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Ambala News: आश्वासन पर धरने से उठे किसान, आज बैठक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 12:38 AM IST
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Farmers ended their protest after getting assurance, meeting today
हेमामाजरा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे धरना देते किसान । संवाद
मुलाना। हेमामाजरा में मारकंडा नदी पर पटरी निर्माण की मांग के लिए रविवार को हेमामाजरा, तंदवाल, घेलड़ी, सोहाना सहित आसपास के गांवों के किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 344 किनारे हेमामाजरा गांव के मोड़ पर सांकेतिक धरना दिया।
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इस दौरान किसानों का साथ देने के लिए भारतीय किसान यूनियन भी धरने में शामिल हुई। धरने के बाद जब प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो किसानों ने हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार साहा हरि ओम मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों ने आपसी सर्वसम्मति से फैसला लिया कि अगर प्रशासन पटरी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाता तो भाजपा की पूर्व विधायक संतोष सारवान के निवास स्थान पर धरना दिया जाएगा। तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त किया कि हेमामाजरा में मारकंडा नदी के पानी को गांवों में घुसने से रोकने के लिए अस्थायी प्रबंध का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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इसके साथ ही सोमवार को बराड़ा के एसडीएम कार्यालय में अधिकारियों और किसानों की बैठक भी आयोजित की जाएगी। डीएसपी बराड़ा ने सिंचाई विभाग एसई के साथ किसानों की स्पीकर ऑन कर बात कराई। इस दौरान मौके पर डीएसपी बराड़ा सुरेश कौशिक, मुलाना थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
किसानों के साथ आमजन के लिए भी समस्या
धरने में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह ने कहा कि यह समस्या केवल किसानों की नहीं, बल्कि आमजन की भी है। हर वर्ष बरसात के समय नदी का पानी गांवों में घुसकर फसलें तबाह करता है। उन्होंने कहा कि यूनियन ग्रामीणों के साथ है। अगर जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

जमीन देने को तैयार, फिर भी समाधान नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि पटरी निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन की जरूरत है, वे पहले ही निशुल्क जमीन देने को तैयार हो चुके हैं। लेकिन प्रशासन की इच्छा अनुसार प्रशासन के साथ भूमि अधिग्रहण को लेकर बातचीत भी हो चुकी है, जिसमें प्रति एकड़ करीब 40 लाख रुपये मुआवजा तय किया गया था। इसके बावजूद अब तक सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं और कार्य शुरू नहीं हुआ। रविवार को धरने में मनदीप बोपाराय, अशविन्द्र सिंह, कमलदीप सिंह, भाकियू युवा जिलाध्यक्ष गुलाब पुनिया, आईटी सैल प्रधान सुखविंदर सैनी सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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