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Ambala News: उपायुक्त कार्यालय पर गरजे किसान
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अंबाला सिटी। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सूरजमुखी फसल के पंजीकरण को सत्यापित करने समेत कई मांगों के लिए किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी व जय सिंह जलबेड़ा के नेतृत्व में किसान यहां पहुंचे। किसानों ने अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. विवेक भारती को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा और सरकार से मांग की कि पोर्टल पर सूरजमुखी के पंजीकरण को सत्यापित किया जाए। अगर सरकार दो दिन में पोर्टल पर फसल को सत्यापित नहीं करती तो इसके लिए उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन के लिए आगामी रणनीति बनाई जाएगी। किसानों का कहना है कि एक तरफ फसलों के पंजीकरण में परेशान आ रही है वहीं, फसलों का सत्यापन भी ठीक से नहीं किया जा रहा है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सूरजमुखी के पंजीकरण में आ रही है। पंजीकरण सही तरीके से नहीं चल रहा और कुछ पंजीकरण भी रह गए हैं। किसी किसान की फसल सत्यापित नहीं हो रही है। उनकी पांच एकड़ फसल तो सत्यापित कर दी है मगर पांच एकड़ को सत्यापित नहीं किया है। सरकार से मांग है कि किसानों की फसल का पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं और जिसका पंजीकरण हो गया है, उनका सत्यापन कर सूरजमुखी खरीदा जाए।
टोनी, किसान, गांव सुल्लर
उनकी साढ़े तीन एकड़ में सूरजमुखी थी, जिसका सत्यापन भी पूरा हो चुका था। कुल 27 क्विंटल सूरजमुखी थी मगर उनके पास भुगतान महज आठ क्विंटल का ही आया है। उनका एक एकड़ पोर्टल पर रह गया और बाकी को डिलीट कर दिया। इसे जल्द ठीक किया जाए।
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जसविंद्र सिंह, किसान, गांव जटवाड़
पोर्टल पर सूरजमुखी का पंजीकरण हुआ था। आठ क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से पांच एकड़ में सूरजमुखी थी। पहले पोर्टल पर 31.75 क्विंटल की थी अब पंजीकरण के बाद पोर्टल को जीरो कर दिया। अधिकारी कहते हैं कि खेतों में सूरजमुखी नहीं है। उनकी मांग है कि सभी किसानों की सुरजमुखी को पोर्टल पर चढ़ाया जाए। सरकार फसल की गिरदावरी करे।
गुरतेग सिंह, किसान, गांव रछेड़ी
कोट्स
पोर्टल पर किसानों ने सूरजमुखी की फसल दर्ज करवाई थी। कुछ किसानों का पहले पोर्टल पर 27 क्विंटल दर्शाया गया, अब उनका महज आठ क्विंटल दर्शाया जा रहा है। कई किसानों का पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है। उन किसानों का पंजीकरण करने के लिए दो दिन के लिए पोर्टल खोला जाए। जिन किसानों की पोर्टल पर जानबूझकर सूरजमुखी काटी गई है, उनको ठीक करवाया जाए ताकि किसानों का गेट पास कट सके और उनकी सूरजमुखी बिक सके। जिन किसानों की पोर्टल पर सूरजमुखी की फसल चढ़ी है, उनका सत्यापन किया जाए। सरकार से मांग है कि इस समस्या का समाधान दो दिन में करें, क्योंकि बारिश का मौसम भी हो रहा है। जिससे किसानों को मंडियों में दिक्कत झेलनी पड़ रही है। अगर जल्द समाधान नहीं होता तो किसान उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
गुरमीत सिंह, जिला प्रधान, भारतीय किसान यूनियन, शहीद भगत सिंह
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सबसे ज्यादा दिक्कत मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सूरजमुखी के पंजीकरण में आ रही है। पंजीकरण सही तरीके से नहीं चल रहा और कुछ पंजीकरण भी रह गए हैं। किसी किसान की फसल सत्यापित नहीं हो रही है। उनकी पांच एकड़ फसल तो सत्यापित कर दी है मगर पांच एकड़ को सत्यापित नहीं किया है। सरकार से मांग है कि किसानों की फसल का पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं और जिसका पंजीकरण हो गया है, उनका सत्यापन कर सूरजमुखी खरीदा जाए।
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टोनी, किसान, गांव सुल्लर
उनकी साढ़े तीन एकड़ में सूरजमुखी थी, जिसका सत्यापन भी पूरा हो चुका था। कुल 27 क्विंटल सूरजमुखी थी मगर उनके पास भुगतान महज आठ क्विंटल का ही आया है। उनका एक एकड़ पोर्टल पर रह गया और बाकी को डिलीट कर दिया। इसे जल्द ठीक किया जाए।
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जसविंद्र सिंह, किसान, गांव जटवाड़
पोर्टल पर सूरजमुखी का पंजीकरण हुआ था। आठ क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से पांच एकड़ में सूरजमुखी थी। पहले पोर्टल पर 31.75 क्विंटल की थी अब पंजीकरण के बाद पोर्टल को जीरो कर दिया। अधिकारी कहते हैं कि खेतों में सूरजमुखी नहीं है। उनकी मांग है कि सभी किसानों की सुरजमुखी को पोर्टल पर चढ़ाया जाए। सरकार फसल की गिरदावरी करे।
गुरतेग सिंह, किसान, गांव रछेड़ी
कोट्स
पोर्टल पर किसानों ने सूरजमुखी की फसल दर्ज करवाई थी। कुछ किसानों का पहले पोर्टल पर 27 क्विंटल दर्शाया गया, अब उनका महज आठ क्विंटल दर्शाया जा रहा है। कई किसानों का पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है। उन किसानों का पंजीकरण करने के लिए दो दिन के लिए पोर्टल खोला जाए। जिन किसानों की पोर्टल पर जानबूझकर सूरजमुखी काटी गई है, उनको ठीक करवाया जाए ताकि किसानों का गेट पास कट सके और उनकी सूरजमुखी बिक सके। जिन किसानों की पोर्टल पर सूरजमुखी की फसल चढ़ी है, उनका सत्यापन किया जाए। सरकार से मांग है कि इस समस्या का समाधान दो दिन में करें, क्योंकि बारिश का मौसम भी हो रहा है। जिससे किसानों को मंडियों में दिक्कत झेलनी पड़ रही है। अगर जल्द समाधान नहीं होता तो किसान उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
गुरमीत सिंह, जिला प्रधान, भारतीय किसान यूनियन, शहीद भगत सिंह