{"_id":"6939cc5e4d7ecdfbd8034cbf","slug":"government-asks-for-report-on-flood-damage-to-cantonment-entrepreneurs-ambala-news-c-36-1-amb1002-154464-2025-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: छावनी के उद्यमियों को बाढ़ से नुकसान की सरकार ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: छावनी के उद्यमियों को बाढ़ से नुकसान की सरकार ने मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्ट
अंबाला। छावनी के औद्योगिक क्षेत्र में बारिश के सीजन में टांगरी नदी का पानी घुसने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।
सरकार ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) से इस बार औद्योगिक क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। जिसे विभागीय अधिकारी तैयार करने में जुटे हुए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट पर कार्य नीति बनेगी, मगर अगस्त में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद उद्योग संचालकों को उम्मीद नजर आई है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार क्या करेगी इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक विभाग के पास नहीं है।
पांच महीने बाद हरकत में आई सरकार
इस बार अगस्त में छावनी में फिर से टांगरी नदी उफान पर आई थी। हालांकि उद्योग संचालकों ने अपने बहुत से सामान को सुरक्षित कर लिया। मगर करोड़ों रुपये की मशीनों को नहीं बचा सके। इस बार 800 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का दावा उद्योग संचालकों की तरफ से किया जा रहा है। इसके लिए हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स अंबाला चैप्टर की टीम ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन दिया था। जिसमें उन्होंने नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज, इंडस्ट्रीज के बंद रहने तक बिजली के सरचार्ज में राहत की मांग की थी। हालांकि इस पर कार्यवाही देखने को नहीं मिली। अब पांच महीने बाद सरकार पता कर रही है कि अंबाला में उद्योगों को कितना नुकसान हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। छावनी के औद्योगिक क्षेत्र में बारिश के सीजन में टांगरी नदी का पानी घुसने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।
सरकार ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) से इस बार औद्योगिक क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। जिसे विभागीय अधिकारी तैयार करने में जुटे हुए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट पर कार्य नीति बनेगी, मगर अगस्त में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद उद्योग संचालकों को उम्मीद नजर आई है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार क्या करेगी इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक विभाग के पास नहीं है।
विज्ञापन
पांच महीने बाद हरकत में आई सरकार
इस बार अगस्त में छावनी में फिर से टांगरी नदी उफान पर आई थी। हालांकि उद्योग संचालकों ने अपने बहुत से सामान को सुरक्षित कर लिया। मगर करोड़ों रुपये की मशीनों को नहीं बचा सके। इस बार 800 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का दावा उद्योग संचालकों की तरफ से किया जा रहा है। इसके लिए हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स अंबाला चैप्टर की टीम ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन दिया था। जिसमें उन्होंने नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज, इंडस्ट्रीज के बंद रहने तक बिजली के सरचार्ज में राहत की मांग की थी। हालांकि इस पर कार्यवाही देखने को नहीं मिली। अब पांच महीने बाद सरकार पता कर रही है कि अंबाला में उद्योगों को कितना नुकसान हुआ।
विज्ञापन