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Ambala News: दीर्घवृत्त का क्षेत्रफल निकालने में छात्रों को करनी पड़ी मशक्कत
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गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद
- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 12वीं के विद्यार्थियों ने दी गणित की परीक्षा (वक्र)
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 12वीं के विद्यार्थियों ने मंगलवार को गणित की परीक्षा दी। प्रश्न-पत्र में 38 प्रश्न पूछे गए थे, पूरे पेपर को पांच खंडों में विभाजित किया गया था। मैट्रिक्स और डिफरेंशियल इक्वेशन की घात से संबंधित प्रश्न सरल थे। अभिकथन और कारण आधारित प्रश्नों ने छात्रों की वैचारिकता को परखा। कैलकुलस, इंटीग्रेशन में प्रश्नों ने गणना में अधिक समय लिया।
लघुतम दूरी ज्ञात करने का प्रश्न पूछा गया, केस स्टडी आधारित प्रश्न ठीक रहे। इसमें एल्युमिनियम शीट से संदूक बनाने और डॉक्टर के अस्पताल पहुंचने की संभावना पर आधारित व्यावहारिक प्रश्न पूछे गए। वहीं कर्व (वक्र) और इलिप्स (दीर्घवृत्त) का क्षेत्रफल निकालने वाले प्रश्नों ने छात्रों की परीक्षा ली।
परीक्षा के बाद बाहर निकले कुछ छात्रों ने पेपर को संतुलित बताया तो कुछ ने प्रश्न पत्र का स्तर औसत से कठिन बताया। इस परीक्षा के लिए 4795 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4697 ने परीक्षा दी, वहीं 98 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
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इंटीग्रेशन के सवाल आए कठिन
भविष्य ने बताया कि पेपर का शुरुआती हिस्सा काफी आसान था। मैट्रिक्स और डिफरेंशियल इक्वेशन के घात वाले सवाल तो चुटकियों में हो गए लेकिन इंटीग्रेशन के सवालों ने काफी पसीना छुड़ाया। समय का प्रबंधन करना मुश्किल रहा फिर भी उम्मीद है कि अच्छे अंक आ जाएंगे।
चुनाैती का किया सामना
शिल्पा ने बताया कि पेपर औसत से कठिन के बीच था। सेट-डी में तार्किक प्रश्नों का दबदबा दिखा। विशेष रूप से कर्व और इलिप्स का क्षेत्रफल निकालने वाले सवाल थोड़े घुमावदार थे लेकिन चुनौतीपूर्ण का सामना किया।
सवालों की गणना में सावधानी बरती
कपिल ने बताया कि सवालों की गणना में काफी सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि, शॉर्टेस्ट डिस्टेंस वाला प्रश्न हर साल की तरह इस बार भी मददगार रहा जिससे स्कोरिंग में आसानी होगी।
गणित किताबों तक सीमित नहीं
सृष्टि ने बताया कि एल्युमिनियम शीट से संदूक बनाने वाला मैक्सिमा-मिनिमा का प्रश्न और बेयस थ्योरम पर आधारित डॉक्टर वाला सवाल वाकई यह बताते हैं कि गणित सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। यह प्रश्न स्कोरिंग भी थे और समझने में आसान भी।
कुछ गणनाएं विस्तृत थीं
रिया ने बताया कि पेपर काफी हद तक पिछले वर्षों के पैटर्न पर ही था, बस कुछ कैलकुलेशन लंबी थीं। अभिकथन और कारण वाले सवालों ने सोचने पर मजबूर कर दिया।
वेक्टर अलजेब्रा के सवाल रहे सरल
मेघा ने बताया कि 24 पृष्ठों का प्रश्न पत्र देखकर पहले तो थोड़ा डर लगा लेकिन वेक्टर अलजेब्रा के सीधे सवालों ने आत्मविश्वास बढ़ा दिया। कुल मिलाकर पेपर संतुलित था
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 12वीं के विद्यार्थियों ने मंगलवार को गणित की परीक्षा दी। प्रश्न-पत्र में 38 प्रश्न पूछे गए थे, पूरे पेपर को पांच खंडों में विभाजित किया गया था। मैट्रिक्स और डिफरेंशियल इक्वेशन की घात से संबंधित प्रश्न सरल थे। अभिकथन और कारण आधारित प्रश्नों ने छात्रों की वैचारिकता को परखा। कैलकुलस, इंटीग्रेशन में प्रश्नों ने गणना में अधिक समय लिया।
लघुतम दूरी ज्ञात करने का प्रश्न पूछा गया, केस स्टडी आधारित प्रश्न ठीक रहे। इसमें एल्युमिनियम शीट से संदूक बनाने और डॉक्टर के अस्पताल पहुंचने की संभावना पर आधारित व्यावहारिक प्रश्न पूछे गए। वहीं कर्व (वक्र) और इलिप्स (दीर्घवृत्त) का क्षेत्रफल निकालने वाले प्रश्नों ने छात्रों की परीक्षा ली।
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परीक्षा के बाद बाहर निकले कुछ छात्रों ने पेपर को संतुलित बताया तो कुछ ने प्रश्न पत्र का स्तर औसत से कठिन बताया। इस परीक्षा के लिए 4795 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4697 ने परीक्षा दी, वहीं 98 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
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इंटीग्रेशन के सवाल आए कठिन
भविष्य ने बताया कि पेपर का शुरुआती हिस्सा काफी आसान था। मैट्रिक्स और डिफरेंशियल इक्वेशन के घात वाले सवाल तो चुटकियों में हो गए लेकिन इंटीग्रेशन के सवालों ने काफी पसीना छुड़ाया। समय का प्रबंधन करना मुश्किल रहा फिर भी उम्मीद है कि अच्छे अंक आ जाएंगे।
चुनाैती का किया सामना
शिल्पा ने बताया कि पेपर औसत से कठिन के बीच था। सेट-डी में तार्किक प्रश्नों का दबदबा दिखा। विशेष रूप से कर्व और इलिप्स का क्षेत्रफल निकालने वाले सवाल थोड़े घुमावदार थे लेकिन चुनौतीपूर्ण का सामना किया।
सवालों की गणना में सावधानी बरती
कपिल ने बताया कि सवालों की गणना में काफी सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि, शॉर्टेस्ट डिस्टेंस वाला प्रश्न हर साल की तरह इस बार भी मददगार रहा जिससे स्कोरिंग में आसानी होगी।
गणित किताबों तक सीमित नहीं
सृष्टि ने बताया कि एल्युमिनियम शीट से संदूक बनाने वाला मैक्सिमा-मिनिमा का प्रश्न और बेयस थ्योरम पर आधारित डॉक्टर वाला सवाल वाकई यह बताते हैं कि गणित सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। यह प्रश्न स्कोरिंग भी थे और समझने में आसान भी।
कुछ गणनाएं विस्तृत थीं
रिया ने बताया कि पेपर काफी हद तक पिछले वर्षों के पैटर्न पर ही था, बस कुछ कैलकुलेशन लंबी थीं। अभिकथन और कारण वाले सवालों ने सोचने पर मजबूर कर दिया।
वेक्टर अलजेब्रा के सवाल रहे सरल
मेघा ने बताया कि 24 पृष्ठों का प्रश्न पत्र देखकर पहले तो थोड़ा डर लगा लेकिन वेक्टर अलजेब्रा के सीधे सवालों ने आत्मविश्वास बढ़ा दिया। कुल मिलाकर पेपर संतुलित था

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद

गणित की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद