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झमाझम बारिश से बेबस हुए किसान, फिर भीगा धान
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अंबाला सिटी की अनाज मंडी में रविवार को हुई झमाझम बारिश में भीगता धान। फोटो: मोहन सैनी।
- फोटो : Ambala
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जिले में हुई झमाझम बारिश ने किसानों की मुश्किलें फिर से बढ़ा दी हैं। रविवार को हुई बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही समय में सिटी की अनाज मंडी में पड़ी धान की बोरियां भीग गई। जिसे देख किसानों की धड़कने भी तेज हो गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 13 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
बारिश आते ही मजदूरों ने बोरियों को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया, लेकिन वे पूरी तरह विफल रहे। बारिश से किसानों की छह माह की मेहनत पर पानी फिर गया। बता दें कि किसान अनाज मंडी मेें प्रतिदिन धान लेकर पहुंच रहे हैं। जिस समय बारिश आई उस समय भी किसान फसल लेकर मंडी में आ रहे थे। बारिश के कारण ट्रॉली में लदी धान में भी पानी भर गया।
करीब 24 एकड़ में धान लगाया था। अभी 14 एकड़ की फसल खेतों मेें खड़ी है। बारिश की वजह से धान खराब होने की पूरी आशंका है। शुरुआती दौर में पर्याप्त पानी न होने के कारण धान की रोपाई में देरी हो गई थी। अब मौसम खराब होने के कारण फसलें देरी से तैयार हुई है।
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- विक्रम जीत सिंह, किसान बलाना निवासी।
धान की 22 एकड़ में रोपाई की गई थी। करीब 7 एकड़ फसल खेत में है। 5 ट्रॉलियां गांव में भरी खड़ी हैं। सिटी अनाज मंडी में पोर्टल न चलने के कारण भी किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान घंटों पोर्टल रूम के बाहर खड़े रहते हैं। कर्मचारी बोलते हैं कि इंटरनेट सेवा सही नहीं है।
- रणजीत सिंह, किसान बेड़सां निवासी।
करीब 8 एकड़ में धान की रोपाई करवाई थी। पूरी फसल मंडी में आ चुकी है। अब गेहूं बुआई की तैयारी चल रही है, लेकिन सरकार के पास न तो डीएपी खाद है और न ही गेहूं का बीज है। पिछले साल 25 अक्टूबर को किसान गेहूं की बुआई शुरू कर चुकें थे। इस बार देरी हो सकती है।
-जयपाल सिंह, किसान मुजर्फा निवासी।
किसानों की 40 प्रतिशत धान खेतों में है। मौसम के खराब होने के कारण किसान बहुत परेशान हैं। बीते साल 27 अक्तूबर तक किसानों की धान 100 प्रतिशत आ चुकी थी। इस बार सरकार की ओर से खरीदारी में देरी के कारण किसानों को दिक्कतें आ रही हैं।
प्रवीन गुप्ता आढ़ती, अंबाला सिटी।
अंबाला सिटी की अनाज मंडी पंजाब के किसानों पर निर्भर थी। सरकार की ओर से पंजाब के किसानों का धान यहां पर नहीं खरीदा जाता। यदि पंजाब की बात करें तो सिटी अनाज मंडी में 70 प्रतिशत किसान पंजाब का है। सरकार द्वारा इस बार धान की खरीद देरी से शुरू की गई है।
- भारत भूषण अग्रवाल, आढ़ती अंबाला सिटी।
सरकार की नीतियों का खामियाजा किसान को भुगतना पड़ रहा है। किसान को सही समय पर रोपाई के दौरान बिजली पर्याप्त नहीं मिलती। दूसरा किसानों को घंटों मंडी के गेटपास के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। किसान अपनी मेहनत की कमाई को लेकर सड़कों पर ही रात गुजरने को मजबूर रहता है।
-कुलदीप सांगवान, आढ़ती अंबाला सिटी।
