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Ambala News: यज्ञशाला में दुर्गा सप्तशती के पाठ के बाद हुआ हवन
Mon, 24 Nov 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:59 AM IST
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अंबाला छावनी में देवी भागवत महापुराण कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। स्वयं
- फोटो : credit
अंबाला। दयाराम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से करवाए गए श्रीशत चंडी महायज्ञ और देवी भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन यज्ञशाला में बनाए गए 21 हवन कुंडों में विधि विधान के साथ पूजा हुई। रविवार सुबह आठ बजे से लेकर नौ बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ और नौ बजे हवन शुरू हुआ। इसके बाद यज्ञशाला में बैठे पुजारियों ने मंत्रोचार के साथ यजमानों से हवन में आहुतियां डलवाईं। करीब 12 बजे आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
दोपहर बाद यज्ञशाला के समक्ष बने पंडाल में देवी भागवत महापुराण कथा आयोजित की गई। कथावाचक कमल नयन महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि जब कंस ने वासुदेव के छह पुत्रों को मार दिया, तब देवकी ने मां भगवती से प्रार्थना की, माता आप जग के पालन हार हैं, देवता भी आपकी शरण में सुरक्षित रहते हैं, हे मइया मेरे पुत्रों को कंस ने मार दिया था, मैंने अपने पुत्रों को ठीक से देखा भी नहीं, हे माता कृपा करो मैं अपने वाले पुत्र को देखना चाहती हूं। इसके बाद उन्होंने हे मां जग कल्याणी के भजन सुनाए। उन्होंने बताया कि मां भगवती से ब्रहा, विष्णु और महेश मिलने के लिए जाते हैं, जब वह माता के भवन के पास पहुंचते है तो वहां पर उन्हें माता की सेविका को अपना परिचय देते हैं और कहते हैं कि वह मां भगवती के दर्शन करना चाहते हैं। इसके बाद सेविका तीनों को मां भगवती के दर्शन कराने के लिए मां के घर मनी द्वीप पर लेकर जाती हैं, जहां पर मां भगवती निवासी करती है। तब तीनों देवता मां भगवती के दर्शन करते हैं। कथा के बाद आरती और प्रसाद वितरित किया गया।
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दोपहर बाद यज्ञशाला के समक्ष बने पंडाल में देवी भागवत महापुराण कथा आयोजित की गई। कथावाचक कमल नयन महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि जब कंस ने वासुदेव के छह पुत्रों को मार दिया, तब देवकी ने मां भगवती से प्रार्थना की, माता आप जग के पालन हार हैं, देवता भी आपकी शरण में सुरक्षित रहते हैं, हे मइया मेरे पुत्रों को कंस ने मार दिया था, मैंने अपने पुत्रों को ठीक से देखा भी नहीं, हे माता कृपा करो मैं अपने वाले पुत्र को देखना चाहती हूं। इसके बाद उन्होंने हे मां जग कल्याणी के भजन सुनाए। उन्होंने बताया कि मां भगवती से ब्रहा, विष्णु और महेश मिलने के लिए जाते हैं, जब वह माता के भवन के पास पहुंचते है तो वहां पर उन्हें माता की सेविका को अपना परिचय देते हैं और कहते हैं कि वह मां भगवती के दर्शन करना चाहते हैं। इसके बाद सेविका तीनों को मां भगवती के दर्शन कराने के लिए मां के घर मनी द्वीप पर लेकर जाती हैं, जहां पर मां भगवती निवासी करती है। तब तीनों देवता मां भगवती के दर्शन करते हैं। कथा के बाद आरती और प्रसाद वितरित किया गया।
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अंबाला छावनी में देवी भागवत महापुराण कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। स्वयं- फोटो : credit

अंबाला छावनी में देवी भागवत महापुराण कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। स्वयं- फोटो : credit

अंबाला छावनी में देवी भागवत महापुराण कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। स्वयं- फोटो : credit
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