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सिक्योरिटी व स्टाफ बेसुध सोता रहा और ऑपरेशन थियेटर में लग गई आग
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सुरक्षा कर्मी और अस्पताल स्टाफ बेसुध सोता रहे और नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में आग लग गई। शनिवार-रविवार मध्य रात की घटना में धुएं का गुबार परिसर में मौजूद मरीज के परिजन ने देखा तो हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड विभाग को तत्काल सूचना देते-देते पुलिस चौकी कर्मी और आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉ. संजय स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। मेनगेट से भीतर जाने का रास्ता न पाकर पहले खिड़कियों के शीशे तोड़कर धुआं बाहर निकालकर कम किया गया, उसके बाद फायर इंस्ट्रूमेंट से आग बुझाई गई। शार्ट सर्किट घटना की वजह बनी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी आने से पहले आग बुझाई जा चुकी थी। कमरे में शर्ट कपड़े व कुछ अन्य सामान जलकर खाक हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
इनवर्टर और बैटरी सहित सर्जरी का सामान भी जला
जानकारी के अनुसार ओटी में दो लोग थे। शनिवार-रविवार आधी रात के बाद करीब सवा एक बजे ओटी के कमरे में आग लगी। आग लगने से अस्पताल में एटीएम की तरफ प्रथम तल पर ओटी के कमरे से धुआं निकलता दिखाई देने लगा। ड्यूटी पर घूम रहे चौकी पुलिस कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग कर्मी भी वहां आ गए। ओटी पूरी तरह धुएं से भरा था। तब तक भीतर मौजूद स्टाफ सो रहा था। बालकनी की तरफ खुलने वाले ओटी के शीशे तोड़े गए। उसके बाद मेनगेट तोड़ा गया। कमरे में पड़े कपड़े व सर्जरी का काफी सामान जल चुका था। हालांकि कीमती उपकरणों को बचा लिया गया। पहली नजर में यह मामला शार्ट सर्किट का प्रतीत हुआ। पुलिसकर्मी सुरेंद्र व सतीश के अनुसार यदि समय पर आग नहीं बुझाई गई होती तो जानमाल का भी नुकसान हो सकता था। आग जनी में इनवर्टर और बैटरी भी पूरी तरह से जलकर रखा हो गए।
बायोमेडिकल वेस्ट से पकड़ी आग
ओटी में एकतरफ बायोमेडिकल वेस्ट पड़ा था। शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग यहां तक पहुंची और इसी बायोमेडिकल वेस्ट से आग भभक गई और बुझाने का नाम नहीं लिया। अस्पताल के फायरमैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद 15 फायरइंस्टूमेंट की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक दमकल विभाग की गाड़ी भी पहुंच चुकी थी लेकिन उसकी मदद लेने से पहले आग नियंत्रित हो चुकी थी।
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पहले भी बनी थी, सिक्योरिटी गार्ड स्टाफ सोते मिले थे
कुछ समय पूर्व भी एक व्यक्ति ने रात के समय नागरिक अस्पताल की वीडियो बनाई थी। करीब आधा घंटे वह शख्स सभी वार्ड जिसमें जच्चा-बच्चा, निक्कू वार्ड, महिला, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, कोविड वार्ड में वीडियो बनाता रहा लेकिन एक भी सिक्योरिटी गार्ड और कर्मचारी ड्यूटी पर जागता नहीं मिला था। सभी के कमरे बंद थे और वे गहरी नींद में थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि रात को ड्यूटी पर सोना के लिए ही आना है तो मरीजों को दवा कौन देगा और उनके माल की सुरक्षा कैसे हो पाएगी।
ओटी के कमरे में बीती रात आग लगी है। आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।
- राजेश गोयल, आरएमओ।
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इनवर्टर और बैटरी सहित सर्जरी का सामान भी जला
जानकारी के अनुसार ओटी में दो लोग थे। शनिवार-रविवार आधी रात के बाद करीब सवा एक बजे ओटी के कमरे में आग लगी। आग लगने से अस्पताल में एटीएम की तरफ प्रथम तल पर ओटी के कमरे से धुआं निकलता दिखाई देने लगा। ड्यूटी पर घूम रहे चौकी पुलिस कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग कर्मी भी वहां आ गए। ओटी पूरी तरह धुएं से भरा था। तब तक भीतर मौजूद स्टाफ सो रहा था। बालकनी की तरफ खुलने वाले ओटी के शीशे तोड़े गए। उसके बाद मेनगेट तोड़ा गया। कमरे में पड़े कपड़े व सर्जरी का काफी सामान जल चुका था। हालांकि कीमती उपकरणों को बचा लिया गया। पहली नजर में यह मामला शार्ट सर्किट का प्रतीत हुआ। पुलिसकर्मी सुरेंद्र व सतीश के अनुसार यदि समय पर आग नहीं बुझाई गई होती तो जानमाल का भी नुकसान हो सकता था। आग जनी में इनवर्टर और बैटरी भी पूरी तरह से जलकर रखा हो गए।
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बायोमेडिकल वेस्ट से पकड़ी आग
ओटी में एकतरफ बायोमेडिकल वेस्ट पड़ा था। शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग यहां तक पहुंची और इसी बायोमेडिकल वेस्ट से आग भभक गई और बुझाने का नाम नहीं लिया। अस्पताल के फायरमैन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद 15 फायरइंस्टूमेंट की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक दमकल विभाग की गाड़ी भी पहुंच चुकी थी लेकिन उसकी मदद लेने से पहले आग नियंत्रित हो चुकी थी।
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पहले भी बनी थी, सिक्योरिटी गार्ड स्टाफ सोते मिले थे
कुछ समय पूर्व भी एक व्यक्ति ने रात के समय नागरिक अस्पताल की वीडियो बनाई थी। करीब आधा घंटे वह शख्स सभी वार्ड जिसमें जच्चा-बच्चा, निक्कू वार्ड, महिला, जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, कोविड वार्ड में वीडियो बनाता रहा लेकिन एक भी सिक्योरिटी गार्ड और कर्मचारी ड्यूटी पर जागता नहीं मिला था। सभी के कमरे बंद थे और वे गहरी नींद में थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि रात को ड्यूटी पर सोना के लिए ही आना है तो मरीजों को दवा कौन देगा और उनके माल की सुरक्षा कैसे हो पाएगी।
ओटी के कमरे में बीती रात आग लगी है। आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।
- राजेश गोयल, आरएमओ।