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मैं स्त्री हूं...कविता के माध्यम से बताई स्त्री पीड़ा
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I am a woman... woman's pain told through poetry
- फोटो : Ambala
अंबाला। सनातन धर्म कॉलेज में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में छात्राओं ने छेड़खानी और रैगिंग विषय पर बेबाकी से अपने विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने कविताओं के माध्यम से स्त्री की पीड़ा को व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन जागरूकता प्रकोष्ठ लीगल लिटरेसी सेल एवं रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सुखदा प्रीतम मौजूद रही।
कार्यक्रम का विषय छेड़खानी और रैगिंग की सामाजिक और कानूनी जागरूकता था। कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजिंदर सिंह एवं जनसंपर्क अधिकारी तथा गणित विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन गुलाटी व रोटरी क्लब के सदस्यों वीके शर्मा, मनमोहन सिंह ने मुख्यातिथि को जीवंत पौधा देकर स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. सुखदा प्रीतम ने मानवाधिकारों एवं मानव मूल्यों के बारे में संवेदनशील रहते हुए जागरूक करने का संदेश दिया, ताकि समाज को एक नई दिशा देकर एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकें। इस मौके पर बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा साक्षी नागपाल ने अपनी कविता मैं स्त्री हूं...मैं स्वतंत्र हूं, मैं सार्थक हूं... मैं ही जीवन की धारक हूं, से स्त्री की पीड़ा को बड़े मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया।
मंच संचालन डॉ. जोगिंदर रोहिला ने किया। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. दिव्या जैन ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद करते हुए विद्यार्थियों को उनकी कही गई बात पर अमल करने को प्रेरित किया। कॉलेज के लीगल लिटरेसी सेल के विद्यार्थियों विकास, अजय, हर्ष, जयमल, साहिल, कीरत, भव्या, सोनम एवं गौतम ने कानूनी जागरूकता एवं डीएसएलए पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडी विद्या स्कूल की प्राचार्य नील इन्द्रजीत संधू, डॉ. संदीप फुलिया, डॉ. जयपाल, डॉ. रजनी, प्रो. नीलम, डॉ. सुमित छिब्बर एवं डॉ. हरविंदर कौर उपस्थित रही।
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कार्यक्रम का विषय छेड़खानी और रैगिंग की सामाजिक और कानूनी जागरूकता था। कॉलेज प्राचार्य डॉ. राजिंदर सिंह एवं जनसंपर्क अधिकारी तथा गणित विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन गुलाटी व रोटरी क्लब के सदस्यों वीके शर्मा, मनमोहन सिंह ने मुख्यातिथि को जीवंत पौधा देकर स्वागत किया। मुख्य वक्ता डॉ. सुखदा प्रीतम ने मानवाधिकारों एवं मानव मूल्यों के बारे में संवेदनशील रहते हुए जागरूक करने का संदेश दिया, ताकि समाज को एक नई दिशा देकर एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकें। इस मौके पर बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा साक्षी नागपाल ने अपनी कविता मैं स्त्री हूं...मैं स्वतंत्र हूं, मैं सार्थक हूं... मैं ही जीवन की धारक हूं, से स्त्री की पीड़ा को बड़े मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया।
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मंच संचालन डॉ. जोगिंदर रोहिला ने किया। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. दिव्या जैन ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद करते हुए विद्यार्थियों को उनकी कही गई बात पर अमल करने को प्रेरित किया। कॉलेज के लीगल लिटरेसी सेल के विद्यार्थियों विकास, अजय, हर्ष, जयमल, साहिल, कीरत, भव्या, सोनम एवं गौतम ने कानूनी जागरूकता एवं डीएसएलए पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडी विद्या स्कूल की प्राचार्य नील इन्द्रजीत संधू, डॉ. संदीप फुलिया, डॉ. जयपाल, डॉ. रजनी, प्रो. नीलम, डॉ. सुमित छिब्बर एवं डॉ. हरविंदर कौर उपस्थित रही।
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