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Ambala News: आधी आबादी को जनप्रतिनिधियों से विकास की आस
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राधा, स्थानीय महिला।
अंबाला। हरियाणा में विधानसभा चुनाव अक्टूबर में होने है। जिसे लेकर सभी पार्टियों के उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए हैं। कुछ मतदाता नुक्कड़ सभा कर रहे हैं, तो कुछ डोर टू डोर दुकानदारों से वोट करने की अपील कर रहे हैं। एक और जहां सत्ता पक्ष पिछले पांच साल में करवाए गए अपने कामों को गिनवा रहा है। वहीं विपक्ष इन कामों में कमियों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। वहीं, आधी आबादी कही जाने वाली महिलाएं इस बार अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर प्रत्याशियों से सीधे संवाद करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि गली मोहल्ले की समस्याओं का आज तक उन्हें समाधान नहीं मिला है।
बब्याल रोड पर पेचवर्क से चलाया काम
कई सालों से बब्याल रोड पर सड़क की हालत खस्ता थी लेकिन चुनाव आते ही प्रशासन की ओर से इस सड़क पर पेचवर्क शुरू कर दिया। जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि छोटे-छोटे गड्ढे भरे जा रहे हैं। जबकि इस रोड पर बड़े पेचवर्क की जरूरत थी
राधा।
सफाई व्यवस्था के बुरे हालात
लाल कुर्ती बाजार में पिछले कई दिनों से सफाई की व्यवस्था का बुरा हाल है, कई बार नगर परिषद में अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी सफाई कर्मी सफाई करने समय पर नहीं आते हैं। जिसके कारण घर के बाहर और गली में पानी जमा रहता है।
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किरण बाला
छह महीने से टूटी पुलिया
कच्चा बाजार में पुलिया को तोडे़ हुए छह साल बीत चुके हैं। इसके कारण लोगों को घूमकर जाना पड़ता है, दुकानदारों के काम खत्म हो चुके हैं, कालेज में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र और छात्राएं जान जोखिम में डालकर पुलिया को पार कर रहे हैं।-- -- -- -- राज।
रेल अंडरपास के कारण गांव सेक्टर में आ रहा पानी
अंबाला छावनी में घसीटपुर के पास अधिकारियों द्वारा अंडर पास बनाया गया है। इस अंडर पास के कारण गांव घसीटपुर और सेक्टर 34 के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब भी पहाड़ाें में बरसात होती है तो टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इसके बाद पानी टांगरी नदी से होते हुए इस अंडर पास के माध्यम से घसीटपुर और सेक्टर 34 में भर जाता है इसके बाद लिंक रोड पर करीब दो फीट तक पानी जमा भर जाता है।
अनीता।
शहर में अकसर ही महिलाओं के साथ झपटमारी के मामले सुनने में आते हैं। इसलिए सरकार को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।-- -- प्रियंका, अध्यापिका
जब से अंबाला छावनी में कंटोनमेंट बोर्ड था, तब विकास के कार्य ठीक समय पर होते थे। सफाई समय पर होती थी। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता था, उस समय मच्छर भी न के बराबर थे। लेकिन जब से अंबाला सदर बना है तब कार्य समय पर नहीं हो रहे है।
निर्मल शुक्ला।
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बब्याल रोड पर पेचवर्क से चलाया काम
कई सालों से बब्याल रोड पर सड़क की हालत खस्ता थी लेकिन चुनाव आते ही प्रशासन की ओर से इस सड़क पर पेचवर्क शुरू कर दिया। जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि छोटे-छोटे गड्ढे भरे जा रहे हैं। जबकि इस रोड पर बड़े पेचवर्क की जरूरत थी
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राधा।
सफाई व्यवस्था के बुरे हालात
लाल कुर्ती बाजार में पिछले कई दिनों से सफाई की व्यवस्था का बुरा हाल है, कई बार नगर परिषद में अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी सफाई कर्मी सफाई करने समय पर नहीं आते हैं। जिसके कारण घर के बाहर और गली में पानी जमा रहता है।
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किरण बाला
छह महीने से टूटी पुलिया
कच्चा बाजार में पुलिया को तोडे़ हुए छह साल बीत चुके हैं। इसके कारण लोगों को घूमकर जाना पड़ता है, दुकानदारों के काम खत्म हो चुके हैं, कालेज में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र और छात्राएं जान जोखिम में डालकर पुलिया को पार कर रहे हैं।
रेल अंडरपास के कारण गांव सेक्टर में आ रहा पानी
अंबाला छावनी में घसीटपुर के पास अधिकारियों द्वारा अंडर पास बनाया गया है। इस अंडर पास के कारण गांव घसीटपुर और सेक्टर 34 के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब भी पहाड़ाें में बरसात होती है तो टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इसके बाद पानी टांगरी नदी से होते हुए इस अंडर पास के माध्यम से घसीटपुर और सेक्टर 34 में भर जाता है इसके बाद लिंक रोड पर करीब दो फीट तक पानी जमा भर जाता है।
अनीता।
शहर में अकसर ही महिलाओं के साथ झपटमारी के मामले सुनने में आते हैं। इसलिए सरकार को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।
जब से अंबाला छावनी में कंटोनमेंट बोर्ड था, तब विकास के कार्य ठीक समय पर होते थे। सफाई समय पर होती थी। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता था, उस समय मच्छर भी न के बराबर थे। लेकिन जब से अंबाला सदर बना है तब कार्य समय पर नहीं हो रहे है।
निर्मल शुक्ला।

राधा, स्थानीय महिला।

राधा, स्थानीय महिला।

राधा, स्थानीय महिला।

राधा, स्थानीय महिला।

राधा, स्थानीय महिला।