फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Garbage disposal malfunction, mayor sends complaint to ACB for probe

Ambala News: कचरा निस्तारण में गड़बड़ी, मेयर ने एसीबी को जांच के लिए भेजी शिकायत

Fri, 05 Dec 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 05 Dec 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
Garbage disposal malfunction, mayor sends complaint to ACB for probe
वैभव शर्मा
विज्ञापन

अंबाला सिटी। नगर निगम में अब कचरे के निस्तारण में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। इसको लेकर मेयर शैलजा संदीप सचदेवा के पास भाजपा नेता संजय लाकड़ा और गुरविंदर सिंह जस्सर ने शिकायत की थी।
इसके बाद मेयर ने मामले से जुड़े दस्तावेज देखे और मामले पर संदेह प्रकट करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जांच के लिए मामला भेज दिया।
जिस पर एसीबी ने आरोपों के सापेक्ष शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे हैं। यह मामला इतना बड़ा है कि अगर जांच हुई तो कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। पूर्व के वर्षों में कचरा निस्तारण के लिए 30 से 40 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान होता था। मगर बीते कुछ समय में कचरा निस्तारण के लिए भुगतान की राशि बढ़कर लगभग सवा करोड़ रुपये प्रतिमाह पहुंच गई है। ऐसे में वर्ष में कचरा निस्तारण के लिए नगर निगम 12 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर रहा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर कचरा दिनभर पड़ा रहता है। अब कचरा निस्तारण का काम पूजा कंसुलेशन कंपनी के पास है।
विज्ञापन

मेयर बनने के बाद चिन्हित किया मामला : कुछ समय पहले शैलजा संदीप सचदेवा जब मेयर बनीं तो उनके सामने यह शिकायत आईं। उन्होंने देखा कि पहले जो कार्य 30 से 40 लाख रुपये के आसपास हो रहा था, मगर पिछले कुछ वर्षों में कचरा निस्तारण का भुगतान करीब सवा करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ऐसा तब है जब शहर में कई स्थानों पर गंदगी पड़ी रहती है और उसमें पशु मुंह मारते रहते हैं। कुछ समय पहले नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर पुनीत के पास सेनिटेशन विभाग की जिम्मेदारी आई तो यह खर्चा 90 लाख प्रतिमाह के आसपास आ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद फिर यह खर्चा बढ़ गया। ऐसे में तब शिकायतकर्ता को शक हुआ कि मामले में कुछ गड़बड़ है, अन्यथा एक अधिकारी के आने पर खर्चा कम हो जाता है और एक अधिकारी के आने पर खर्चा बढ़ जाता है यह संदेह प्रकट करता है। अभी सेनिटेशन विभाग की जिम्मेदारी असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक सूरा के जिम्मे है। इसी को लेकर मामले में स्पष्टता आए इसलिए मेयर ने पत्र को जांच के लिए भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed