जा रहा है। संस्था की ओर से शनिवार और रविवार को चलाई जा रही इवनिंग क्लास को भी विस्तार करते हुए साप्ताहिक किया जा रहा है। इससे कि बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई में ध्यान लगाते हुए भविष्य में उच्च पदों पर आसीन हो सकें। संस्था की ओर से लाइब्रेरी बनाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर किताबें उपलब्ध करवाई जा सकें।
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समय समय पर विभिन्न अभियान चलाती है संस्था
संस्था की ओर से समय समय पर विभिन्न अभियान चलाए जाते हैं। संस्था की संस्थापक नेहा प्रवीण ने बताया कि कोरोना काल में उनकी ओर से भोजन व चप्पल वितरण करने का अभियान चलाया। ताकि प्रवासी मजदूरों को कुछ मदद हो सके। इसके अलावा संस्था की ओर से सर्दियों में वस्त्र दान अभियान भी चलाया जाता है, इसमें जरूरतमंद लोगों को कपड़े वितरित किए जाते हैं। इससे कि किसी को सर्दियों में कपड़ों की कमी के कारण परेशानी न हो।
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कभी पार्क में तो अपनी घर पर छतों पर लगाते हैं क्लास
फाउंडेेशन की शुरूआत नेहा प्रवीन ने महज 10 युवाओं से के साथ की थी। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया और युवाओं का कारवां भी फाउंडेशन के इस नेक कार्य से जुड़ता चला गया। अब कुछ सदस्यों की संख्या करीब सौ तक पहुंच गई है। इनमें बच्चों को पढ़ाने के लिए भले ही इनके पास कोई निर्धारित स्थान नहीं है लेकिन पढ़ाने का जुनून इस कदर है कि ये किसी भी पार्क में या फिर बारी बारी से अपने घरों की छतों पर कक्षाएं लगाकर ज्ञान बांटने का काम करते हैं।
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