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Ambala News: सरकार का नारायणगढ़ अस्पताल पर ध्यान, बनेगा ट्राॅमा सेंटर
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नारायणगढ़ (अंबाला)। जिले के नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र नई नायब सरकार में प्रमुख जगह बना रहा है। यहां पर एक दिन पहले एसीएस स्वास्थ्य ने निरीक्षण कर हालातों को जायजा लिया और एक चिकित्सक को निलंबित करने के साथ कुछ अहम फैसले लिए थे। इसके बाद शनिवार को नारायणगढ़ के अस्पताल में एनएचएम के एमडी ने भी दौरा किया। उक्त आशय का इशारा रोजाना किए जा रहे निरीक्षण कर रहे हैं।
इस दौरान पहुंचे अधिकारियों ने नए अस्पताल के लिए जरूरतों की जानकारी ली। अधिकारियों की मानें तो अब नारायणगढ़ के 100 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल के प्रथम तल पर ट्राॅमा सेंटर की तरह ही केंद्र बनाया जाएगा। इसमें गंभीर मरीजों का उपचार होगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को जो भी संसाधन चाहिए वह उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग विभिन्न माध्यमों से कराएगा।
हिमाचल और पंजाब मिलेगा फायदा
अभी तक नारायणगढ़ में ट्रामा सेंटर तो दूर सही से चिकित्सकीय सुविधाएं तक नहीं थीं। यहां पर चिकित्सक सहित अन्य कमियां थी। यहां गंभीर मरीजों काे अभी तक अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाता है। ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलने से अब इन मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। इसको लेकर लोगों ने चुनाव के समय इस बात को सीएम नायब सैनी के साथ भी साझा किया था। वहीं, नारायणगढ़ के पास पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा लगती है। ऐसे में इन राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों से लोग भी यहां उपचार कराने आ सकते हैं।
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अधिकारियों को दौरा करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो सरकार की तरफ से नारायणगढ़ को लेकर उच्चाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एसीएस को लगातार दौरा करने को कहा गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के अधिकारियों काे भी दौरा करने के लिए कहा गया है। यही कारण है कि शनिवार को एमडी एनएचएम ने दौरा किया।
पहले पहुंचेंगे विशेषज्ञ तो 20 दिनों में आएंगी मशीनें
नारायणगढ़ के 100 बेड के अस्पताल में अब 15 चिकित्सक हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग विशेषज्ञ चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन और बच्चों के विशेषज्ञों को भेजने जा रहा है। वहीं, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को एनएचएम के तहत लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही 15 से 20 दिनों में सभी नई मशीनें जिनमें अल्ट्रासाउंड, एनेस्थिसिया की मशीन और अन्य छोटे मोटे उपकर पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए निदेशालय से मंजूरी भी मिल चुकी है। हाल ही में अस्पताल को डेंटल एक्सरे की मशीन मिली थी।
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इस दौरान पहुंचे अधिकारियों ने नए अस्पताल के लिए जरूरतों की जानकारी ली। अधिकारियों की मानें तो अब नारायणगढ़ के 100 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल के प्रथम तल पर ट्राॅमा सेंटर की तरह ही केंद्र बनाया जाएगा। इसमें गंभीर मरीजों का उपचार होगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को जो भी संसाधन चाहिए वह उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग विभिन्न माध्यमों से कराएगा।
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हिमाचल और पंजाब मिलेगा फायदा
अभी तक नारायणगढ़ में ट्रामा सेंटर तो दूर सही से चिकित्सकीय सुविधाएं तक नहीं थीं। यहां पर चिकित्सक सहित अन्य कमियां थी। यहां गंभीर मरीजों काे अभी तक अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाता है। ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलने से अब इन मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। इसको लेकर लोगों ने चुनाव के समय इस बात को सीएम नायब सैनी के साथ भी साझा किया था। वहीं, नारायणगढ़ के पास पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा लगती है। ऐसे में इन राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों से लोग भी यहां उपचार कराने आ सकते हैं।
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अधिकारियों को दौरा करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो सरकार की तरफ से नारायणगढ़ को लेकर उच्चाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एसीएस को लगातार दौरा करने को कहा गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के अधिकारियों काे भी दौरा करने के लिए कहा गया है। यही कारण है कि शनिवार को एमडी एनएचएम ने दौरा किया।
पहले पहुंचेंगे विशेषज्ञ तो 20 दिनों में आएंगी मशीनें
नारायणगढ़ के 100 बेड के अस्पताल में अब 15 चिकित्सक हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग विशेषज्ञ चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन और बच्चों के विशेषज्ञों को भेजने जा रहा है। वहीं, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को एनएचएम के तहत लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही 15 से 20 दिनों में सभी नई मशीनें जिनमें अल्ट्रासाउंड, एनेस्थिसिया की मशीन और अन्य छोटे मोटे उपकर पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए निदेशालय से मंजूरी भी मिल चुकी है। हाल ही में अस्पताल को डेंटल एक्सरे की मशीन मिली थी।