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Ambala News: महज चार कर्मचारियों के सहारे चल रहा आईसीयू
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अंबाला सिटी। अंबाला सिटी के ट्रामा सेंटर में बने आईसीयू केंद्र को शुरू हुए तीन माह बीत चुके हैं। इसके बाद भी यहां पर स्टाफ को नियुक्त नहीं किया गया है। यहां पर सिर्फ सांस संबंधी मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। वहीं स्टाफ की कमी के कारण गंभीर मरीजों को सीधे ही पीजीआई रेफर कर रहे हैं।
अभी तक आईसीयू के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं मिला है। ट्रामा के ड्यूटी चिकित्सक ही यहां पर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। जबकि यहां पर दो इंटेंसिविस्ट चिकित्सकों की आवश्यकता होती है।
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अब तक 100 से अधिक मरीजों का हुआ उपचार
आईसीयू में अभी तक 100 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। इनमें से चार मरीजों को रेफर भी करना पड़ा। नियमों के अनुसार आईसीयू यूनिट में 20 अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। जबकि यहां पर सिर्फ चार ही कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में मरीजों की देखरेख करना सिर्फ खानापूर्ति प्रतीत हो रहा है।
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फिलहाल निशुल्क रहेगी सुविधा
आईसीयू को फिलहाल मरीजों के लिए निशुल्क ही चलाया जा रहा है। अभी तक शुल्क लेने के लिए कोई भी निर्देश जारी नहीं हुए हैं। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बने आईसीयू में 10 बेड की सुविधा है। इसमें एक एचडीयू यूनिट भी बनाई गई है। जिसमें कम गंभीर मरीजों को रखा गया है। हाल हल में 700 से अधिक एमओ पद के लिए परीक्षा हुई थी। नतीजे घोषित हो चुके हैं। अभी तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
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अभी तक एमओ नियुक्त नहीं हुए है। इसलिए आईसीयू को नागरिक अस्पताल के कर्मचारी ही संभाल रहे हैं। एमओ और अन्य स्टाफ आने पर ही आईसीयू में नियुक्त कर दिए जाएंगे।
-- - डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
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अभी तक आईसीयू के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं मिला है। ट्रामा के ड्यूटी चिकित्सक ही यहां पर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। जबकि यहां पर दो इंटेंसिविस्ट चिकित्सकों की आवश्यकता होती है।
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अब तक 100 से अधिक मरीजों का हुआ उपचार
आईसीयू में अभी तक 100 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। इनमें से चार मरीजों को रेफर भी करना पड़ा। नियमों के अनुसार आईसीयू यूनिट में 20 अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। जबकि यहां पर सिर्फ चार ही कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में मरीजों की देखरेख करना सिर्फ खानापूर्ति प्रतीत हो रहा है।
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फिलहाल निशुल्क रहेगी सुविधा
आईसीयू को फिलहाल मरीजों के लिए निशुल्क ही चलाया जा रहा है। अभी तक शुल्क लेने के लिए कोई भी निर्देश जारी नहीं हुए हैं। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बने आईसीयू में 10 बेड की सुविधा है। इसमें एक एचडीयू यूनिट भी बनाई गई है। जिसमें कम गंभीर मरीजों को रखा गया है। हाल हल में 700 से अधिक एमओ पद के लिए परीक्षा हुई थी। नतीजे घोषित हो चुके हैं। अभी तक चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
अभी तक एमओ नियुक्त नहीं हुए है। इसलिए आईसीयू को नागरिक अस्पताल के कर्मचारी ही संभाल रहे हैं। एमओ और अन्य स्टाफ आने पर ही आईसीयू में नियुक्त कर दिए जाएंगे।