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तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में ट्रैक्टरों से निकले किसान
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जिले के किसानों ने सोमवार को ट्रैक्टर पर काले झंडे लगाकर विरोध निकालते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल हजारों किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष जताया। इस दौरान किसानों ने शहर और नारायणगढ़ के एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और जारी किए गए कृषि अध्यादेशों को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा डीजल की कीमतों में कटौती करने के लिए कहा।
सुबह 10 बजे से ही शहर के गांव बलाना में किसानों ने आना शुरू कर दिया था और सड़क के किनारे ट्रैक्टर लगाकर विरोध जताया। जिसके बाद किसान ट्रैक्टर रैली निकालते हुए शहर के एसडीएम कार्यालय पहुंचे जहां एसडीएम गौरी मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा। ऐसे ही कड़ासन के धरना स्थल से नारायणगढ़ एसडीएम अदिति को किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत करवाया। इस दौरान व्यवस्था संभालने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि अध्यादेश लागू किए हैं। जो कि सीधे तौर पर किसान विरोधी है और इन तीनो अध्यादेशों को सरकार ने बिना किसानों की राय लिया लागू किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एपीएमसी एक्ट में बदलाव कर हरियाणा में बनी अनाज मंडियों से बाहर व्यापारियों को फसल खरीदने की छूट दी है। जिससे मंडीकरण ढांचा पूरी तरह टूट जाएगा। इससे लाखों की संख्या में मंडियों में काम करने वाले मजदूर, मुनीम, आढ़ती की रोजी रोटी पर संकट आ जाएगा। वहीं पूंजीपती कंपनियां किसानों की फसल को कम दाम पर खरीद कर उनका शोषण करेगी। क्योंकि अध्यादेशों में सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीदने की कोई गांरटी नहीं दी है। साथ ही कहा कि एस्टेसिंशयल कॉमूडिटी एक्ट 1955 के तहत सरकार ने आलू प्याज, दलहन, तिलहन आदि के भंडारण से रोक हटा दी है। जिससे बड़ी कंपनियों को ही फयादा मिलेगा। वहीं तीसरे अध्यादेश में सरकार ने कांट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है। जिससे किसान अपनी ही जमीन पर कंपनियों के मजदूर बन कर रह जाएंगे। इसके साथ ही अन्य मांगों के बारे में भी बताया। पूर्व विधायक एवं सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी चौधरी जसबीर मलौर ने भी किसानों का समर्थन किया। किसान यूनियन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में अपनी मांगो को लेकर एसडीएम अंबाला को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर गुलाब सिंह, रोहित जैन, बिंद्र जलबेड़ा, जय सिंह जलबेड़ा, प्रीतम सिंह माजरी, बलजिदंर बलाना, राजबीर काला भी मौजूद रहे।
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सुबह 10 बजे से ही शहर के गांव बलाना में किसानों ने आना शुरू कर दिया था और सड़क के किनारे ट्रैक्टर लगाकर विरोध जताया। जिसके बाद किसान ट्रैक्टर रैली निकालते हुए शहर के एसडीएम कार्यालय पहुंचे जहां एसडीएम गौरी मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा। ऐसे ही कड़ासन के धरना स्थल से नारायणगढ़ एसडीएम अदिति को किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत करवाया। इस दौरान व्यवस्था संभालने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
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भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि अध्यादेश लागू किए हैं। जो कि सीधे तौर पर किसान विरोधी है और इन तीनो अध्यादेशों को सरकार ने बिना किसानों की राय लिया लागू किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एपीएमसी एक्ट में बदलाव कर हरियाणा में बनी अनाज मंडियों से बाहर व्यापारियों को फसल खरीदने की छूट दी है। जिससे मंडीकरण ढांचा पूरी तरह टूट जाएगा। इससे लाखों की संख्या में मंडियों में काम करने वाले मजदूर, मुनीम, आढ़ती की रोजी रोटी पर संकट आ जाएगा। वहीं पूंजीपती कंपनियां किसानों की फसल को कम दाम पर खरीद कर उनका शोषण करेगी। क्योंकि अध्यादेशों में सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीदने की कोई गांरटी नहीं दी है। साथ ही कहा कि एस्टेसिंशयल कॉमूडिटी एक्ट 1955 के तहत सरकार ने आलू प्याज, दलहन, तिलहन आदि के भंडारण से रोक हटा दी है। जिससे बड़ी कंपनियों को ही फयादा मिलेगा। वहीं तीसरे अध्यादेश में सरकार ने कांट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है। जिससे किसान अपनी ही जमीन पर कंपनियों के मजदूर बन कर रह जाएंगे। इसके साथ ही अन्य मांगों के बारे में भी बताया। पूर्व विधायक एवं सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी चौधरी जसबीर मलौर ने भी किसानों का समर्थन किया। किसान यूनियन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में अपनी मांगो को लेकर एसडीएम अंबाला को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर गुलाब सिंह, रोहित जैन, बिंद्र जलबेड़ा, जय सिंह जलबेड़ा, प्रीतम सिंह माजरी, बलजिदंर बलाना, राजबीर काला भी मौजूद रहे।
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