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सरकार और पुलिस अफसरों को हाईकोर्ट का नोटिस

Mon, 31 Aug 2015 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Mon, 31 Aug 2015 01:14 AM IST
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highcourt send notice to haryana gov. & police in connection of murder

घसीटपुर के रहने वाले युवक दिलबाग सिंह की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी, अंबाला पुलिस उपायुक्त, एसएचओ पड़ाव को नोटिस जारी कर उनसे केस की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। हाईकोर्ट ने उन दो आरोपियों को भी नोटिस जारी किया है, जिन पर परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं।

हाईकोर्ट की सिंगल बैंच द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि सरकार एवं पुलिस अफसर ये बताएं कि दिलबाग हत्याकांड में अभी तक क्या किया गया है? पुलिस रिकार्ड में अभी तक इस केस का क्या स्टेटस है। हाईकोर्ट ने इस बाबत सरकार व पुलिस अफसरों से 1 अक्तूबर 2015 को रिपोर्ट तलब की है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वकील सुनील कुमार टंडन ने बताया कि पुलिस इस हत्याकांड मामले में बहुत ज्यादा लापरवाही बरत रही है। घटना को करीबन सवा महीना गुजरने के बावजूद भी आज तक अंबाला की पड़ाव पुलिस ने केस तक दर्ज नहीं किया। इसलिए पीड़ितों का मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। एडवोकेट के अनुसार अब हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी, डीसीपी, पड़ाव पुलिस एसएचओ और दोनों मुख्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। जबकि सरकार और पुलिस अफसरों से केस की स्ट्ेटस रिपोर्ट तलब की है।

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दोस्तों ने किया दिलबाग का कत्ल

उल्लेखनीय है कि दिलबाग के परिजनों ने उसी के दो दोस्तों व उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में दिलबाग के भाई जितेंद्र ने पुलिस को बताया था कि  उसका भाई 20 जुलाई 2015 को अपनी मासी के घर आराम कर रहा था। तभी उसके दो दोस्त नशे की हालत में दीवार फांदकर उसे आवाज लगाते हुए आए और उसे आवाज लगाकर उसे बाहर बुलाने लगे। इस पर उसकी मासी ने कहा कि वे रात को काम से आया है, अभी सो रहा है, बाद में आना। 

इस पर दोनों चले गए, मगर शाम को फिर घर पहुंच गए। वे दोनों देरशाम दिलबाग को लेकर घसीटपुर हुड्डा फ्लैट्स के सुनसान इलाके में ले गए और वहां उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे बुरी तरह पीटा। दिलबाग के सिर पर किसी सख्त चीज से वार किया गया, जिससे  वे लहुलूहान हो गया। जितेंद्र ने बताया कि उन्हे एक युवक ने आकर बताया कि उसका भाई  हुड्डा फ्लैट्स के पास पड़ा तड़प रहा है। इस पर उसकी माता अंगूरी देवी, पिता जगदीश व अन्य परिजन पहुंचे। जहां उसका भाई तड़प रहा था और एक आरोपी का नाम ले रहा था। जितेंद्र के अनुसार उसके भाई ने तड़पते हुए अपने मां-बाप को बताया कि किस तरह आरोपियों ने उसे पीटकर उसकी ये हालत की। उसके बाद उसे तुरंत कैंट सिविल अस्पताल लाया गया, जहां वे बेहोश हो गया और उसे तुरंत चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। चंडीगढ़ सेक्टर 32 अस्पताल में वे तीन दिन तक आईसीयू में गंभीर हालत में रहा और फिर 23 जुलाई को उसने दम तोड़ दिया।

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हैरानी, पुलिस मामला दर्ज करने को तैयार नहीं

दिलबाग के भाई जितेंद्र सिंह व एडवोकेट सुनील कुमार टंडन ने बताया कि उन्होंने इस घटना के बाद दो शिकायत पड़ाव पुलिस, एक शिकायत डीसीपी व एक शिकायत सीएम विंडों में दी। लेकिन आज तक हत्या के सवा महीने गुजरने के बाद भी पुलिस ने इस बाबत आरोपियों को पकडना तो दूर इस हत्याकांड के संबंध में केस ही दर्ज नहीं किया। इस केस में जांच के दौरान पड़ाव पुलिस के दो जांच अफसर बदल गए, लेकिन पुलिस ने आज तक इस केस को लटकाए रखा।

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आरोपी दे रहे धमकी, जांच निष्पक्ष एजेंसी से करवाने की मांग

हाईकोर्ट में लगाई याचिका में भाई जितेंद्र सिंह ने बताया आरोपी खुलेआम इलाके में घूम रहे हैं। जबकि आरोपियों की ओर से उन पर समझौता करने का भी दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में पुलिस भी उनकी न तो कोई मदद कर रही है और न ही आरोपियों पर शिकंजा कस रही है। इसलिए भाई ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि वे इस मर्डर केस की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाए और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैय्या करवाए। क्योंकि आरोपी खुलेआम उन्हे केस से हटने की धमकी भी दे रहे हैं।


कॉल डिटेल को भी नजरअंदाज कर रही पुलिस

पीड़ित के वकील के अनुसार पुलिस ने इस बाबत मृत की कॉल डिटेल भी निकलवा ली है। जिसमें मृतक की आखिरी समय में आरोपियों से ही कई बार बातचीत होती रही। जबकि मृतक की मासी व इलाके अन्य लोगों ने भी दिलबाग को अपने दो दोस्तों के साथ जाते देखा। लेकिन इन सभी साक्ष्यों को नजरअंदाज करते हुए पुलिस ने एक बार भी आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करना भी मुनासिब नहीं समझा। इतना ही नहीं आजतक इस संबंध में केस ही दर्ज नहीं किया। उधर, पड़ाव पुलिस ने इस बाबत कोई बात नहीं की। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में अभी जांच जारी है।

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