बारिश के दौरान यदि धान के बैग भीग गए हैं तो उस स्थिति में किसान का कोई नुकसान नहीं है। व्यवस्था देखना आढ़ती की जिम्मेदारी बनती है। हैफेड की ओर से भीगा हुआ धान नहीं उठाया जाएगा।
-दिलेर सिंह, हैफेड मनेजर, अंबाला सिटी।
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बारिश आते ही मजदूरों ने बोरियों को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया, लेकिन वे पूरी तरह विफल रहे। बारिश से किसानों की छह माह की मेहनत पर पानी फिर गया। बता दें कि किसान अनाज मंडी मेें प्रतिदिन धान लेकर पहुंच रहे हैं। जिस समय बारिश आई उस समय भी किसान फसल लेकर मंडी में आ रहे थे। बारिश के कारण ट्रॉली में लदी धान में भी पानी भर गया।
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करीब 24 एकड़ में धान लगाया था। अभी 14 एकड़ की फसल खेतों मेें खड़ी है। बारिश की वजह से धान खराब होने की पूरी आशंका है। शुरुआती दौर में पर्याप्त पानी न होने के कारण धान की रोपाई में देरी हो गई थी। अब मौसम खराब होने के कारण फसलें देरी से तैयार हुई है।
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- विक्रम जीत सिंह, किसान बलाना निवासी।
धान की 22 एकड़ में रोपाई की गई थी। करीब 7 एकड़ फसल खेत में है। 5 ट्रॉलियां गांव में भरी खड़ी हैं। सिटी अनाज मंडी में पोर्टल न चलने के कारण भी किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान घंटों पोर्टल रूम के बाहर खड़े रहते हैं। कर्मचारी बोलते हैं कि इंटरनेट सेवा सही नहीं है।
- रणजीत सिंह, किसान बेड़सां निवासी।
करीब 8 एकड़ में धान की रोपाई करवाई थी। पूरी फसल मंडी में आ चुकी है। अब गेहूं बुआई की तैयारी चल रही है, लेकिन सरकार के पास न तो डीएपी खाद है और न ही गेहूं का बीज है। पिछले साल 25 अक्टूबर को किसान गेहूं की बुआई शुरू कर चुकें थे। इस बार देरी हो सकती है।
-जयपाल सिंह, किसान मुजर्फा निवासी।
किसानों की 40 प्रतिशत धान खेतों में है। मौसम के खराब होने के कारण किसान बहुत परेशान हैं। बीते साल 27 अक्तूबर तक किसानों की धान 100 प्रतिशत आ चुकी थी। इस बार सरकार की ओर से खरीदारी में देरी के कारण किसानों को दिक्कतें आ रही हैं।
प्रवीन गुप्ता आढ़ती, अंबाला सिटी।
अंबाला सिटी की अनाज मंडी पंजाब के किसानों पर निर्भर थी। सरकार की ओर से पंजाब के किसानों का धान यहां पर नहीं खरीदा जाता। यदि पंजाब की बात करें तो सिटी अनाज मंडी में 70 प्रतिशत किसान पंजाब का है। सरकार द्वारा इस बार धान की खरीद देरी से शुरू की गई है।
- भारत भूषण अग्रवाल, आढ़ती अंबाला सिटी।
सरकार की नीतियों का खामियाजा किसान को भुगतना पड़ रहा है। किसान को सही समय पर रोपाई के दौरान बिजली पर्याप्त नहीं मिलती। दूसरा किसानों को घंटों मंडी के गेटपास के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। किसान अपनी मेहनत की कमाई को लेकर सड़कों पर ही रात गुजरने को मजबूर रहता है।
-कुलदीप सांगवान, आढ़ती अंबाला सिटी।
बारिश के दौरान यदि धान के बैग भीग गए हैं तो उस स्थिति में किसान का कोई नुकसान नहीं है। व्यवस्था देखना आढ़ती की जिम्मेदारी बनती है। हैफेड की ओर से भीगा हुआ धान नहीं उठाया जाएगा।
-दिलेर सिंह, हैफेड मनेजर, अंबाला सिटी।

अंबाला सिटी में हुई बरसात के बाद अंनाज मंडी में भीगा धान।- फोटो : Ambala

अंबाला सिटी अनाज मंडी में बारिश से पहले धान को तिरपाल से ढकता पल्लेदार।- फोटो : Ambala