{"_id":"61a14e59cf7395016736422b","slug":"government-should-withdraw-the-new-pension-scheme-like-agricultural-laws-praveen-ambala-news-knl90886565","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि कानूनों की तरह नई पेंशन स्कीम को भी वापिस ले सरकार-प्रवीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि कानूनों की तरह नई पेंशन स्कीम को भी वापिस ले सरकार-प्रवीन
विज्ञापन
नारायणगढ में बैठक करते कर्मचारी।
- फोटो : Ambala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारायणगढ़। पेंशन बहाली संघर्ष समिति ब्लॉक कार्यकारणी की बैठक शुक्रवार संपन्न हुई। ब्लॉक महासचिव प्रवीन कुमार की अध्यक्षता में बैठक रुद्राक्ष पार्क में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से सभी विभागों में जनजागरण अभियान चलाने बारे निर्णय लिया गया ताकि भविष्य में एक बड़े आंदोलन की नींव रखी जा सके।
महासचिव ने कहा कि नई पेंशन योजना के परिणाम सबके सामने हैं।
इस योजना के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन आज बहुत कम बन रही है। जिला प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि नई पेंशन योजना असफल सिद्ध हुई है और सरकार वर्तमान की सच्चाई को स्वीकार कर कृषि कानूनों की तरह इस नई पेंशन योजना नामक कानून को भी वापस ले। राज्य उपप्रधान कमलदीप और राज्य कार्यकारिणी सदस्य आनंद कंवर ने कहा कि सरकार इस एनपीएस नामक काले कानून को तुरंत वापस लेकर देश के 80 लाख और हरियाणा के 2 लाख कर्मचारियों का भविष्य को सुरक्षित करें। इस दौरान जिला खजांची सुभाष चंद, जिला संयोजक विजय कुमार आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
महासचिव ने कहा कि नई पेंशन योजना के परिणाम सबके सामने हैं।
इस योजना के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन आज बहुत कम बन रही है। जिला प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि नई पेंशन योजना असफल सिद्ध हुई है और सरकार वर्तमान की सच्चाई को स्वीकार कर कृषि कानूनों की तरह इस नई पेंशन योजना नामक कानून को भी वापस ले। राज्य उपप्रधान कमलदीप और राज्य कार्यकारिणी सदस्य आनंद कंवर ने कहा कि सरकार इस एनपीएस नामक काले कानून को तुरंत वापस लेकर देश के 80 लाख और हरियाणा के 2 लाख कर्मचारियों का भविष्य को सुरक्षित करें। इस दौरान जिला खजांची सुभाष चंद, जिला संयोजक विजय कुमार आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
विज्ञापन