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पांच साल से नहीं हुई फीस अदायगी, मुफ्त पढ़ाना संभव नहीं
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जिला उप जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते निजी स्कूल संचालक।
- फोटो : Ambala
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134-ए के तहत मांगे गए आवेदनों के खिलाफ निजी स्कूल संचालकों ने सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। स्कूल संचालकों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि पिछले पांच साल से सरकार ने फीस की अदायगी नहीं की है, ऐसे में वह इस साल बच्चों को मुफ्त पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं।
सरकार कोरोना काल के दौरान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे निजी स्कूल संचालकों को 134-ए के नाम पर एक और आर्थिक मार देने को तैयार है। एचपीएससी के प्रदेश उपप्रधान प्रशांत मुंजाल ने कहा कि सरकार ने 134-ए को मजाक बना दिया है। कुछ महीने पहले सरकार की तरफ से मैसेज दिया गया था कि 134-ए के तहत दाखिला केवल मॉडल संस्कृति विद्यालयों में दिए जाएंगे।
साथ ही सरकार ने कहा था कि निजी स्कूलों का रुका हुआ पैसा जल्द दे दिया जाएगा। जो अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को समय पर फीस का भुगतान किया जाए। वहीं आय प्रमाणपत्र सही बने और टेस्ट भी ठीक से लें, फिर स्कूल संचालकों को दाखिला देने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी में कई खामियां हैं।
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आईपीएसएस के प्रधान सौरभ कपूर और एचपीएससी के अंबाला प्रधान राजीव कुमार मेहता ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि पिछले पांच साल से बच्चों को पढ़ाने की एवज में मिलने वाली फीस का भुगतान जल्द किया जाए।
निजी स्कूल संचालक मिलने आए थे। उनकी मांग है कि पिछले पांच सालों में जिन बच्चों को पढ़ाया था, उनकी फीस जल्द दी जाए। वहीं यदि कोई गलत आय प्रमाणपत्र देता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। सभी को कहा गया है कि जिनका भुगतान नहीं हुआ है, वे दोबारा निवेदन भेजें। इस संबंध में डायरेक्टर ऑफिस को लिखा जाएगा।
-मीना राठी, उप जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला
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सरकार कोरोना काल के दौरान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे निजी स्कूल संचालकों को 134-ए के नाम पर एक और आर्थिक मार देने को तैयार है। एचपीएससी के प्रदेश उपप्रधान प्रशांत मुंजाल ने कहा कि सरकार ने 134-ए को मजाक बना दिया है। कुछ महीने पहले सरकार की तरफ से मैसेज दिया गया था कि 134-ए के तहत दाखिला केवल मॉडल संस्कृति विद्यालयों में दिए जाएंगे।
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साथ ही सरकार ने कहा था कि निजी स्कूलों का रुका हुआ पैसा जल्द दे दिया जाएगा। जो अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को समय पर फीस का भुगतान किया जाए। वहीं आय प्रमाणपत्र सही बने और टेस्ट भी ठीक से लें, फिर स्कूल संचालकों को दाखिला देने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी में कई खामियां हैं।
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आईपीएसएस के प्रधान सौरभ कपूर और एचपीएससी के अंबाला प्रधान राजीव कुमार मेहता ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि पिछले पांच साल से बच्चों को पढ़ाने की एवज में मिलने वाली फीस का भुगतान जल्द किया जाए।
निजी स्कूल संचालक मिलने आए थे। उनकी मांग है कि पिछले पांच सालों में जिन बच्चों को पढ़ाया था, उनकी फीस जल्द दी जाए। वहीं यदि कोई गलत आय प्रमाणपत्र देता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। सभी को कहा गया है कि जिनका भुगतान नहीं हुआ है, वे दोबारा निवेदन भेजें। इस संबंध में डायरेक्टर ऑफिस को लिखा जाएगा।
-मीना राठी, उप जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला