{"_id":"660f0dc33edb5a2a1b00e027","slug":"farmers-laborers-and-commission-agents-worried-varun-chaudhary-ambala-news-c-36-1-amb1001-120974-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान, मजदूर व आढ़ती परेशान : वरुण चौधरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान, मजदूर व आढ़ती परेशान : वरुण चौधरी
Fri, 05 Apr 2024 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 05 Apr 2024 01:59 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेेंसी
बराड़ा। मुलाना विधायक वरुण चौधरी वीरवार को मंडी में फसल खरीद का जायजा लेने के लिए पहुंचे। उन्होंने किसानों, आढ़तियों व मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानकारी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मंडी में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से किसान, मजदूर और आढ़ती सभी परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि सरसों की फसल की खरीद सरकार की ओर से एजेंसियों के माध्यम से शुरू की गई है। खरीद करने के लिए मंडियों में सुविधा उपलब्ध करवाने के बड़े-बड़े दावे किए गए हैं। वहीं हकीकत में किसानों की फसल की खरीद के लिए एजेंसियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
इसके अलावा जो एजेंसी फसल की खरीद कर रही है, उसके पास फसल साफ करने की कोई मशीन नहीं है औ न ही लेबर, बिजली कनेक्शन, वजन करने के लिए कांटा आदि। एजेंसियों ने सारा सामान आढ़तियों से उधार लिया है। आढ़तियों को इसके बदले कोई कमीशन नहीं दी जा रही है और न ही मजदूरों को उनके मेहनताना देने की समय सीमा निर्धारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बराड़ा। मुलाना विधायक वरुण चौधरी वीरवार को मंडी में फसल खरीद का जायजा लेने के लिए पहुंचे। उन्होंने किसानों, आढ़तियों व मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानकारी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मंडी में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से किसान, मजदूर और आढ़ती सभी परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि सरसों की फसल की खरीद सरकार की ओर से एजेंसियों के माध्यम से शुरू की गई है। खरीद करने के लिए मंडियों में सुविधा उपलब्ध करवाने के बड़े-बड़े दावे किए गए हैं। वहीं हकीकत में किसानों की फसल की खरीद के लिए एजेंसियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा जो एजेंसी फसल की खरीद कर रही है, उसके पास फसल साफ करने की कोई मशीन नहीं है औ न ही लेबर, बिजली कनेक्शन, वजन करने के लिए कांटा आदि। एजेंसियों ने सारा सामान आढ़तियों से उधार लिया है। आढ़तियों को इसके बदले कोई कमीशन नहीं दी जा रही है और न ही मजदूरों को उनके मेहनताना देने की समय सीमा निर्धारित है।
विज्ञापन